पूर्व राज्यपाल और शिक्षाविद् पद्मश्री डॉ. डी. वाई. पाटिल का कोल्हापुर में निधन

Dr D Y Patil Former Governor Passes Away: त्रिपुरा, बिहार और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल तथा पद्मश्री डॉ. डी. वाई. पाटिल का 89 वर्ष की आयु में कोल्हापुर में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे। शिक्षा के क्षेत्र में उनके बड़े योगदान और अनेक शिक्षण संस्थानों की स्थापना के लिए उन्हें जाना जाता था। उनके निधन पर देशभर में शोक व्यक्त किया गया।
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शिक्षा और समाजसेवा में अमिट योगदान
Dr D Y Patil Former Governor Passes Away: कोल्हापुर, 4 अगस्त। त्रिपुरा, बिहार और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल तथा प्रख्यात शिक्षाविद् एवं समाजसेवी पद्मश्री डॉ. डी. वाई. पाटिल का मंगलवार को कोल्हापुर में निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे। पिछले कुछ समय से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था और उनका उपचार कोल्हापुर में ही किया जा रहा था।
उनके निधन से शिक्षा, सामाजिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है।
डॉ. पाटिल ने अपने सार्वजनिक जीवन में शिक्षा के क्षेत्र को नई दिशा दी। उन्होंने देशभर में इंजीनियरिंग, मेडिकल, प्रबंधन और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना कर हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर दिया। इसी योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 1991 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया था।
उन्होंने त्रिपुरा, बिहार और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पद पर भी कार्य किया। इस दौरान उन्होंने संवैधानिक मूल्यों, प्रशासनिक पारदर्शिता और जनकल्याण को प्राथमिकता दी।
डॉ. पाटिल के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और गणमान्य व्यक्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उनके योगदान को याद करते हुए कहा गया कि उन्होंने शिक्षा को समाज परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बनाया।
उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार कोल्हापुर में किया जाएगा।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

