Hingoli News: औंढा नागनाथ मंदिर के विकास के लिए 182.83 करोड़ रुपये की योजना, जल्द मिलेगा ‘ए’ श्रेणी धार्मिक स्थल का दर्जा

Aundha Nagnath Temple Development Plan: महाराष्ट्र सरकार ने हिंगोली के औंढा नागनाथ मंदिर के समग्र विकास के लिए 182.83 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। योजना में श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं, पार्किंग, आवास, ड्रेनेज, प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार, हरिहर कुंड का पुनर्विकास और ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण शामिल है। साथ ही मंदिर को जल्द ‘ए’ श्रेणी धार्मिक स्थल का दर्जा मिलने की संभावना है।
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समग्र विकास योजना से बदलेगा मंदिर क्षेत्र
Aundha Nagnath Temple Development Plan: हिंगोली। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित आठवें ज्योतिर्लिंग दारुकावन श्रीक्षेत्र औंढा नागनाथ मंदिर के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार ने 182.83 करोड़ रुपये की विकास योजना तैयार की है। साथ ही इस तीर्थ क्षेत्र को ‘ए’ श्रेणी के धार्मिक स्थल का दर्जा दिलाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।
शुक्रवार को हिंगोली में आयोजित समीक्षा बैठक में यह जानकारी सामने आई। बैठक की अध्यक्षता राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री तथा जिले के पालक मंत्री नरहरी जिरवाल ने की। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर विकास कार्यों में तेज़ी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में सांसद रामराव वडकुते, सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर, विधायक तान्हाजी मुटकुले, संतोष बंगर, चंद्रकांत नवघरे, जिलाधिकारी राहुल गुप्ता और पुलिस अधीक्षक डॉ. श्रेणिक लोढ़ा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पालक मंत्री जिरवाल ने कहा कि सभी विकास कार्य लोक निर्माण विभाग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के समन्वय से कराए जाएंगे, जिससे मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत सुरक्षित रहेगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा और विरासत संरक्षण पर रहेगा विशेष ध्यान
जिलाधिकारी राहुल गुप्ता ने बताया कि योजना के तहत आधुनिक दर्शन कतार व्यवस्था, आवासीय सुविधाएं, विशाल पार्किंग, वीआईपी आवास, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। मंदिर परिसर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी हो चुकी है और विस्थापित दुकानदारों के लिए 56 नई दुकानें बनाने का प्रस्ताव है।
श्रावण माह में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए शीघ्र दर्शन व्यवस्था विकसित की जाएगी। मानसून के दौरान जलभराव रोकने के लिए विशेष ड्रेनेज व्यवस्था भी बनेगी।
इस परियोजना में दारुकावन की पौराणिक पहचान को सजीव करने के लिए स्थानीय प्रजातियों के वृक्ष लगाए जाएंगे। चालुक्यकालीन द्वार और पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर द्वारा स्थापित सुरक्षा स्तंभों का संरक्षण होगा। एक मूर्ति संग्रहालय विकसित होगा, मूल मंदिर के निकट स्थित लगभग 19 प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा तथा हरिहर कुंड का पुनर्विकास और परिसर का सौंदर्यीकरण भी योजना में शामिल है।

