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Ketan Murder Case: मंगेतर सिया का बड़ा खुलासा, ‘बाल नहीं थे, हकलाते थे; इसलिए नहीं करना चाहती थी शादी’

Ketan Murder Case: मंगेतर सिया का बड़ा खुलासा, ‘बाल नहीं थे, हकलाते थे; इसलिए नहीं करना चाहती थी शादी’
Ketan Murder Case: मंगेतर सिया का बड़ा खुलासा, 'बाल नहीं थे, हकलाते थे; इसलिए नहीं करना चाहती थी शादी'

पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में मंगेतर सिया गोयल ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सिया ने दावा किया कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी और इसी वजह से कथित प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।

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Dipali Kumari
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Ketan Murder Case: पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले में हुई हत्या के मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में गिरफ्तार मंगेतर सिया गोयल ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिया ने बताया कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। उसने दावा किया कि केतन के सिर पर बाल नहीं थे और वह विग पहनता था। इसके अलावा वह हकलाता भी था, जो उसे बिल्कुल पसंद नहीं था। पुलिस का कहना है कि मामले की हर बात की गहन जांच की जा रही है और सभी दावों का सत्यापन किया जा रहा है।

केतन से शादी न करने की कई वजह

पूछताछ के दौरान सिया ने बताया कि केतन से शादी न करने की उसके पास कई वजह थीं। पहली वजह यह थी कि वह चेतन चौधरी से प्रेम करती थी। दूसरी वजह केतन का विग पहनना और तीसरी वजह उसका हकलाना था। सिया ने पुलिस को बताया कि उसके परिवार को केतन की इन बातों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने इसे सामान्य मानते हुए शादी तय कर दी थी।

परिवार को दुख नहीं देना चाहती थी

पुलिस ने जब सिया से पूछा कि उसने शादी से इनकार क्यों नहीं किया, तो उसने बताया कि वह अपने परिवार का दिल नहीं दुखाना चाहती थी। सिया के मुताबिक, उसे लगा कि शादी से मना करने के बजाय केतन को रास्ते से हटाना आसान होगा। जांच एजेंसियों के अनुसार, इसी सोच के बाद उसने अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।

ट्रेकिंग के दौरान हादसे का रूप देने की थी योजना

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने हत्या को दुर्घटना दिखाने की योजना बनाई थी। सिया का कथित प्लान था कि ट्रेकिंग के दौरान केतन को खाई में धक्का दे दिया जाएगा, जिससे उसकी मौत एक हादसा लगे। आरोपियों को भरोसा था कि इलाके में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण उन पर किसी को शक नहीं होगा।

पुलिस करेगी क्राइम सीन रीक्रिएट

पुणे ग्रामीण पुलिस अब लोहगढ़ किले पर डमी बॉडी की मदद से क्राइम सीन दोबारा तैयार करेगी। इसका उद्देश्य यह समझना है कि वारदात के समय दोनों आरोपी किस जगह मौजूद थे और हमला किस तरह किया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में मिले अधिकांश सबूत परिस्थितिजन्य हैं, इसलिए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।

सिया के परिवार से भी पूछताछ

पुलिस सिया गोयल के भाई से भी पूछताछ कर रही है। जांचकर्ता यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या सिया ने कभी परिवार के सामने शादी को लेकर आपत्ति जताई थी। वहीं पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद से अब तक सिया से मिलने उसके परिवार का कोई सदस्य नहीं पहुंचा है, जबकि चेतन चौधरी के पिता पुलिस स्टेशन आकर मामले की जानकारी ले चुके हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।