Rashtra Bharat Logo

Telegram की हुई वापसी, NEET परीक्षा के बाद हटाया गया बैन, लेकिन अब भी लगा है ये प्रतिबंध

Telegram की हुई वापसी, NEET परीक्षा के बाद हटाया गया बैन, लेकिन अब भी लगा है ये प्रतिबंध
Telegram की हुई वापसी, NEET परीक्षा के बाद हटाया गया बैन, लेकिन अब भी लगा है ये प्रतिबंध

भारत में अस्थायी प्रतिबंध खत्म होने के बाद टेलीग्राम की गूगल प्ले स्टोर पर वापसी हो गई है। नीट-यूजी परीक्षा को सुरक्षित बनाने के लिए ऐप को कुछ समय के लिए हटाया गया था। अब नए यूजर्स भी इसे डाउनलोड कर सकेंगे, हालांकि सरकार ने कुछ फीचर्स पर फिलहाल प्रतिबंध बनाए रखा है।

Updated:
·by
Dipali Kumari
Dipali Kumari
Share:

विषयसूची

Telegram: लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम की भारत में गूगल प्ले स्टोर पर वापसी हो गई है। नीट-यूजी परीक्षा को सुरक्षित तरीके से कराने के लिए सरकार की ओर से लगाए गए अस्थायी बैन की अवधि खत्म होने के बाद ऐप को दोबारा डाउनलोड के लिए उपलब्ध कर दिया गया है। हालांकि बैन के दौरान भी जिन लोगों के फोन में पहले से टेलीग्राम मौजूद था, वे इसका इस्तेमाल करते रहे, लेकिन नए यूजर्स इसे डाउनलोड नहीं कर पा रहे थे।

क्यों बैन हुआ था टेलीग्राम ?

नीट-यूजी परीक्षा को लेकर हाल के दिनों में पेपर लीक के आरोपों के बाद सरकार काफी सख्त नजर आई। परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी न हो और लीक सामग्री सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए न फैले, इसके लिए सरकार ने गूगल और ऐपल को टेलीग्राम को अस्थायी रूप से अपने ऐप स्टोर से हटाने का निर्देश दिया था।

सरकार का मानना था कि टेलीग्राम जैसे बड़े प्लेटफॉर्म के जरिए परीक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी तेजी से फैल सकती है। ऐसे में पुनर्परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता रोकने के लिए यह कदम उठाया गया। अब बैन की अवधि पूरी होने के बाद टेलीग्राम को फिर से प्ले स्टोर पर बहाल कर दिया गया है।

30 जून तक बंद रहेगा ‘मैसेज एडिट’ फीचर

हालांकि ऐप की वापसी के बावजूद सरकार ने एक और अहम निर्देश जारी किया है। टेलीग्राम को 30 जून तक भारत में ‘मैसेज एडिट’ फीचर बंद रखने के लिए कहा गया है। सरकार का कहना है कि इससे किसी भी जांच के दौरान डिजिटल सबूतों से छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी और अगर कोई संदिग्ध बातचीत हुई होगी तो उसे बदला या हटाया नहीं जा सकेगा।

बताया जा रहा है कि इस फैसले से पहले सरकार ने टेलीग्राम के अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी और अपनी चिंताओं से उन्हें अवगत कराया था। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाए रखना है।

टेलीग्राम बैन पर सीईओ ने उठाये थे सवाल

इस बीच टेलीग्राम के सीईओ पावेल ड्यूरोव ने इस बैन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ऐसे अस्थायी प्रतिबंधों से पेपर लीक जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सकता। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ बड़े कॉरपोरेट समूहों ने इस फैसले को प्रभावित करने की कोशिश की थी। हालांकि इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

फिलहाल टेलीग्राम की प्ले स्टोर पर वापसी से लाखों यूजर्स को राहत मिली है। अब नए यूजर्स भी आसानी से इस ऐप को डाउनलोड कर सकेंगे, हालांकि कुछ फीचर्स पर फिलहाल सरकार की ओर से निगरानी और प्रतिबंध जारी रहेंगे।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Dipali Kumari

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।