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Bhiwandi Building Collapse: भिवंडी में भरभराकर गिरी 4 मंजिला इमारत की विंग, 3 की मौत, कई लोगों के दबे होने की आशंका

Bhiwandi Building Collapse: भिवंडी में भरभराकर गिरी 4 मंजिला इमारत की विंग, 3 की मौत, कई लोगों के दबे होने की आशंका
Bhiwandi Building Collapse: भिवंडी में भरभराकर गिरी 4 मंजिला इमारत की विंग, 1 की मौत, कई लोगों के दबे होने की आशंका ( image - AI )
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Priyanka C. Mishra
Priyanka C. Mishra
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आखिर कब खत्म होगा मौत का यह सिलसिला?

Bhiwandi Building Collapse: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में शुक्रवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। पावरलूम नगरी के बालाजी नगर स्थित कोहिनूर बिल्डिंग की ‘बी’ विंग का एक हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई है।

राहत की बात यह रही कि इमारत से पहले ही तेज दरारों की आवाज आने पर स्थानीय लोगों ने कई परिवारों को बाहर निकाल दिया था, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। हालांकि कुछ लोग बाहर निकल ही रहे थे कि इमारत भरभराकर गिर गई। भिवंडी-निजामपुर नगर निगम के अग्निशमन अधिकारी विजय जाधव के अनुसार, मलबे से एक शव बरामद किया गया है, जबकि एक घायल लड़के को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स, दमकल विभाग और पुलिस की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। मौके पर डॉग स्क्वॉड, चार दमकल गाड़ियां, एंबुलेंस और भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।

इमारत में कुल 48 कमरे थे

Bhiwandi Building Collapse: नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, चार मंजिला इस इमारत में कुल 48 कमरे थे। हर मंजिल पर 12 कमरे बने थे। सबसे गंभीर बात यह है कि इस इमारत को पहले ही जर्जर और खतरनाक घोषित किया जा चुका था। हादसे के समय भवन में मरम्मत का काम भी चल रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि गुरुवार रात करीब नौ बजे से ही इमारत से दरारों जैसी तेज आवाजें आने लगी थीं। इसके बाद लोगों ने एहतियात के तौर पर कई परिवारों को बाहर निकाला, लेकिन कुछ ही देर बाद ‘बी’ विंग अचानक ढह गई।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

  •  भिवंडी और मुंबई महानगर क्षेत्र में जर्जर इमारतों के गिरने की घटनाएं नई नहीं हैं। सितंबर 2020 में भिवंडी के जिलानी अपार्टमेंट का एक हिस्सा गिर गया था। उस हादसे में 30 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। जांच में प्रशासनिक लापरवाही और भवन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे।
  • इसके बाद अप्रैल 2023 में भी भिवंडी में दो मंजिला इमारत गिरने से कई लोगों की मौत हुई और अनेक लोग घायल हुए थे। राहत एवं बचाव अभियान कई घंटे तक चला था।
  •  हाल के महीनों में भी महाराष्ट्र में जर्जर इमारतें खतरा बनी हुई हैं। जुलाई 2026 में मुंबई के मानखुर्द इलाके में एक इमारत का हिस्सा गिरने से छह लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले कई इमारतों को असुरक्षित घोषित किए जाने के बावजूद समय पर खाली नहीं कराया गया।

हादसों के पीछे कई कारण

  •  विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों के पीछे कई कारण होते हैं। सबसे बड़ा कारण पुरानी और कमजोर हो चुकी इमारतों का समय पर रखरखाव न होना है।
  •  कई भवनों में वर्षों तक मरम्मत नहीं होती। कई जगह अवैध निर्माण, तय क्षमता से अधिक भार और सुरक्षा मानकों की अनदेखी भी हादसों की वजह बनती है।
  •  मानसून के दौरान लगातार बारिश से कमजोर इमारतों की नींव और दीवारें और ज्यादा कमजोर हो जाती हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या करना होगा?

  •  विशेषज्ञों का कहना है कि जर्जर इमारतों की नियमित जांच सबसे जरूरी है।
  • जिन भवनों को खतरनाक घोषित किया गया है, उन्हें तुरंत खाली कराया जाना चाहिए।
  •  नगर निकायों को ऐसी इमारतों की सूची सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि लोग समय रहते सतर्क हो सकें।
  • इसके अलावा भवनों की समय-समय पर संरचनात्मक जांच (स्ट्रक्चरल ऑडिट) अनिवार्य की जानी चाहिए।
  • अवैध निर्माण पर सख्ती से रोक लगानी होगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करनी होगी।
  • यदि किसी इमारत में दरार, झुकाव या असामान्य आवाज जैसी चेतावनी दिखाई दे तो लोगों को तुरंत वहां से बाहर निकलकर प्रशासन को सूचना देनी चाहिए।

सरकार की क्या जिम्मेदारी है?

  • ऐसी घटनाओं के बाद केवल राहत और मुआवजे की घोषणा पर्याप्त नहीं होती। सरकार और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि खतरनाक घोषित इमारतों को समय पर खाली कराया जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें गिराकर सुरक्षित पुनर्विकास कराया जाए।
  • नगर निगमों को नियमित सर्वे कर जर्जर भवनों की निगरानी करनी चाहिए। जिन अधिकारियों या भवन मालिकों की लापरवाही सामने आए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, सुरक्षित आवास और आर्थिक सहायता की भी समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए।
  • भिवंडी का यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि जर्जर इमारतें केवल दीवारें नहीं होतीं, बल्कि उनमें रहने वाले लोगों की जिंदगी भी दांव पर लगी होती है। यदि समय रहते चेतावनियों पर ध्यान दिया जाए, सुरक्षा नियमों का पालन हो और प्रशासन अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाए, तो ऐसे कई दर्दनाक हादसों को रोका जा सकता है।

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प्रियंका सी. मिश्रा वरिष्ठ हिंदी कंटेंट राइटर और पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार लेखन, डिजिटल कंटेंट निर्माण, स्क्रिप्टिंग, रिपोर्टिंग और विश्लेषण के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विषयों के साथ-साथ बॉलीवुड, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल जैसे विविध विषयों पर तथ्यपरक और शोध आधारित लेखन करती हैं। जटिल मुद्दों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करना उनकी विशेषता है, जिससे उनकी सामग्री व्यापक पाठक वर्ग के लिए सहज और विश्वसनीय बनती है। अनुभव : हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन, फीचर स्टोरी, विश्लेषणात्मक लेख और यूट्यूब स्क्रिप्टिंग में मजबूत पहचान बनाई है। विभिन्न समसामयिक और जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता उन्हें एक बहुमुखी कंटेंट विशेषज्ञ के रूप में स्थापित करती है। वर्तमान फोकस : वे समाचार, सोशल ट्रेंड्स, एंटरटेनमेंट, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर डिजिटल ऑडियंस के लिए जानकारीपूर्ण और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी प्राथमिकता तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष प्रस्तुति और पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • समाचार लेखन और विश्लेषण : राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विषयों पर स्पष्ट और संतुलित रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण। • बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट : फिल्म, सेलिब्रिटी और मनोरंजन जगत से जुड़े ट्रेंड्स और अपडेट्स पर लेखन। • ज्योतिष और लाइफस्टाइल : ज्योतिष, स्वास्थ्य, रिलेशनशिप और दैनिक जीवन से जुड़े विषयों पर सरल एवं उपयोगी कंटेंट निर्माण। • यूट्यूब स्क्रिप्टिंग और डिजिटल कंटेंट : डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक, ऑडियंस-केंद्रित और रिसर्च आधारित स्क्रिप्ट तैयार करने में विशेषज्ञता। • हिंदी कंटेंट निर्माण : सरल, प्रभावी और SEO-फ्रेंडली हिंदी कंटेंट तैयार करने का अनुभव। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष दृष्टिकोण और संवेदनशील लेखन शैली के कारण प्रियंका सी. मिश्रा ने पाठकों के बीच एक विश्वसनीय हिंदी कंटेंट राइटर और डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल के रूप में अपनी पहचान बनाई है। समाचार और डिजिटल मीडिया के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा विविध विषयों पर निरंतर लेखन अनुभव उनकी विशेषज्ञता और विश्वसनीयता को मजबूत बनाता है।