
Delimitation Bill: संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र आज गुरुवार से शुरू हो गया है। मोदी सरकार ने लोकसभा में तीन अहम बिल पेश करने की योजना बनाई है, जिनका उद्देश्य 2029 तक महिलाओं के लिए आरक्षण कानून लागू करना और लोकसभा की सदस्य संख्या को बढ़ाकर 850 तक करना है। इन प्रस्तावों में सबसे अहम और पेचीदा हिस्सा परिसीमन (Delimitation) से जुड़ा हुआ है, जिस पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है। अर्जुन राम मेघवाल ने पेश किया परिसीमन बिल केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में परिसीमन बिल पेश किया। बिल पेश होते ही सदन

Delimitation Bill: संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र आज गुरुवार से शुरू हो गया है। मोदी सरकार ने लोकसभा में तीन अहम बिल पेश करने की योजना बनाई है, जिनका उद्देश्य 2029 तक महिलाओं के लिए आरक्षण कानून लागू करना और लोकसभा की सदस्य संख्या को बढ़ाकर 850 तक करना है। इन प्रस्तावों में सबसे अहम और पेचीदा हिस्सा परिसीमन (Delimitation) से जुड़ा हुआ है, जिस पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है। अर्जुन राम मेघवाल ने पेश किया परिसीमन बिल केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में परिसीमन बिल पेश किया। बिल पेश होते ही सदन

Rahul Gandhi: संसद का सत्र जब भी गर्माता है, तो उसका असर सिर्फ सदन की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि देश की राजनीति में भी दूरगामी संदेश देता है। इस बार केंद्र में हैं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे। लोकसभा में दिए गए एक बयान को लेकर विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिए जाने से सियासी बहस फिर तेज हो गई है। सवाल सिर्फ शब्दों का नहीं है, बल्कि संसद की गरिमा, राजनीतिक जिम्मेदारी और अभिव्यक्ति की सीमा का भी है। लोकसभा में बयान से उठा विवाद बीते दिन लोकसभा में राहुल गांधी ने इंडिया-अमेरिका व्यापार

Rahul Gandhi: संसद का सत्र जब भी गर्माता है, तो उसका असर सिर्फ सदन की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि देश की राजनीति में भी दूरगामी संदेश देता है। इस बार केंद्र में हैं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे। लोकसभा में दिए गए एक बयान को लेकर विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिए जाने से सियासी बहस फिर तेज हो गई है। सवाल सिर्फ शब्दों का नहीं है, बल्कि संसद की गरिमा, राजनीतिक जिम्मेदारी और अभिव्यक्ति की सीमा का भी है। लोकसभा में बयान से उठा विवाद बीते दिन लोकसभा में राहुल गांधी ने इंडिया-अमेरिका व्यापार

Lok Sabha Speaker On PM Modi: देश की संसद में बुधवार को हुए हंगामे ने एक बार फिर लोकतंत्र की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि उन्होंने ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में आने से मना किया था। स्पीकर का यह बयान राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला चुका है। उनका कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि कांग्रेस के सांसद प्रधानमंत्री पर शारीरिक हमला कर सकते थे। इस बीच संसद में बढ़ते हंगामे को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही को शुक्रवार तक के लिए स्थगित

Lok Sabha Speaker On PM Modi: देश की संसद में बुधवार को हुए हंगामे ने एक बार फिर लोकतंत्र की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि उन्होंने ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में आने से मना किया था। स्पीकर का यह बयान राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला चुका है। उनका कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि कांग्रेस के सांसद प्रधानमंत्री पर शारीरिक हमला कर सकते थे। इस बीच संसद में बढ़ते हंगामे को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही को शुक्रवार तक के लिए स्थगित

संसद में हंगामा: प्रधानमंत्री का भाषण क्यों हुआ रद्द No PM Modi Speech In Lok Sabha Today: नई दिल्ली में आज लोकसभा में एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना था, लेकिन विपक्ष के जोरदार विरोध के बाद सदन को स्थगित करना पड़ा। यह दिन का दूसरा स्थगन था। पहले भी सदन में हंगामे के कारण कार्यवाही रुकी थी। इस पूरे मामले की शुरुआत कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भाषण से जुड़े विवाद से हुई थी। राहुल गांधी के भाषण पर क्या है पूरा मामला राहुल गांधी पूर्व

संसद में हंगामा: प्रधानमंत्री का भाषण क्यों हुआ रद्द No PM Modi Speech In Lok Sabha Today: नई दिल्ली में आज लोकसभा में एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना था, लेकिन विपक्ष के जोरदार विरोध के बाद सदन को स्थगित करना पड़ा। यह दिन का दूसरा स्थगन था। पहले भी सदन में हंगामे के कारण कार्यवाही रुकी थी। इस पूरे मामले की शुरुआत कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भाषण से जुड़े विवाद से हुई थी। राहुल गांधी के भाषण पर क्या है पूरा मामला राहुल गांधी पूर्व

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सरकार के बीच तनातनी एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई है। राहुल गांधी ने मंगलवार को स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्हें सदन में बोलने से जानबूझकर रोका जा रहा है। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक परंपरा और संसदीय मर्यादा का खुला उल्लंघन है। यह मामला तब सामने आया जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने चीन से जुड़े मुद्दे पर बोलना चाहा, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई। संसदीय इतिहास में पहली बार नेता

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सरकार के बीच तनातनी एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई है। राहुल गांधी ने मंगलवार को स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्हें सदन में बोलने से जानबूझकर रोका जा रहा है। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक परंपरा और संसदीय मर्यादा का खुला उल्लंघन है। यह मामला तब सामने आया जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने चीन से जुड़े मुद्दे पर बोलना चाहा, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई। संसदीय इतिहास में पहली बार नेता

लोकसभा में क्यों मचा बवाल लोकसभा में इन दिनों राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है। इसी दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अपनी बात रखने के लिए सदन में खड़े होकर चीन के मुद्दे पर बोलना शुरू किया। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के लेखों का हवाला देते हुए कहा कि डोकलाम इलाके में चीनी सैनिक मौजूद थे। राहुल के इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष के नेताओं ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। भाजपा के सांसद एक साथ खड़े हो गए और राहुल गांधी के बयान का विरोध करने लगे।

लोकसभा में क्यों मचा बवाल लोकसभा में इन दिनों राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है। इसी दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अपनी बात रखने के लिए सदन में खड़े होकर चीन के मुद्दे पर बोलना शुरू किया। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के लेखों का हवाला देते हुए कहा कि डोकलाम इलाके में चीनी सैनिक मौजूद थे। राहुल के इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष के नेताओं ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। भाजपा के सांसद एक साथ खड़े हो गए और राहुल गांधी के बयान का विरोध करने लगे।

लोकसभा में वंदे मातरम् को लेकर चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में वंदे मातरम् के विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने इस चर्चा के दौरान इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन और उस समय की राजनीतिक परिस्थितियों का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि वह भावना थी जिसने देश को एक साथ जोड़ा। उन्होंने दावा किया कि आजादी से पहले कई ऐसे निर्णय लिए गए, जिनका असर देश की एकता और जनता के मन पर पड़ा। वंदे मातरम् का ऐतिहासिक महत्व प्रधानमंत्री ने बताया कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम् को

लोकसभा में वंदे मातरम् को लेकर चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में वंदे मातरम् के विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने इस चर्चा के दौरान इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन और उस समय की राजनीतिक परिस्थितियों का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि वह भावना थी जिसने देश को एक साथ जोड़ा। उन्होंने दावा किया कि आजादी से पहले कई ऐसे निर्णय लिए गए, जिनका असर देश की एकता और जनता के मन पर पड़ा। वंदे मातरम् का ऐतिहासिक महत्व प्रधानमंत्री ने बताया कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम् को

लोकसभा में वंदेमातरम के 150 साल पूरे होने पर हुई चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस को इस राष्ट्रगीत के साथ अन्याय करने का जिम्मेदार ठहराया। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के दबाव में आकर वंदेमातरम का बंटवारा कर दिया और केवल तुष्टीकरण की राजनीति के लिए इस पवित्र गीत के साथ विश्वासघात किया। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज भी उनके साथी वंदेमातरम पर विवाद खड़ा करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने इतिहास के पन्नों को खोलते

लोकसभा में वंदेमातरम के 150 साल पूरे होने पर हुई चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस को इस राष्ट्रगीत के साथ अन्याय करने का जिम्मेदार ठहराया। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के दबाव में आकर वंदेमातरम का बंटवारा कर दिया और केवल तुष्टीकरण की राजनीति के लिए इस पवित्र गीत के साथ विश्वासघात किया। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज भी उनके साथी वंदेमातरम पर विवाद खड़ा करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने इतिहास के पन्नों को खोलते

वंदे मातरम् की गूंज और देश की एकता लोकसभा में सोमवार को वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा शुरू हुई। इस चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब अंग्रेज भारत को कमजोर करने की पूरी कोशिश कर रहे थे, तब वंदे मातरम् ने पूरे देश को एक सूत्र में बांधे रखा। प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्ष 1905 में अंग्रेजों ने बंगाल को दो हिस्सों में बाँट दिया था। अंग्रेजों को लगता था कि यदि बंगाल टूट गया, तो भारत भी टूट जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वंदे मातरम् उस कठिन समय में देश

वंदे मातरम् की गूंज और देश की एकता लोकसभा में सोमवार को वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा शुरू हुई। इस चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब अंग्रेज भारत को कमजोर करने की पूरी कोशिश कर रहे थे, तब वंदे मातरम् ने पूरे देश को एक सूत्र में बांधे रखा। प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्ष 1905 में अंग्रेजों ने बंगाल को दो हिस्सों में बाँट दिया था। अंग्रेजों को लगता था कि यदि बंगाल टूट गया, तो भारत भी टूट जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वंदे मातरम् उस कठिन समय में देश