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लोकसभा में पेश हुआ परिसीमन बिल, सदन में हंगामा शुरू

लोकसभा में पेश हुआ परिसीमन बिल, सदन में हंगामा शुरू
परिसीमन बिल क्या है और क्यों मचा है इतना बवाल? आसान भाषा में समझिए पूरा मामला (File Photo)

Delimitation Bill: संसद के विशेष सत्र में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में परिसीमन बिल पेश किया, जिस पर विपक्ष ने जोरदार विरोध किया और सदन में हंगामा हुआ। इस बिल को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

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Dipali Kumari
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Delimitation Bill: संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र आज गुरुवार से शुरू हो गया है। मोदी सरकार ने लोकसभा में तीन अहम बिल पेश करने की योजना बनाई है, जिनका उद्देश्य 2029 तक महिलाओं के लिए आरक्षण कानून लागू करना और लोकसभा की सदस्य संख्या को बढ़ाकर 850 तक करना है। इन प्रस्तावों में सबसे अहम और पेचीदा हिस्सा परिसीमन (Delimitation) से जुड़ा हुआ है, जिस पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है।

अर्जुन राम मेघवाल ने पेश किया परिसीमन बिल

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में परिसीमन बिल पेश किया। बिल पेश होते ही सदन का माहौल गरमा गया और विपक्ष ने इसका जोरदार विरोध शुरू कर दिया। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने बिल पर आपत्ति जताते हुए इसे लेकर कई सवाल खड़े किए, जिसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया।

आशा भोसले को दी गयी श्रद्धांजलि

लोकसभा की कार्यवाही की शुरुआत शोक प्रस्ताव के साथ हुई, जिसमें वरिष्ठ गायिका आशा भोसले के निधन पर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद जैसे ही विधायी कार्य शुरू हुआ, सरकार ने अपना एजेंडा आगे बढ़ाते हुए परिसीमन बिल पेश किया, जिसने सियासी बहस को तेज कर दिया।

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।