प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय दौरे पर मलेशिया पहुंच गए हैं। कुआलालंपुर में उनके स्वागत के लिए एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका नाम ‘सलामत दातांग मोदी जी’ रखा गया है। इस कार्यक्रम में करीब 15 हजार प्रवासी भारतीयों ने हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। यह दौरा भारत और मलेशिया के बीच बढ़ते रिश्तों की एक नई कड़ी साबित हो रहा है।
भारतीय समुदाय से जुड़ाव की अहमियत
प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया के लिए रवाना होने से पहले ही कहा था कि वहां रहने वाला भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच एक जीवंत पुल का काम करता है। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय दोनों देशों की पुरानी दोस्ती के मजबूत स्तंभ हैं। कुआलालंपुर में आयोजित इस समुदाय कार्यक्रम में यह बात साफ दिखाई दी। हजारों भारतीयों ने एक साथ आकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया और अपने देश के प्रति अपनी भावनाओं को जाहिर किया।

प्रवासी भारतीयों का उत्साह
‘सलामत दातांग मोदी जी’ कार्यक्रम में जुटे 15 हजार प्रवासी भारतीयों का उत्साह देखते ही बनता था। मलेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय ने तिरंगा लहराते हुए और भारतीय संस्कृति को दर्शाते हुए प्रधानमंत्री का स्वागत किया। यह कार्यक्रम सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि यह दिखाता है कि विदेश में बसे भारतीय अपनी जड़ों से कितने गहरे जुड़े हुए हैं।

मलेशिया के साथ भारत के संबंध
भारत और मलेशिया के बीच संबंध बहुत पुराने और मजबूत हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और रक्षा के क्षेत्र में सहयोग रहा है। साल 2024 में दोनों देशों ने अपने रिश्तों को ‘कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ यानी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया। यह प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया की तीसरी आधिकारिक यात्रा है, लेकिन रिश्तों के इस नए स्तर के बाद यह पहली यात्रा है। इसलिए इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है।

कल होंगी द्विपक्षीय बैठकें
प्रधानमंत्री मोदी कल मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ विस्तृत बातचीत करेंगे। इस बातचीत में दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और तकनीक जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। उम्मीद है कि इस बैठक के बाद कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ये समझौते दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने में मदद करेंगे।
A grand celebration of Indian culture in Malaysia!
A highlight of the community programme in Kuala Lumpur was a dance performance which has set a record in Malaysia.
Congratulations to all those who took part in the dance performance. pic.twitter.com/BbXhNKuRez
— Narendra Modi (@narendramodi) February 7, 2026
एमओयू पर होंगे हस्ताक्षर
सूत्रों के मुताबिक, द्विपक्षीय बैठक के बाद कई एमओयू यानी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे। इन समझौतों में डिजिटल अर्थव्यवस्था, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि, रक्षा उत्पादन और पर्यटन से जुड़े विषय शामिल हो सकते हैं। दोनों देश युवाओं के कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में भी साथ मिलकर काम करने की योजना बना रहे हैं।

भारत की विदेश नीति में मलेशिया का स्थान
भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी यानी पूर्व की ओर देखो नीति में मलेशिया का बहुत अहम स्थान है। दक्षिण पूर्व एशिया के इस देश के साथ भारत के रिश्ते सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक भी हैं। मलेशिया में रहने वाला भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच एक मजबूत कड़ी है।
व्यापारिक संबंधों की संभावनाएं
भारत और मलेशिया के बीच व्यापार की बहुत संभावनाएं हैं। दोनों देश एक दूसरे के साथ तेल, गैस, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा और खाद्य उत्पादों का व्यापार करते हैं। इस दौरे के दौरान दोनों देश व्यापार को और बढ़ाने पर भी चर्चा करेंगे। नई तकनीक, स्टार्टअप और डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने की योजना है।
सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण
मलेशिया में भारतीय संस्कृति की गहरी छाप है। वहां कई हिंदू मंदिर हैं और भारतीय त्योहारों को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सांस्कृतिक रिश्ते की अहमियत को हमेशा स्वीकार किया है। इस दौरे में भी सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
रक्षा सहयोग की दिशा
दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग भी बढ़ रहा है। भारत और मलेशिया समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद से निपटने और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मिलकर काम कर रहे हैं। इस दौरे में रक्षा उत्पादन और तकनीकी सहयोग पर भी बात होगी।
Landed in Kuala Lumpur.
Deeply touched by the warm welcome extended by my friend, Prime Minister Anwar Ibrahim at the airport. I look forward to our conversations and to further strengthening the bonds of friendship between India and Malaysia.@anwaribrahim pic.twitter.com/z3NLyv4QGW
— Narendra Modi (@narendramodi) February 7, 2026
युवाओं के लिए अवसर
भारत और मलेशिया दोनों ही युवा आबादी वाले देश हैं। दोनों देश शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में मिलकर काम करने की योजना बना रहे हैं। इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
पर्यावरण और ऊर्जा सहयोग
जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे आज पूरी दुनिया के लिए चुनौती हैं। भारत और मलेशिया नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में साथ मिलकर काम करने की योजना बना रहे हैं। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देश एक दूसरे की मदद कर सकते हैं।
आसियान के साथ संबंध
मलेशिया आसियान यानी दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन का एक प्रमुख सदस्य है। भारत आसियान के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहता है। मलेशिया इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस दौरे से क्षेत्रीय सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत और मलेशिया के बीच रिश्तों को एक नई ऊंचाई देने वाला साबित होगा। दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा। प्रवासी भारतीयों का स्नेह और उत्साह इस बात का सबूत है कि भारत अपने लोगों के दिलों में कितनी गहराई से बसा हुआ है। कल होने वाली द्विपक्षीय बैठकों से कई महत्वपूर्ण समझौते होने की उम्मीद है, जो दोनों देशों के भविष्य के लिए फायदेमंद साबित होंगे।