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ओवैसी का बड़ा बयान: भारत में मुस्लिम आबादी कभी नहीं होगी हिंदुओं से ज्यादा, पाकिस्तान को भी सुनाई खरी-खोटी

ओवैसी का बड़ा बयान: भारत में मुस्लिम आबादी कभी नहीं होगी हिंदुओं से ज्यादा, पाकिस्तान को भी सुनाई खरी-खोटी
Owaisi Statement: मुस्लिम आबादी पर ओवैसी का बड़ा बयान, पाकिस्तान को भी घेरा (File Photo)

Owaisi Statement: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना के निजामाबाद में चुनावी रैली में कहा कि भारत में मुस्लिम आबादी कभी हिंदुओं से ज्यादा नहीं होगी। उन्होंने युवाओं के रोजगार पर सवाल उठाए, आरएसएस प्रमुख को घेरा और टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के बहिष्कार पर सरकार की चुप्पी की आलोचना की। चीन मुद्दे पर भी मोदी सरकार को निशाना बनाया।

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Asfi Shadab
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ओवैसी ने आबादी और पाकिस्तान पर दिया विवादित बयान

तेलंगाना में नगर निगम चुनाव के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर अपने तीखे बयानों से सुर्खियां बटोरी हैं। निजामाबाद में हुई एक चुनावी रैली में हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने मुस्लिम आबादी, रोजगार, पाकिस्तान और चीन जैसे कई मुद्दों पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उनके इस बयान ने एक बार फिर राजनीतिक बहस को गर्म कर दिया है।

शुक्रवार रात निजामाबाद में आयोजित रैली में ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्यसभा में दिए गए भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने कहा था कि पूरी दुनिया की आबादी बूढ़ी हो रही है जबकि भारत की आबादी युवा है। इस पर ओवैसी ने सवाल उठाया कि अगर देश की 60 प्रतिशत आबादी 40 साल से कम उम्र की है तो सरकार ने उनके रोजगार के लिए क्या किया है।

आबादी को लेकर ओवैसी का साफ रुख

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष ओवैसी ने साफ शब्दों में कहा कि भारत में मुस्लिम आबादी कभी भी हिंदू आबादी से अधिक नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मुस्लिम आबादी स्थिर हो जाएगी और यह एक सच्चाई है जिसे समझना जरूरी है। ओवैसी ने कहा कि कुछ लोग लगातार मुस्लिम आबादी के बढ़ने की बात करते रहते हैं, लेकिन यह सिर्फ भ्रम फैलाना है।

एआईएमआईएम प्रमुख ने आगे कहा कि बीस साल बाद यह युवा आबादी भी बूढ़ी हो जाएगी। उस समय महंगाई कितनी बढ़ेगी और लोगों को कितना खर्च करना पड़ेगा, इस बारे में कोई नहीं सोच रहा है। लेकिन इसके बजाय सरकार और कुछ संगठन सिर्फ मुसलमानों की आबादी बढ़ने की बात करते रहते हैं।

आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत पर भी निशाना

ओवैसी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भगवत पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख कहते हैं कि कम से कम तीन बच्चे पैदा करने चाहिए, लेकिन खुद वह ऐसा नहीं करते, यह अलग बात है। ओवैसी ने कहा कि पहले जनसंख्या नियंत्रण के लिए विधेयक लाने की बात होती थी और मुसलमानों की आलोचना की जाती थी। लेकिन अब लोगों को एहसास हो रहा है कि जब देश की आबादी बूढ़ी होगी तो इसका देश पर क्या असर पड़ेगा।

युवाओं के रोजगार पर सवाल

ओवैसी ने सरकार से सवाल किया कि अगर प्रधानमंत्री से पूछा जाए कि देश की 60 प्रतिशत आबादी 40 साल से कम उम्र की है तो उन्होंने इनके रोजगार के लिए क्या उपाय किए हैं और उन्हें कौन से कौशल सिखाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ बयानबाजी करती है लेकिन जमीन पर कुछ नहीं होता।

एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि आज युवाओं के सामने रोजगार की समस्या है, महंगाई बढ़ रही है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि 25-30 साल बाद जब देश की आबादी बूढ़ी हो जाएगी, तब स्थिति और भी गंभीर होगी।

पाकिस्तान को सुनाई खरी-खोटी

ओवैसी ने टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ मैच का पाकिस्तान द्वारा बहिष्कार किए जाने पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत मेजबानी कर रहा है और बेकार पाकिस्तानी टीम कह रही है कि वह भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगी। ओवैसी ने कहा कि सरकार को पाकिस्तान को साफ शब्दों में बताना चाहिए था कि अगर आप नहीं खेलेंगे तो यहां से चले जाओ। लेकिन सरकार चुपचाप बैठकर सब सुन रही है।

चीन के मुद्दे पर भी निशाना

हैदराबाद सांसद ओवैसी ने मोदी सरकार पर चीन के सीमा मुद्दे पर चुप्पी साधने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार पाकिस्तान के मामले में तो बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन चीन के सामने चुप रहती है। ओवैसी ने सवाल किया कि चीन जब भारतीय सीमा में घुसपैठ करता है तो सरकार चुप क्यों रहती है।

चुनावी माहौल में ओवैसी की रणनीति

तेलंगाना में नगर निगम चुनाव से पहले ओवैसी की यह रैली काफी अहम मानी जा रही है। एआईएमआईएम अपने गढ़ में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। ओवैसी ने अपने भाषण में स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय मुद्दों को भी उठाया और सरकार पर हमलावर रहे।

विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया

ओवैसी के इस बयान पर विपक्षी दलों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ दलों ने ओवैसी के बयान को सही बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि कुछ ने इसे विवादित बताया है। भाजपा नेताओं ने ओवैसी पर आरोप लगाया है कि वे सिर्फ वोट बैंक की राजनीति करते हैं।

सोशल मीडिया पर चर्चा

ओवैसी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है। कुछ लोग उनके बयान को सही बता रहे हैं तो कुछ इसे विवादित मान रहे हैं। ट्विटर और फेसबुक पर ओवैसी के बयान को लेकर ट्रेंड चल रहा है।

ओवैसी के इस बयान ने एक बार फिर साबित किया है कि वे किसी भी मुद्दे पर अपनी बात साफ शब्दों में रखने से नहीं हिचकिचाते। तेलंगाना में चुनावी माहौल के बीच उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि इस बयान का चुनाव परिणामों पर क्या असर पड़ता है।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।