नागपुर एयरपोर्ट का जीएमआर समूह को हस्तांतरण, आधुनिक विस्तार की राह हुई आसान

Nagpur Airport GMR Group handover: नागपुर एयरपोर्ट का औपचारिक हस्तांतरण जीएमआर समूह को कर दिया गया है। इस कदम से एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण और विस्तार कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। परियोजना के तहत दूसरी रनवे, आधुनिक टर्मिनल और बेहतर कार्गो सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का मानना है कि इससे नागपुर की हवाई संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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नागपुर एयरपोर्ट के विकास को मिलेगी नई दिशा
Nagpur Airport GMR Group handover: नागपुर, 25 जून। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का औपचारिक हस्तांतरण बुधवार को जीएमआर समूह को कर दिया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और जीएमआर समूह के जी.बी.एस. राजू उपस्थित रहे।

हस्तांतरण समारोह में तकनीक का अनूठा प्रदर्शन देखने को मिला – एयरपोर्ट के मुख्य प्रवेश द्वार पर रोबोट की सहायता से फीता काटा गया, इसके बाद दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।
परियोजना के तहत दूसरी रनवे का निर्माण किया जाएगा, जिससे विमान संचालन और कार्गो सेवाएं मजबूत होंगी। नागपुर से दुबई, सिंगापुर सहित देश-विदेश के कई गंतव्यों तक बेहतर हवाई संपर्क स्थापित करने की योजना है। इससे विदर्भ क्षेत्र के औद्योगिक, व्यावसायिक और पर्यटन विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

दूसरी रनवे और आधुनिक सुविधाओं पर रहेगा जोर
एयरपोर्ट के नए लोगो में नागपुर की दो प्रमुख पहचानों – देश के भौगोलिक केंद्र जीरो माइल और संतरा नगरी – को प्रतीकात्मक रूप से शामिल किया गया है। साथ ही यात्री सुविधाओं की जानकारी के लिए एक स्वतंत्र वेबसाइट भी लॉन्च की गई है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि विकास कार्य दो चरणों में पूरा होगा। पहले चरण का काम एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है, जबकि दूसरी रनवे, आधुनिक टर्मिनल और कार्गो सुविधाएं 2030 तक तैयार की जाएंगी। उन्होंने जीएमआर समूह को यह भी निर्देश दिया कि पूरी परियोजना 2029 से पहले पूर्ण करने का प्रयास किया जाए। फडणवीस ने कहा कि यह परियोजना “मध्य भारत के विकास का ग्रोथ इंजन साबित होगी” और नागपुर को क्षेत्र की आर्थिक राजधानी के रूप में स्थापित करेगी।
अब सभी की नजर पहले चरण के काम पर टिकी है, जिसकी समयसीमा अगले एक वर्ष निर्धारित की गई है।



रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

