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निकाय चुनाव के कारण JAC बोर्ड की परीक्षाओं की तिथियों में बदलाव, नई समय-सारणी जारी

निकाय चुनाव के कारण JAC बोर्ड की परीक्षाओं की तिथियों में बदलाव, नई समय-सारणी जारी
निकाय चुनाव के कारण JAC बोर्ड की परीक्षाओं की तिथियों में बदलाव, नई समय-सारणी जारी

झारखंड अधिविद्य परिषद् ने निकाय चुनाव के कारण 8वीं, 9वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं की तिथियों में बदलाव किया है। नई समय-सारणी जारी कर दी गई है। छात्रों को न्यूनतम अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा और असफल छात्रों के लिए कंपार्टमेंट परीक्षा का भी प्रावधान रहेगा।

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JAC Board Exam Date Change: झारखंड अधिविद्य परिषद् (JAC) रांची ने कक्षा 8वीं, 9वीं, 11वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की समय-सारणी में बदलाव की घोषणा की है। यह निर्णय राज्य में होने वाले निकाय चुनाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। 23 फरवरी को मतदान और 27 फरवरी को मतगणना निर्धारित है, जिसके कारण पहले से तय परीक्षा तिथियों में संशोधन करना पड़ा।

शिक्षा और लोकतंत्र दोनों ही किसी भी राज्य के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने यह चुनौती रहती है कि दोनों की प्रक्रिया सुचारू रूप से चले। बोर्ड द्वारा लिया गया यह निर्णय इसी संतुलन का प्रयास माना जा सकता है।

किन कक्षाओं की तिथियों में हुआ बदलाव

सबसे पहले 12वीं कक्षा के हिंदी बी विषय की परीक्षा की तिथि बदली गई है। पहले यह परीक्षा 23 फरवरी को होनी थी, लेकिन अब इसे 24 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। यह बदलाव सीधे तौर पर मतदान की तिथि के कारण किया गया है।

8वीं कक्षा की परीक्षा जो 24 फरवरी को प्रस्तावित थी, उसे अब 2 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा। इससे छात्रों को तैयारी के लिए कुछ अतिरिक्त समय भी मिल गया है, हालांकि अचानक बदलाव से योजना प्रभावित होना स्वाभाविक है।

11वीं और 9वीं कक्षा की नई समय-सारणी

11वीं कक्षा की परीक्षाएं पहले 25 से 27 फरवरी तक निर्धारित थीं। चूंकि 27 फरवरी को मतगणना होनी है, इसलिए उस दिन परीक्षा आयोजित करना संभव नहीं था। अब नई समय-सारणी के अनुसार 11वीं की परीक्षाएं 25, 26 और 28 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएंगी।

वहीं 9वीं कक्षा की परीक्षाएं पहले 28 फरवरी और 2 मार्च को प्रस्तावित थीं। अब इनकी नई तिथियां 6 और 7 मार्च 2026 निर्धारित की गई हैं। इस बदलाव से छात्रों और अभिभावकों दोनों को अपनी तैयारी और यात्रा की योजना में बदलाव करना होगा।

परीक्षा में सफलता के लिए आवश्यक नियम

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाओं में सफल होने के लिए छात्रों को थ्योरी और प्रायोगिक दोनों परीक्षाओं में अलग-अलग न्यूनतम अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। केवल कुल अंक पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि प्रत्येक भाग में निर्धारित मानदंड पूरा करना होगा।

यदि कोई छात्र एक या दो विषयों में असफल होता है, तो उसे निराश होने की आवश्यकता नहीं है। बोर्ड बाद में कंपार्टमेंट परीक्षा का आयोजन करेगा, जिसमें छात्रों को दोबारा अवसर दिया जाएगा। यह प्रावधान छात्रों के हित में एक सकारात्मक कदम माना जाता है।

छात्रों के लिए सलाह और जिम्मेदारी

ऐसे बदलाव अक्सर छात्रों में भ्रम और तनाव पैदा करते हैं। व्यक्तिगत रूप से मेरा मानना है कि परीक्षा की तैयारी केवल तिथि पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। तैयारी एक निरंतर प्रक्रिया है। यदि तिथि आगे बढ़ी है, तो इसे अतिरिक्त अभ्यास और पुनरावृत्ति के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।

बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नवीनतम सूचना प्राप्त करते रहें। अफवाहों या अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा करने से बचना चाहिए।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।