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नीट परीक्षा 2026: रजिस्ट्रेशन जल्द शुरू, 3 मई को होगी परीक्षा

नीट परीक्षा 2026: रजिस्ट्रेशन जल्द शुरू, 3 मई को होगी परीक्षा
NEET UG 2026: रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, परीक्षा 3 मई को निर्धारित (File Photo)

NEET UG 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी इस हफ्ते नीट यूजी 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर सकती है। परीक्षा 3 मई को होगी। पिछले साल 7 फरवरी से आवेदन शुरू हुए थे। उम्मीदवारों को आधार और अन्य जरूरी दस्तावेज अपडेट करने होंगे।

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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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नीट परीक्षा 2026 की तैयारी शुरू, जानिए पूरी जानकारी

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए जल्द ही देश भर के मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए नीट यूजी 2026 की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इस हफ्ते के भीतर आवेदन प्रक्रिया शुरू हो सकती है। नीट यूजी 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है। हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में हिस्सा लेते हैं और अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश करते हैं।

पिछले साल यानी 2025 में एनटीए ने 7 फरवरी से नीट यूजी के आवेदन स्वीकार करना शुरू किया था और मई के पहले रविवार को परीक्षा आयोजित की थी। इस बार भी यही पैटर्न फॉलो होने की संभावना है। नीट यूजी 2026 की आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in है, जहां से छात्र सभी जरूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं।

परीक्षा की तारीखों का पुराना रिकॉर्ड

नीट यूजी परीक्षा हमेशा मई महीने में आयोजित की जाती है। साल 2025 में यह परीक्षा 4 मई को हुई थी। इससे पहले 2024 में 5 मई और 2023 में 7 मई को यह परीक्षा करायी गई थी। इस बार परीक्षा की तारीख 3 मई तय की गई है। यह तारीख छात्रों को अपनी तैयारी पूरी करने के लिए पर्याप्त समय देती है।

पिछले कुछ सालों में नीट परीक्षा को लेकर कई बदलाव किए गए हैं। एनटीए लगातार इस परीक्षा को और बेहतर और पारदर्शी बनाने की कोशिश कर रही है। छात्रों की सुविधा और परीक्षा की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए हर साल नई व्यवस्थाएं की जाती हैं।

आधार कार्ड अपडेट करना जरूरी

5 जनवरी को एनटीए की नीट वेबसाइट पर एक नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस में छात्रों से कहा गया था कि वे अपने आधार कार्ड की जानकारी अपडेट करें। एनटीए ने बताया कि सही और अपडेट की गई जानकारी से सत्यापन आसान होगा और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में कोई दिक्कत नहीं आएगी। साथ ही इससे परीक्षा की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।

10 जनवरी को आधिकारिक वेबसाइट पर नीट यूजी का सिलेबस भी अपलोड किया गया था। सिलेबस से छात्रों को यह पता चल जाता है कि उन्हें किन विषयों पर ज्यादा मेहनत करनी है। इससे तैयारी की दिशा साफ हो जाती है और छात्र अपनी पढ़ाई को सही तरीके से व्यवस्थित कर पाते हैं।

कौन से दस्तावेज रखें तैयार

नीट यूजी 2026 के लिए आवेदन करने से पहले छात्रों को कुछ जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। ये दस्तावेज सही, वैध और अपडेट होने चाहिए। आधार कार्ड सबसे जरूरी दस्तावेज है। इसमें नाम, जन्म तिथि, लिंग, फोटो, पता और बायोमेट्रिक जानकारी सही होनी चाहिए।

अगर कोई छात्र विकलांग श्रेणी में आता है, तो उसे यूडीआईडी कार्ड की जरूरत होगी। यह कार्ड मान्य और अपडेट होना चाहिए। इसके अलावा ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी या ओबीसी एनसीएल श्रेणी के छात्रों को अपना कैटेगरी सर्टिफिकेट भी रखना होगा। यह सर्टिफिकेट सक्षम अधिकारी से जारी होना चाहिए और नीट रजिस्ट्रेशन के समय मान्य होना चाहिए।

छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने दस्तावेजों को आवेदन की तारीख से पहले ही अपडेट करवा लें। अगर कोई दस्तावेज गलत या पुराना हुआ तो रजिस्ट्रेशन में देरी या रिजेक्शन हो सकता है।

रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया

जब नीट यूजी का आवेदन फॉर्म जारी हो जाएगा, तो छात्रों को आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके लिए उन्हें अपने स्कैन किए गए दस्तावेज अपलोड करने होंगे। रजिस्ट्रेशन के बाद परीक्षा शुल्क भी जमा करना होगा। शुल्क जमा किए बिना आवेदन पूरा नहीं माना जाएगा।

आवेदन की आखिरी तारीख खत्म होने के बाद एनटीए सुधार के लिए पोर्टल खोलेगी। अगर किसी छात्र ने फॉर्म में कोई गलती की है, तो वह इस दौरान सुधार कर सकता है। परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले सिटी इंटिमेशन स्लिप जारी की जाएगी। इसके बाद एडमिट कार्ड भी डाउनलोड किया जा सकेगा। एडमिट कार्ड के बिना परीक्षा में बैठने की इजाजत नहीं मिलती।

राजस्थान के डेंटल छात्रों को सुप्रीम कोर्ट से राहत

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के डेंटल छात्रों को बड़ी राहत दी है। 2016-17 के शैक्षणिक वर्ष में नीट की पर्सेंटाइल में छूट देकर निजी डेंटल कॉलेजों में दाखिला लेने वाले छात्रों की बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी यानी बीडीएस डिग्री को अदालत ने मान्य कर दिया।

जस्टिस जे के माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने यह फैसला दिया। हालांकि, अदालत ने गलत काम करने वाले निजी डेंटल कॉलेजों और राज्य सरकार पर भारी जुर्माना भी लगाया। इसके साथ ही छात्रों को हाई कोर्ट के सामने यह वचन देना होगा कि वे राजस्थान में प्राकृतिक आपदा या स्वास्थ्य आपात स्थिति में अधिकतम दो साल की अवधि तक मुफ्त सेवा देंगे।

यह फैसला उन छात्रों के लिए बड़ी राहत है जो कई सालों से अपनी डिग्री को लेकर चिंतित थे। इससे उनके करियर को नई दिशा मिलेगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने युवा डॉक्टरों को संदेश दिया

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने युवा डॉक्टरों को एक साफ संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई के इच्छुक छात्र विदेश जाने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन अब वे यह शिकायत नहीं कर सकते कि देश में सुविधाएं नहीं हैं।

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के 21वें दीक्षांत समारोह में बोलते हुए नड्डा ने कहा कि संस्थान, सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर सब कुछ यहां उपलब्ध है। युवाओं को इनका उपयोग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वर्तमान केंद्र सरकार के दौरान देश में एम्स की संख्या बढ़कर 23 हो गई है।

नड्डा ने कहा कि पहले जब मेधावी छात्र विदेश जाते थे और उनसे पूछा जाता था कि वे लंदन क्यों जा रहे हैं, तो वे सुविधाओं की कमी की शिकायत करते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं है। भारत में मेडिकल शिक्षा और सुविधाओं में बहुत सुधार हुआ है। इसलिए छात्रों को यहीं रहकर देश की सेवा करनी चाहिए।

तैयारी के लिए सुझाव

नीट परीक्षा बेहद प्रतिस्पर्धी होती है। इसलिए छात्रों को शुरू से ही मजबूत तैयारी करनी चाहिए। सिलेबस को अच्छे से समझें और हर विषय पर बराबर ध्यान दें। पिछले सालों के प्रश्न पत्र हल करें और मॉक टेस्ट दें। समय प्रबंधन बहुत जरूरी है, इसलिए नियमित अभ्यास करें।

स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें और तनाव से दूर रहें। परीक्षा से पहले पर्याप्त नींद लें और अच्छा खाना खाएं। अपने शिक्षकों और अभिभावकों से मार्गदर्शन लें। सही रणनीति और मेहनत से सफलता जरूर मिलेगी।

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।