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रांची: JSCA स्टेडियम में फाइनल मैच के दौरान मची भगदड़, कई घायल; पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

रांची: JSCA स्टेडियम में फाइनल मैच के दौरान मची भगदड़, कई घायल; पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज
रांची: JSCA स्टेडियम में फाइनल मैच के दौरान मची भगदड़, कई घायल (Pic Credit- X @PIYUSHT28201489)

रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में झारखंड प्रीमियर लीग के फाइनल मुकाबले के दौरान भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। स्टेडियम के बाहर हुई अफरा-तफरी में कई लोग घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Dipali Kumari
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JSCA Stadium Ranchi: रांची के धुर्वा स्थित झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में झारखंड प्रीमियर लीग (JPL) टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले के दौरान कल मंगलवार की रात भारी अव्यवस्था देखने को मिली। दर्शकों की उम्मीद से कहीं अधिक भीड़ पहुंचने के कारण स्टेडियम के बाहर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना में दो महिलाओं समेत करीब आठ लोग घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें एक घायल को पारस अस्पताल, पांच को राज अस्पताल और दो को सदर अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।

आखिर क्यों मची भगदड़ ?

जानकारी के अनुसार, फाइनल मुकाबले में दर्शकों के लिए प्रवेश निशुल्क रखा गया था। इसी वजह से बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम पहुंच गए। स्टेडियम की क्षमता करीब 40 हजार दर्शकों की है, लेकिन मौके पर 50 हजार से अधिक लोगों के पहुंचने की बात सामने आई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने और प्रवेश के लिए केवल एक गेट खोले जाने के कारण हालात बिगड़ गए।

 एंट्री गेट  और बैरिकेडिंग पर चढ़ गए दर्शक

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मैच शुरू होने से काफी पहले ही दर्शकों की लंबी कतारें लग गई थीं। प्रवेश प्रक्रिया और सुरक्षा जांच में हो रही देरी से लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी। इसी दौरान कुछ दर्शक एंट्री गेट और बैरिकेडिंग पर चढ़ गए, जिससे भीड़ अचानक बेकाबू हो गई और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।

पुलिस ने किया लाठीचार्ज

स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। भीड़ द्वारा बैरिकेडिंग तोड़े जाने और सुरक्षा घेरा पार करने की कोशिश के बाद पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज भी किया। घटना के दौरान कुछ लोगों ने गेट और बैरिकेडिंग को नुकसान पहुंचाया, जिससे स्टेडियम परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई और भीड़ को नियंत्रित कर हालात सामान्य किए गए। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन इस घटना ने बड़े आयोजनों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।