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MS Dhoni Birthday Special: 7 जुलाई को 45 साल के होंगे ‘कैप्टन कूल’, जानिए माही से जुड़े 10 दिलचस्प किस्से

MS Dhoni Birthday Special: 7 जुलाई को 45 साल के होंगे ‘कैप्टन कूल’, जानिए माही से जुड़े 10 दिलचस्प किस्से
MS Dhoni Birthday Special: 7 जुलाई को 45 साल के होंगे 'कैप्टन कूल

भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शामिल महेंद्र सिंह धोनी 7 जुलाई को अपना 45वां जन्मदिन मनाएंगे। 'कैप्टन कूल' के नाम से मशहूर माही ने अपने खेल, नेतृत्व और शांत स्वभाव से करोड़ों दिल जीते हैं। उनके जन्मदिन से पहले जानिए उनसे जुड़े 10 ऐसे दिलचस्प किस्से, जिन्हें हर फैन जरूर जानना चाहेगा।

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Dipali Kumari
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MS Dhoni Birthday Special: भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी 7 जुलाई को अपना 45वां जन्मदिन मनाएंगे। क्रिकेट की दुनिया में ‘कैप्टन कूल’ के नाम से मशहूर धोनी ने अपने शांत स्वभाव, दमदार कप्तानी और मैच फिनिश करने की अनोखी कला से करोड़ों दिलों में खास जगह बनाई है। रांची की गलियों से निकलकर टीम इंडिया को टी20 वर्ल्ड कप, वनडे वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी जिताने वाले माही की कहानी आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा है। उनके जन्मदिन से पहले आइए जानते हैं उनसे जुड़े 10 ऐसे दिलचस्प किस्से, जिन्हें शायद आज भी कई लोग नहीं जानते।

1. क्रिकेट नहीं, फुटबॉल था पहला प्यार

आज दुनिया धोनी को महान विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में जानती है, लेकिन बचपन में उनका सपना फुटबॉलर बनने का था। स्कूल की फुटबॉल टीम में वह गोलकीपर थे। एक दिन स्कूल के स्पोर्ट्स टीचर ने उन्हें क्रिकेट टीम के लिए विकेटकीपिंग करने को कहा। धोनी ने इसे सिर्फ एक मौका समझकर स्वीकार किया, लेकिन यही फैसला उनकी जिंदगी बदल गया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा।

2. सचिन तेंदुलकर थे उनके पहले हीरो

धोनी बचपन से ही सचिन तेंदुलकर के बहुत बड़े प्रशंसक थे। वह सचिन का पोस्टर अपने कमरे में लगाकर रखते थे और उनका हर मैच देखने के लिए सुबह जल्दी उठ जाते थे। अगर सचिन जल्दी आउट हो जाते थे तो धोनी का मैच देखने का मन भी नहीं करता था। उनका सपना था कि एक दिन वह भी सचिन की तरह भारत के लिए मैच जिताएं।

3. रेलवे में टीटीई की नौकरी करते थे धोनी

क्रिकेट में पहचान बनाने से पहले धोनी भारतीय रेलवे में टिकट कलेक्टर (टीटीई) के रूप में काम करते थे। खड़गपुर रेलवे स्टेशन पर नौकरी के दौरान भी उन्होंने क्रिकेट का अभ्यास नहीं छोड़ा। नौकरी और क्रिकेट दोनों को साथ लेकर चले, लेकिन जब लगा कि क्रिकेट में बड़ा मौका मिल सकता है तो उन्होंने बिना झिझक नौकरी छोड़ दी। आगे चलकर यही फैसला उनकी सबसे बड़ी सफलता की वजह बना।

4. लंबे बालों वाला खिलाड़ी, जिसने सबका ध्यान खींच लिया

साल 2004 में जब धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा, तब उनके लंबे बाल काफी चर्चा में रहे। शुरुआती मैचों में भले ही वह ज्यादा रन नहीं बना पाए, लेकिन बाद में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और अलग अंदाज ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने भी उनके लंबे बालों की तारीफ करते हुए कहा था कि उन्हें यह हेयरस्टाइल नहीं बदलना चाहिए।

5. बाइक्स के हैं जबरदस्त शौकीन

धोनी का बाइक प्रेम किसी से छिपा नहीं है। पहली कमाई से उन्होंने सेकेंड हैंड बाइक खरीदी थी। आज उनके पास 50 से ज्यादा शानदार और लग्जरी बाइक्स का कलेक्शन है। रांची स्थित उनके फार्महाउस में बाइक गैलरी भी है। खास बात यह है कि जब भी समय मिलता है, वह अपनी बाइक्स और कारों की सफाई खुद करते हैं।

6. ऐसे मिला ‘कैप्टन कूल’ का नाम

मैदान पर चाहे आखिरी गेंद पर जीत का दबाव हो या विश्व कप का फाइनल, धोनी के चेहरे पर घबराहट शायद ही कभी दिखाई देती थी। मुश्किल परिस्थितियों में भी उनका शांत रहना और सही फैसला लेना उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी। इसी वजह से दुनिया ने उन्हें ‘कैप्टन कूल’ का नाम दिया, जो आज उनकी पहचान बन चुका है।

7. खुद से पहले हमेशा टीम को रखा

धोनी ने अपने पूरे करियर में कभी व्यक्तिगत रिकॉर्ड को प्राथमिकता नहीं दी। उनके लिए हमेशा टीम की जीत सबसे महत्वपूर्ण रही। 2011 विश्व कप जीतने के बाद भी जब खिलाड़ी ट्रॉफी के साथ जश्न मना रहे थे, तब धोनी पीछे खड़े होकर अपने साथियों की खुशी देख रहे थे। यही उनका व्यक्तित्व है, जिसने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाया।

9. सबसे बड़ी फैन थीं मां, लेकिन मैच नहीं देखती थीं

धोनी की मां उनकी सबसे बड़ी समर्थक हैं, लेकिन वह बेटे का लाइव मैच देखने से बचती थीं। उन्हें डर रहता था कि अगर उन्होंने मैच देखा तो कहीं धोनी जल्दी आउट न हो जाएं। इसलिए वह अक्सर मैच खत्म होने के बाद ही उसका परिणाम जानती थीं।

10. कप्तानी छोड़ी, लेकिन जिम्मेदारी नहीं

धोनी ने जब टीम इंडिया की कप्तानी छोड़ी तो पूरा क्रिकेट जगत हैरान रह गया। हालांकि कप्तानी छोड़ने के बाद भी उन्होंने युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना जारी रखा। विराट कोहली से लेकर कई युवा खिलाड़ी आज भी धोनी की सलाह को बेहद अहम मानते हैं। मैदान पर उनकी मौजूदगी हमेशा टीम के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रही है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।