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भारतीय निशानेबाजी को बड़ा झटका! दिग्गज शूटर और कोच जसपाल राणा का निधन

भारतीय निशानेबाजी को बड़ा झटका! दिग्गज शूटर और कोच जसपाल राणा का निधन
दिग्गज शूटर और कोच जसपाल राणा का निधन (Pic Credit- X @ChennaiIPL)

भारतीय निशानेबाजी जगत को बड़ा झटका लगा है। एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। मनु भाकर समेत कई स्टार निशानेबाजों को तराशने वाले राणा के जाने से खेल जगत में शोक की लहर है।

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Dipali Kumari
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Jaspal Rana Passed Away: भारतीय खेल जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और भारतीय निशानेबाजी टीम के वरिष्ठ कोच जसपाल राणा का कल गुरुवार रात निधन हो गया। वह 49 वर्ष के थे। उनके निधन से भारतीय निशानेबाजी जगत और खेल प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है।

राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) के अध्यक्ष कालीकेश नारायण सिंह देव ने उनके निधन की पुष्टि की। जानकारी के अनुसार, जसपाल राणा हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF विश्व कप से भारतीय दल के साथ लौट रहे थे। यात्रा के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। नई दिल्ली पहुंचते ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी चिकित्सा प्रक्रिया के तहत स्टेंट भी लगाया गया। हालांकि डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

पीएम मोदी ने जताया शोक

<blockquote class=”twitter-tweet”><p lang=”en” dir=”ltr”>Deeply saddened by the passing of Shri Jaspal Rana Ji. His passing is a profound loss to the world of Indian sports.<br><br>He brought immense glory to the nation through his extraordinary achievements in shooting. Equally remarkable was his contribution as a mentor, shaping and…</p>&mdash; Narendra Modi (@narendramodi) <a href=”https://x.com/narendramodi/status/2065294856789033357?ref_src=twsrc%5Etfw”>June 12, 2026</a></blockquote> <script async src=”https://platform.x.com/widgets.js” charset=”utf-8″></script>

जसपाल राणा की  उपलब्धियां

जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक थे। अपने खेल करियर में उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन किया। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने भारत को गौरवान्वित किया था। निशानेबाज के रूप में शानदार उपलब्धियां हासिल करने के बाद उन्होंने कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली और भारतीय शूटिंग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

मनु भाकर के कोच थे जसपाल राणा

कोच के रूप में भी उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने युवा निशानेबाजों को तराशने और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने का काम किया। पेरिस ओलंपिक 2024 में मनु भाकर के दो कांस्य पदक जीतने के पीछे भी जसपाल राणा की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। उनकी देखरेख में मनु भाकर ने शानदार प्रदर्शन किया और इतिहास रचा।

इसके अलावा उन्होंने सौरभ चौधरी, अनीश भानवाला समेत कई प्रतिभाशाली निशानेबाजों को प्रशिक्षित किया। जूनियर राष्ट्रीय टीम के कोच और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनर के रूप में उन्होंने भारतीय शूटिंग के लिए मजबूत प्रतिभा तैयार की। उनकी प्रशिक्षण पद्धति को काफी प्रभावी माना जाता था, जिसमें खिलाड़ियों को वास्तविक प्रतियोगिताओं जैसे दबाव में अभ्यास कराया जाता था।

द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित हुए थे जसपाल राणा

भारतीय निशानेबाजी में उनके अमूल्य योगदान को देखते हुए उन्हें वर्ष 2020 में प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके योगदान और उपलब्धियों को हमेशा याद किया जाएगा।

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।