Rashtra Bharat Logo

CDSCO Antibiotic Side Effects: सीडीएससीओ की नई सुरक्षा चेतावनी, 5 दवाओं के नए दुष्प्रभाव सामने आए

CDSCO Antibiotic Side Effects: सीडीएससीओ की नई सुरक्षा चेतावनी, 5 दवाओं के नए दुष्प्रभाव सामने आए
CDSCO Antibiotic Side Effects: सीडीएससीओ की नई सुरक्षा चेतावनी, 5 दवाओं के नए दुष्प्रभाव सामने आए ( Image-AI )

Side Effects : सीडीएससीओ ने पांच आम संक्रमणरोधी दवाओं के नए दुष्प्रभावों को लेकर चेतावनी जारी की है। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद न करें और त्वचा पर चकत्ते, फफोले या तेज बुखार जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

Updated:
·by
Priyanka C. Mishra
Priyanka C. Mishra
Share:

विषयसूची

डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न रोकें

CDSCO Antibiotic Side Effects: गंभीर बैक्टीरियल, फंगल और अन्य संक्रमणों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली पांच आम दवाओं को लेकर केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने नई सुरक्षा चेतावनी जारी की है। दवा नियामक ने इन दवाओं के पैकेट, प्रिस्क्रिप्शन जानकारी और दवा संबंधी साहित्य में नए दुष्प्रभाव (एडवर्स ड्रग रिएक्शन) शामिल करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य डॉक्टरों और मरीजों को संभावित गंभीर प्रतिक्रियाओं के प्रति पहले से सतर्क करना है।
सीडीएससीओ ने स्पष्ट किया है कि इन दवाओं को असुरक्षित घोषित नहीं किया गया है और न ही इनके उपयोग पर कोई रोक लगाई गई है। ये दवाएं अब भी जरूरत के अनुसार डॉक्टर की सलाह पर दी जा सकती हैं। संगठन ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के औषधि नियंत्रकों को निर्देश दिया है कि वे अपने यहां दवा बनाने वाली कंपनियों से नए सुरक्षा निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराएं।

CDSCO Antibiotic Side Effects
CDSCO Antibiotic Side Effects ( Image – AI )

कौन-कौन सी दवाएं हैं शामिल

सीडीएससीओ की नई चेतावनी में चार संक्रमणरोधी (एंटीबायोटिक/एंटीप्रोटोजोअल) और एक एंटीफंगल दवा शामिल है। इनमें वैनकॉमायसिन, टेट्रासाइक्लिन, कोट्रिमोक्साजोल, मेट्रोनिडाजोल और ओरल इट्राकोनाजोल शामिल हैं। इन दवाओं का उपयोग देशभर में अलग-अलग तरह के संक्रमणों के इलाज में लंबे समय से किया जाता है।

वैनकॉमायसिन से सिंड्रोम का खतरा

वैनकॉमायसिन का इस्तेमाल गंभीर बैक्टीरियल संक्रमणों के इलाज में किया जाता है। सीडीएससीओ के अनुसार, इस दवा से कुछ मरीजों में ड्रेस सिंड्रोम की आशंका सामने आई है। यह एक दुर्लभ लेकिन गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया है, जिसमें तेज बुखार, पूरे शरीर पर चकत्ते, चेहरे पर सूजन और शरीर के अंदरूनी अंगों, खासकर लीवर और किडनी पर असर पड़ सकता है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह स्थिति गंभीर हो सकती है।

टेट्रासाइक्लिन से त्वचा पर बार-बार चकत्ते

मुंहासों, श्वसन तंत्र और अन्य बैक्टीरियल संक्रमणों में दी जाने वाली टेट्रासाइक्लिन के साथ अब ‘फिक्स्ड ड्रग इरप्शन’ (एफडीई) की चेतावनी जोड़ी गई है। इस प्रतिक्रिया में दवा लेने पर त्वचा के एक ही स्थान पर बार-बार लाल चकत्ते, जलन और फफोले बनने लगते हैं। कई मामलों में दवा दोबारा लेने पर वही निशान फिर उभर आते हैं।

कोट्रिमोक्साजोल से भी फफोले और चकत्ते

यूरिन संक्रमण (यूटीआई), फेफड़ों के संक्रमण और कुछ अन्य बैक्टीरियल बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली कोट्रिमोक्साजोल के साथ भी फिक्स्ड ड्रग इरप्शन का जोखिम जोड़ा गया है। इससे त्वचा पर लाल चकत्ते, जलन और फफोले जैसी गंभीर प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर अपनी हेल्थ की सुरक्षा के लिए मरीज को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

मेट्रोनिडाजोल में भी नया सुरक्षा अलर्ट

पेट, आंत, दांत और परजीवी संक्रमणों के इलाज में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली मेट्रोनिडाजोल को लेकर भी नई चेतावनी जारी की गई है। इस दवा से भी कुछ मरीजों में त्वचा पर बार-बार चकत्ते, लाल धब्बे और फफोले बनने की शिकायतें मिली हैं। इन्हें भी फिक्स्ड ड्रग इरप्शन की श्रेणी में रखा गया है।

ओरल इट्राकोनाजोल से त्वचा की गंभीर प्रतिक्रिया

फंगल संक्रमण के इलाज में दी जाने वाली ओरल इट्राकोनाजोल के साथ भी नई चेतावनी जोड़ी गई है। इस दवा से कुछ मरीजों में शरीर की त्वचा की सिलवटों वाले हिस्सों में लाल चकत्ते और सूजन जैसी गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया देखी गई है। मेडिकल भाषा में इसे सिमेट्रिकल ड्रग-रिलेटेड इंटरट्रिजिनस एंड फ्लेक्सरल एग्ज़ैंथेमा (एसडीआरआईएफई) कहा जाता है।

समीक्षा के बाद लिया फैसला

सीडीएससीओ के अनुसार, ये नए दुष्प्रभाव दवाओं के बाजार में आने के बाद मरीजों से मिली प्रतिकूल प्रतिक्रिया रिपोर्टों की समीक्षा के दौरान सामने आए हैं। ऐसे मामलों की निगरानी फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया के तहत की जाती है। समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया कि डॉक्टरों और मरीजों को इन संभावित जोखिमों के बारे में पहले से जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि समय रहते पहचान और इलाज संभव हो सके।

लक्षणों को नजरअंदाज न करें

विशेषज्ञों के अनुसार यदि इन दवाओं के सेवन के दौरान या बाद में तेज बुखार, त्वचा पर लाल चकत्ते, बार-बार एक ही जगह फफोले, चेहरे या शरीर में सूजन, त्वचा में जलन या अन्य असामान्य एलर्जिक लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बिना सलाह के दवा बंद करना या दूसरी दवा शुरू करना नुकसानदायक हो सकता है।

मरीजों के लिए सलाह

CDSCO Antibiotic Side Effects: सीडीएससीओ ने कहा है कि इन चेतावनियों का मतलब यह नहीं है कि दवाएं खतरनाक हो गई हैं। अधिकांश मरीजों में ये दवाएं सुरक्षित और प्रभावी रहती हैं। हालांकि, दुर्लभ लेकिन गंभीर दुष्प्रभावों की जानकारी होने से डॉक्टर जरूरत पड़ने पर समय रहते दवा बदल सकते हैं या मरीज की निगरानी बढ़ा सकते हैं। इसलिए किसी भी एंटीबायोटिक या एंटीफंगल दवा का सेवन केवल डॉक्टर की सलाह पर करें और इलाज बीच में अपनी मर्जी से न रोकें।


Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Priyanka C. Mishra

Priyanka C. Mishra

प्रियंका सी. मिश्रा वरिष्ठ हिंदी कंटेंट राइटर और पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार लेखन, डिजिटल कंटेंट निर्माण, स्क्रिप्टिंग, रिपोर्टिंग और विश्लेषण के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विषयों के साथ-साथ बॉलीवुड, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल जैसे विविध विषयों पर तथ्यपरक और शोध आधारित लेखन करती हैं। जटिल मुद्दों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करना उनकी विशेषता है, जिससे उनकी सामग्री व्यापक पाठक वर्ग के लिए सहज और विश्वसनीय बनती है। अनुभव : हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन, फीचर स्टोरी, विश्लेषणात्मक लेख और यूट्यूब स्क्रिप्टिंग में मजबूत पहचान बनाई है। विभिन्न समसामयिक और जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता उन्हें एक बहुमुखी कंटेंट विशेषज्ञ के रूप में स्थापित करती है। वर्तमान फोकस : वे समाचार, सोशल ट्रेंड्स, एंटरटेनमेंट, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर डिजिटल ऑडियंस के लिए जानकारीपूर्ण और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी प्राथमिकता तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष प्रस्तुति और पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • समाचार लेखन और विश्लेषण : राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विषयों पर स्पष्ट और संतुलित रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण। • बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट : फिल्म, सेलिब्रिटी और मनोरंजन जगत से जुड़े ट्रेंड्स और अपडेट्स पर लेखन। • ज्योतिष और लाइफस्टाइल : ज्योतिष, स्वास्थ्य, रिलेशनशिप और दैनिक जीवन से जुड़े विषयों पर सरल एवं उपयोगी कंटेंट निर्माण। • यूट्यूब स्क्रिप्टिंग और डिजिटल कंटेंट : डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक, ऑडियंस-केंद्रित और रिसर्च आधारित स्क्रिप्ट तैयार करने में विशेषज्ञता। • हिंदी कंटेंट निर्माण : सरल, प्रभावी और SEO-फ्रेंडली हिंदी कंटेंट तैयार करने का अनुभव। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष दृष्टिकोण और संवेदनशील लेखन शैली के कारण प्रियंका सी. मिश्रा ने पाठकों के बीच एक विश्वसनीय हिंदी कंटेंट राइटर और डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल के रूप में अपनी पहचान बनाई है। समाचार और डिजिटल मीडिया के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा विविध विषयों पर निरंतर लेखन अनुभव उनकी विशेषज्ञता और विश्वसनीयता को मजबूत बनाता है।