NEET Paper Leak New Law: नीट पेपर लीक पर केंद्र सख्त, फास्ट ट्रैक कोर्ट वाला नया कानून लाने की तैयारी, आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक

Fast Track Court : नीट पेपर लीक पर केंद्र सरकार नया सख्त कानून लाने की तैयारी में है। फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा के प्रावधान के बीच सोनम वांगचुक ने सरकार के आश्वासन के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया।
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सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद खत्म किया अनशन
NEET Paper Leak New Law: नीट समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाने के संकेत दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात जारी अपने वीडियो संदेश में कहा कि सरकार पेपर लीक से जुड़े मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और दोषियों को सख्त सजा देने का प्रावधान किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि प्रस्तावित विधेयक पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जो लोग छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करेंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद विधेयक को अंतिम रूप देकर जल्द से जल्द संसद में पेश करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि इसे शीघ्र कानून का रूप दिया जा सके।

मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा – वांगचुक
सरकार के इस ऐलान के कुछ ही समय बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिन से जारी आमरण अनशन समाप्त कर दिया। देर रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे और उन्होंने वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने कहा कि यह फैसला लंबे समय तक चली बातचीत और सरकार से मिले लिखित आश्वासनों के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिया है। साथ ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने तथा परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और सुधार पर चर्चा का आश्वासन भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ते तनाव और संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए भी उन्होंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।
5 से 10 वर्ष तक की सजा
- सरकार के प्रस्तावित कानून में पेपर लीक के मामलों को लेकर सख्त दंडात्मक प्रावधान किए जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, पेपर लीक में शामिल दोषियों को पांच से दस वर्ष तक की सजा दी जा सकती है। ऐसे मामलों में जमानत के प्रावधान भी कठोर किए जाएंगे, ताकि आरोपी आसानी से राहत न पा सकें।
- सूत्रों के मुताबिक यदि किसी कोचिंग संस्थान, शिक्षक या शिक्षा से जुड़े किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका पेपर लीक में सामने आती है तो संबंधित संस्थान के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ने पर संस्थान की मान्यता समाप्त करने या उसे बंद करने तक का प्रावधान किया जा सकता है। ऐसे मामलों में सामान्य आरोपियों की तुलना में दोगुनी सजा का प्रावधान भी प्रस्तावित है। हालांकि इन प्रावधानों का अंतिम स्वरूप कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
- प्रस्तावित कानून में प्रश्नपत्र तैयार करने या परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। यदि जांच में कोई पेपर सेटर या परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसे भविष्य में किसी भी परीक्षा प्रणाली से स्थायी रूप से बाहर किया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य केवल दोषियों को दंडित करना ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना भी है।
कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन
नीट पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों का लगातार प्रदर्शन जारी है। उनका कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते हैं। इसी मुद्दे को लेकर कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग तेज हुई।

मोदी का संदेश बड़ा राजनीतिक संकेत
NEET Paper Leak New Law: प्रधानमंत्री के संदेश को सरकार की ओर से इस पूरे विवाद पर अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार केवल दोषियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऐसी कानूनी व्यवस्था तैयार करेगी जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। उनका कहना था कि छात्रों का हित सर्वोपरि है और उनकी मेहनत को बर्बाद करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अब सभी की नजर शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक पर है, जहां प्रस्तावित विधेयक के मसौदे पर चर्चा होगी। यदि कैबिनेट से मंजूरी मिलती है तो सरकार इसे जल्द संसद में पेश करने की तैयारी करेगी। माना जा रहा है कि नए कानून के जरिए पेपर लीक मामलों की जांच, सुनवाई और सजा की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी बनाई जाएगी, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों का भरोसा मजबूत हो सके।

