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Bengal Birth Death Certificate New Rules: पंचायत प्रधानों से छिना अधिकार, जानें अब कैसे बनेगा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र

Bengal Birth Death Certificate New Rules: पंचायत प्रधानों से छिना अधिकार, जानें अब कैसे बनेगा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र
Bengal Birth Death Certificate New Rules: पश्चिम बंगाल में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के नियम बदले। पंचायत प्रधानों का अधिकार खत्म। अब केवल सरकारी अधिकारी बनाएंगे सर्टिफिकेट। जानिए पूरी प्रक्रिया। (Image Source: AI)

Bengal Birth Death Certificate New Rules: पश्चिम बंगाल में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के नियम बदले। पंचायत प्रधानों का अधिकार खत्म। अब केवल सरकारी अधिकारी बनाएंगे सर्टिफिकेट। जानिए पूरी प्रक्रिया।

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Shinki Singh
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जानिए अब कौन जारी करेगा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र

Bengal Birth Death Certificate New Rules: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। शुक्रवार को जारी एक नई अधिसूचना के तहत ग्राम पंचायतों के प्रधानों और नगर निकायों के अध्यक्षों से जन्म और मृत्यु पंजीकरण का अधिकार तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद अब यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी केवल अधिकृत सरकारी अधिकारियों को सौंपी गई है।

अब किसके पास होगा अधिकार?

नई अधिसूचना के अनुसार, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने और उनके पंजीकरण का जिम्मा अब निम्नलिखित अधिकारियों के पास होगा:

  • ज़िला स्तर पर: जिला मजिस्ट्रेट (DM)

  • स्वास्थ्य विभाग: विभाग के नामित नोडल अधिकारी

  • चिकित्सा संस्थान: सरकारी अस्पतालों के प्रमुख / अधीक्षक

फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर नकेल

मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल ने अधिसूचना जारी होने से ठीक एक दिन पहले  इस कदम का संकेत दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि अब चुने हुए जनप्रतिनिधियों के पास यह अधिकार नहीं रहेगा। प्रशासन के अनुसार यह सख्त कदम फर्जीवाड़े को रोकने के लिए उठाया गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां और फर्जी दस्तावेजों के खेल का खुलासा हुआ था।

पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन का लक्ष्य

इस नीतिगत बदलाव की जानकारी साझा करते हुए राज्य प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया (X) पर कहा गया कि इस सुधार का मुख्य उद्देश्य नागरिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुलभ बनाना है। सरकार का मानना है कि इस संरचनात्मक सुधार से राज्य भर में फर्जी दस्तावेजों के निर्माण पर पूरी तरह से लगाम लगेगी और आम जनता को बिना किसी गड़बड़ी के सेवाएं मिल सकेंगी।


रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकता

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शिंकी सिंह (Shinki Singh) पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक का अनुभव रखती हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में दैनिक सन्मार्ग से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जहाँ कई वर्षों तक फील्ड रिपोर्टिंग और न्यूज़ डेस्क की जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक सरोकारों, महिला मुद्दों और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही न्यूज़ एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया, जिससे डिजिटल और मल्टीमीडिया पत्रकारिता की उनकी समझ और अधिक सशक्त हुई। इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर से जुड़कर हार्ड न्यूज़, समसामयिक घटनाओं और लाइफस्टाइल पत्रकारिता सहित विभिन्न विषयों पर रिपोर्टिंग और लेखन किया। तथ्यपरक, निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता में विश्वास रखते हुए वे प्रत्येक समाचार को विश्वसनीय स्रोतों, तथ्यों के सत्यापन और गहन अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देती हैं। वर्तमान में शिंकी सिंह राष्ट्र भारत से जुड़ी हैं, जहाँ वे राष्ट्रीय, राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और विशेष रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। शैक्षणिक रूप से उन्होंने महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक से बी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से इतिहास एवं अंग्रेज़ी विषयों में स्नातकोत्तर (Master's) की डिग्री हासिल की है। वे पत्रकारिता में निरंतर सीखने, बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने तथा तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने में विश्वास रखती हैं।