Rashtra Bharat Logo

नागपुर में मुख्यमंत्री फडणवीस बोले विदर्भ बनेगा खनन और हरित इस्पात का केंद्र

नागपुर में मुख्यमंत्री फडणवीस बोले विदर्भ बनेगा खनन और हरित इस्पात का केंद्र
Vidarbha Mining Green Steel Hub: नागपुर में मुख्यमंत्री फडणवीस बोले विदर्भ बनेगा खनन और हरित इस्पात का केंद्र (Image: AI)

विदर्भ खनन हरित इस्पात केंद्र: नागपुर में खनन अभियंताओं के राष्ट्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विदर्भ को खनन और हरित इस्पात का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा पर बात की। गढ़चिरौली में करीब 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 50 एमटीपीए इस्पात उत्पादन क्षमता की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में नई तकनीक, महत्वपूर्ण खनिज, सुरक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

विदर्भ में खनन और हरित इस्पात के विकास की तैयारी

विदर्भ खनन हरित इस्पात केंद्र: नागपुर। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि विदर्भ में खनन के माध्यम से भारत के आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बनने की क्षमता है। गढ़चिरौली में माइनिंग क्षेत्र की नई इकोसिस्टम विकसित हो रही है और देश में पहली बार क्लीन एवं ग्रीन स्टील क्रांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री यह बात होटल रेडिसन ब्लू में द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), नागपुर लोकल सेंटर की ओर से आयोजित खनन अभियंताओं के 36वें राष्ट्रीय अधिवेशन एवं ‘माइनिंग फॉर विकसित भारत @2047’ विषयक राष्ट्रीय परिसंवाद के उद्घाटन अवसर पर कह रहे थे। उन्होंने माइनिंग क्षेत्र में नए शोध पर आधारित प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।

फडणवीस ने बताया कि गढ़चिरौली में करीब 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश और लगभग 50 एमटीपीए स्टील उत्पादन क्षमता विकसित की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तावित पहले आठ कोल गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट्स में से चार विदर्भ में आए हैं। गढ़चिरौली के साथ चंद्रपुर, भंडारा, नागपुर, गोंदिया और यवतमाल में नई औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित हो सकती है, जिससे रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे।

गढ़चिरौली में बड़े निवेश और नई औद्योगिक व्यवस्था पर जोर

आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. संदीप शिरखेडकर ने महत्वपूर्ण खनिजों, नई तकनीक और खदान बंद करने की प्रक्रिया पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता बताई। वहीं डब्ल्यूसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. हेमंत शरद पांडे ने कहा कि नागपुर को देश की ‘माइनिंग कैपिटल’ बनाने के उद्देश्य से यह अधिवेशन आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूसीएल ने 12 खदानों में 18 महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ मृदा तत्वों की पहचान की है।

अधिवेशन में देशभर से करीब 300 प्रतिनिधि शामिल हुए हैं, जहां 40 तकनीकी शोधपत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। एआई, ड्रोन, ऑटोमेशन, डिजिटाइजेशन, इंटेलिजेंट माइनिंग, सुरक्षा और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। इस मौके पर ‘एमिनेंट इंजीनियर’ और ‘यंग इंजीनियर्स अवॉर्ड्स 2026’ भी प्रदान किए गए।

आने वाले दिनों में इस अधिवेशन से निकलने वाले सुझाव विदर्भ की खनन नीति की दिशा तय कर सकते हैं।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।