NEET पेपर लीक आंदोलन का आज दूसरा दिन, रात भर जंतर-मंतर पर समर्थकों संग डटे रहे अभिजीत दिपके

NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जंतर-मंतर पर शुरू हुआ आंदोलन दूसरे दिन भी जारी है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दिपके अपने समर्थकों के साथ धरने पर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।
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NEET Paper Leak Protest: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जंतर-मंतर पर शुरू हुआ प्रदर्शन रविवार, 21 जून को दूसरे दिन भी जारी है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके अपने समर्थकों के साथ लगातार धरने पर बैठे हुए हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। रातभर प्रदर्शन जारी रहने के बाद रविवार सुबह भी प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर डटे रहे।
अभिजीत दिपके ने देशभर के लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में भरोसे का सवाल है। दिपके ने दोबारा परीक्षा देने वाले NEET अभ्यर्थियों से भी आज परीक्षा समाप्त होने के बाद आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है।
रातभर जंतर-मंतर के पास डटे रहे प्रदर्शनकारी
शनिवार शाम प्रदर्शन की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से नहीं हटे। दिल्ली पुलिस ने धरना स्थल खाली करने को कहा था, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया। दिपके ने कहा कि यदि प्रशासन उन्हें वहां से हटाना चाहता है तो प्रदर्शन के लिए कोई वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शनिवार रात धरना स्थल पर बिजली और पानी जैसी सुविधाएं बाधित कर दी गई थीं। हालांकि बाद में कुछ सुविधाएं बहाल कर दी गईं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से सभी मूलभूत सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध कराने की मांग की है।
जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात
धरने के दौरान बड़ी संख्या में युवा थाली और चम्मच लेकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात है। इलाके में बैरिकेडिंग और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
अभिजीत दिपके और उनके समर्थकों की मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। साथ ही पेपर लीक मामले से प्रभावित छात्रों को न्याय मिले और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
सोनम वांगचुक 27 से करेंगे भूख हड़ताल
इस आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो 27 जून से वह भूख हड़ताल शुरू करेंगे। फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन लगातार जारी है और आंदोलनकारियों ने अपनी मांगें पूरी होने तक पीछे न हटने का ऐलान किया है।

