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नागपुर जिले के बेलोना गांव में महावितरण की छापेमारी, 6 बिजली चोर पकड़े गए

MSEDCL Electricity Theft Raid in Nagpur: नरखेड में बिजली चोरी पकड़ी गई, 6 दोषी मिले
MSEDCL Electricity Theft Raid in Nagpur: नरखेड में बिजली चोरी पकड़ी गई, 6 दोषी मिले (File Photo)

MSEDCL Electricity Theft Raid in Nagpur: नागपुर के नरखेड तहसील के बेलोना गांव में महावितरण ने सुबह 6 बजे अचानक छापेमारी की। 50 संदिग्ध कनेक्शनों की जांच में 6 उपभोक्ता बिजली चोरी करते पकड़े गए। विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत 35000 रुपये की अनियमितता पाई गई और दंडात्मक कार्रवाई की गई।

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बिजली चोरी के खिलाफ महावितरण की सख्त कार्रवाई

MSEDCL Electricity Theft Raid in Nagpur: नागपुर जिले के नरखेड तहसील स्थित बेलोना गांव में महावितरण ने बिजली चोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईमानदार बिजली उपभोक्ताओं को अच्छी और नियमित बिजली आपूर्ति देने के उद्देश्य से कंपनी ने सख्त रुख अपनाया है। सुबह करीब 6 बजे अचानक छापेमारी कर महावितरण की टीम ने 50 संदिग्ध उपभोक्ताओं के मीटरों की गहरी जांच की। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बिजली चोरी करने वाले लोगों के चेहरे पीले पड़ गए जब अधिकारियों ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।

जांच में सामने आई बड़ी अनियमितताएं

महावितरण की टीम ने जब बेलोना गांव में मीटरों की जांच शुरू की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कुल 50 संदिग्ध कनेक्शनों की जांच की गई जिनमें से 6 उपभोक्ता सीधे तौर पर बिजली चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। इन लोगों ने अलग-अलग तरीकों से बिजली की चोरी की थी। कुछ लोगों ने मीटर में छेड़छाड़ की थी तो कुछ ने सीधे तार से बिजली निकाल ली थी। जांच के दौरान करीब 35,000 रुपये की अनियमितता पाई गई। महावितरण ने इन सभी दोषियों के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत सख्त कार्रवाई की और दंड लगाया।

टीम के सदस्यों का योगदान

यह पूरा अभियान काटोल विभाग के कार्यकारी अभियंता दीपक अगाव के मार्गदर्शन में चलाया गया। उनकी देखरेख में टीम ने बेहद सटीक तरीके से काम किया और बिजली चोरों को पकड़ने में सफलता हासिल की। इस अभियान में सहायक अभियंता शुभम हेडाऊ और नीलेश मेश्राम ने अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही कनिष्ठ अभियंता रोहित मेश्राम, सौरभ नैताम और वरितेश रामटेके भी टीम का हिस्सा थे। सभी अधिकारियों ने मिलकर सुबह-सुबह की गई इस कार्रवाई को सफल बनाया।

बिजली चोरी से ईमानदार उपभोक्ताओं को नुकसान

महावितरण ने साफ शब्दों में कहा है कि बिजली चोरी से सिर्फ कंपनी को ही नहीं बल्कि ईमानदार उपभोक्ताओं को भी भारी नुकसान होता है। जब कुछ लोग चोरी से बिजली का इस्तेमाल करते हैं तो पूरे वितरण तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इस वजह से बिजली का वोल्टेज कम हो जाता है और तकनीकी समस्याएं पैदा होती हैं। जो लोग नियमित रूप से बिल भरते हैं उन्हें कम वोल्टेज की समस्या, बार-बार बिजली जाना और खराब आपूर्ति जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसलिए बिजली चोरी रोकना जरूरी है ताकि सभी को अच्छी सेवा मिल सके।

कानूनी कार्रवाई और दंड का प्रावधान

बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 में सख्त प्रावधान किए गए हैं। इस कानून की धारा 135 के तहत बिजली चोरी करने वाले लोगों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। पहली बार पकड़े जाने पर तीन साल तक की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। दोबारा पकड़े जाने पर सजा और बढ़ सकती है। जुर्माने की रकम भी काफी ज्यादा होती है। बेलोना गांव में पकड़े गए 6 उपभोक्ताओं पर भी इसी कानून के तहत कार्रवाई की गई है और उन्हें दंड दिया गया है।

आगे भी जारी रहेंगे ऐसे अभियान

महावितरण ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बिजली चोरी के खिलाफ अभियान लगातार चलते रहेंगे। कंपनी का मकसद है कि हर उपभोक्ता को अधिकृत कनेक्शन मिले और सभी अपने बिल समय पर भरें। जो लोग बिजली चोरी करते हैं उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में अलग-अलग इलाकों में ऐसे अचानक छापे मारे जाएंगे। टीमें तकनीकी उपकरणों की मदद से मीटरों की जांच करेंगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई होगी।

नागरिकों से अधिकृत कनेक्शन लेने की अपील

महावितरण ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सिर्फ अधिकृत तरीके से ही बिजली का इस्तेमाल करें। अगर किसी को नया कनेक्शन चाहिए तो वह सही प्रक्रिया के जरिए आवेदन करे। मीटर में किसी भी तरह की छेड़छाड़ या अवैध तरीके से बिजली लेना गंभीर अपराध है। इससे न सिर्फ कानूनी परेशानी होती है बल्कि जान का खतरा भी रहता है। बिजली चोरी से आग लगने, शॉर्ट सर्किट होने और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इसलिए सुरक्षित और कानूनी तरीके से बिजली का उपयोग करना ही समझदारी है।

बिजली वितरण प्रणाली पर प्रभाव

बिजली चोरी से पूरी वितरण प्रणाली पर बुरा असर पड़ता है। जब अवैध तरीके से बिजली निकाली जाती है तो ट्रांसफार्मर और केबल पर अतिरिक्त भार पड़ता है। इससे ये उपकरण जल्दी खराब होते हैं और मरम्मत का खर्च बढ़ता है। साथ ही बिजली की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। पूरे क्षेत्र में वोल्टेज में उतार-चढ़ाव होता है जिससे घरेलू उपकरण खराब हो सकते हैं। इसलिए बिजली चोरी रोकना सिर्फ कंपनी के लिए ही नहीं बल्कि पूरे समाज के हित में है।

जनता की जागरूकता जरूरी

MSEDCL Electricity Theft Raid in Nagpur: महावितरण का मानना है कि बिजली चोरी रोकने के लिए सिर्फ कार्रवाई ही नहीं बल्कि जनता की जागरूकता भी जरूरी है। लोगों को समझना चाहिए कि बिजली एक महत्वपूर्ण संसाधन है और इसका सही इस्तेमाल करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। बिजली का बिल भरना कानूनी दायित्व तो है ही साथ ही यह सामाजिक जिम्मेदारी भी है। जो लोग चोरी करते हैं वे न सिर्फ खुद को बल्कि पूरे समाज को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए सभी को मिलकर इस बुराई के खिलाफ खड़ा होना चाहिए।

बेलोना गांव की कार्रवाई एक संदेश

बेलोना गांव में हुई यह कार्रवाई पूरे क्षेत्र के लिए एक स्पष्ट संदेश है। महावितरण ने दिखा दिया है कि बिजली चोरी करने वाले कहीं भी हों, उन्हें पकड़ा जाएगा और दंडित किया जाएगा। सुबह 6 बजे की अचानक छापेमारी से यह साफ हो गया कि कंपनी किसी भी समय कार्रवाई कर सकती है। 50 कनेक्शनों की जांच और 6 दोषियों को पकड़ना दिखाता है कि टीम गंभीरता से काम कर रही है। 35,000 रुपये की अनियमितता उजागर करना भी कंपनी की मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाता है। अब पूरे इलाके में बिजली चोर सतर्क हो गए हैं और उन्हें लग रहा है कि कभी भी उनकी पोल खुल सकती है।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।