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एपस्टीन फाइल्स विवाद: राहुल गांधी के आरोपों पर हरदीप पुरी का पलटवार

Rahul Gandhi Parliament Speech Epstein Allegations: राहुल गांधी ने हरदीप पुरी पर लगाए गंभीर आरोप, मंत्री ने दिया करारा जवाब
Rahul Gandhi Parliament Speech Epstein Allegations: राहुल गांधी ने हरदीप पुरी पर लगाए गंभीर आरोप, मंत्री ने दिया करारा जवाब (FB Photo)

Rahul Gandhi Parliament Speech Epstein Allegations: संसद में राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अनिल अंबानी का नाम एपस्टीन फाइल्स से जोड़ते हुए गंभीर सवाल उठाए। पुरी ने आरोपों को गलत बताया और कहा कि उनकी मुलाकात एक अंतरराष्ट्रीय संस्था के जरिए हुई थी। किरेन रीजीजू ने राहुल के भाषण को विशेषाधिकार हनन करार दिया।

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एपस्टीन फाइल्स पर संसद में बड़ा बवाल

Rahul Gandhi Parliament Speech Epstein Allegations: संसद का बजट सत्र इस बार सिर्फ आंकड़ों और योजनाओं तक सीमित नहीं रहा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बहस के दौरान एक ऐसा मुद्दा उठाया जिसने पूरे सदन का माहौल बदल दिया। राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बड़े व्यापारी अनिल अंबानी का नाम अमेरिका की एपस्टीन फाइल्स से जोड़ा। इस पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और मंत्री पुरी ने खुद मैदान में उतरकर राहुल गांधी को जवाब दिया। यह पूरा मामला अब देश की राजनीति में एक बड़ी चर्चा का विषय बन गया है।

राहुल गांधी ने संसद में क्या कहा

बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि व्यापारी अनिल अंबानी का नाम एपस्टीन फाइल्स में है और इसीलिए उन्हें कोई कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ रहा। राहुल ने यह भी पूछा कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को एपस्टीन से किसने मिलवाया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें इसकी पूरी जानकारी है और वह जल्द ही उस जानकारी को पक्के सबूत के साथ सामने रखेंगे।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अमेरिका के न्याय विभाग की फाइलों में हरदीप पुरी और अनिल अंबानी के नाम मौजूद हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अडानी से जुड़े एक मामले में समन जारी किए गए हैं लेकिन भारत सरकार ने पिछले डेढ़ साल से कोई जवाब नहीं दिया है। राहुल ने इशारा किया कि प्रधानमंत्री पर किसी खास दबाव की वजह से ऐसा हो रहा है।

सदन से बाहर आकर उन्होंने मीडिया से कहा कि जो डेटा उनके पास है, वह उसे पूरी तरह से पुष्ट करके ही सार्वजनिक करेंगे।

हरदीप पुरी ने दिया सीधा जवाब

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राहुल गांधी के इन आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया। उन्होंने कहा कि एपस्टीन से उनकी मुलाकात तीन से चार बार हुई थी लेकिन यह मुलाकातें इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट के एक दल के हिस्से के रूप में हुई थीं। यह एक अंतरराष्ट्रीय शांति संस्था है और उस दौरान पुरी उस संस्था से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि यह बात छुपाने वाली नहीं है और इसमें कुछ भी गलत नहीं था।

पुरी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें बेबुनियाद आरोप लगाने की पुरानी आदत है। उन्होंने कहा कि देश में दो तरह के नेता होते हैं। एक वे जो देश और समाज की सेवा में अपना पूरा जीवन लगा देते हैं और राजनीतिक जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाते हैं। दूसरे वे हैं जो कभी-कभी देश में आते हैं और जब संसद में होते हैं तब भी दूसरों की बात सुने बिना सदन छोड़कर चले जाते हैं।

पुरी ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने आज भी अपनी बात रखने के बाद सदन छोड़ दिया और यह उनकी कार्यशैली को साफ दिखाता है।

किरेन रीजीजू ने लगाया विशेषाधिकार हनन का आरोप

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने राहुल गांधी के भाषण को गंभीर नियम उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने बिना किसी पूर्व सूचना के एक केंद्रीय मंत्री पर सीधे आरोप लगाए जो कि संसदीय नियमों का उल्लंघन है। इसे विशेषाधिकार हनन कहा जाता है और सरकार इस बारे में संसद के आसन को जरूरी जानकारी देगी।

रीजीजू ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने बजट चर्चा में कोई ठोस और काम की बात नहीं की। उनका पूरा भाषण सिर्फ आरोपों से भरा था। इसके अलावा नियम यह है कि जो सदस्य एक बार बोल दे, वह तुरंत सदन नहीं छोड़ सकता। लेकिन राहुल गांधी ने यह नियम भी नहीं माना और भाषण खत्म होते ही बाहर चले गए।

क्या है एपस्टीन फाइल्स का पूरा मामला

जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी व्यापारी था जिस पर बड़े पैमाने पर यौन शोषण के मामले दर्ज थे। साल 2019 में जेल में उसकी मौत हो गई थी। अमेरिका में उससे जुड़े दस्तावेज धीरे-धीरे सार्वजनिक किए जा रहे हैं जिनमें दुनिया भर के कई बड़े नाम सामने आ रहे हैं। इन दस्तावेजों को ही एपस्टीन फाइल्स कहा जाता है। इन फाइलों में किसी का नाम होने का मतलब यह नहीं है कि वह व्यक्ति किसी अपराध में शामिल था, लेकिन यह नाम राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा कारण बन गए हैं।

भारत में भी इन फाइलों को लेकर राजनीति गरमाई हुई है और अब यह मामला सीधे संसद तक पहुंच गया है।

विपक्ष और सत्ता पक्ष में तीखी नोकझोंक

इस पूरे घटनाक्रम ने संसद में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच की दूरी और बढ़ा दी है। एक तरफ कांग्रेस और राहुल गांधी इन आरोपों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं तो दूसरी तरफ सत्तारूढ़ दल के नेता इन आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं।

यह भी देखा जा रहा है कि जब भी बजट जैसे अहम मौके पर विपक्ष को ठोस मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाने का मौका होता है, तब कई बार बहस इन विवादों में उलझ जाती है। इससे जनता के असली सवालों पर चर्चा पीछे रह जाती है।

सवाल जो अभी भी बाकी हैं

Rahul Gandhi Parliament Speech Epstein Allegations: इस पूरे मामले में कुछ सवाल अभी भी बिना जवाब के हैं। राहुल गांधी ने दावा किया है कि उनके पास डेटा है, लेकिन वह डेटा अभी तक पूरी तरह सार्वजनिक नहीं हुआ है। हरदीप पुरी ने मुलाकात की बात मानी है लेकिन उसका संदर्भ अलग बताया है। अनिल अंबानी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या राहुल गांधी अपने दावे को पुख्ता सबूतों के साथ पेश कर पाते हैं और क्या सरकार इस मामले में कोई स्पष्टीकरण देती है। संसद में यह मुद्दा आगे भी गर्म रह सकता है।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।