Gold Rate Today: मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। पिछले सप्ताह की तेजी के बाद बाजार में जो उत्साह दिख रहा था, वह अचानक ठंडा पड़ गया। मजबूत अमेरिकी डॉलर और नए सकारात्मक संकेतों की कमी ने निवेशकों का रुख बदल दिया।
व्यापारियों के अनुसार, जब भी सोने की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, तो एक स्तर के बाद मुनाफावसूली शुरू हो जाती है। इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। जिन निवेशकों ने पिछले हफ्ते कम दाम पर खरीदारी की थी, उन्होंने ऊंचे स्तर पर मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया। इससे बाजार पर दबाव बढ़ा और कीमतें फिसल गईं।
आज के ताजा भाव
17 फरवरी 2026 को दिल्ली में सोने के दाम इस प्रकार रहे—
- 24 कैरेट सोना: 15,659 रुपये प्रति ग्राम (131 रुपये की गिरावट)
- 22 कैरेट सोना: 14,355 रुपये प्रति ग्राम (120 रुपये की गिरावट)
- 18 कैरेट सोना: 11,748 रुपये प्रति ग्राम (98 रुपये की गिरावट)
ध्यान रहे कि इन दरों में मेकिंग चार्ज, जीएसटी और टीसीएस शामिल नहीं हैं। अलग-अलग ज्वेलर्स के अनुसार अंतिम कीमत बदल सकती है।
24 कैरेट सोने में 131 रुपये प्रति ग्राम की गिरावट एक ही दिन में करीब 0.8 प्रतिशत की कमजोरी दर्शाती है। यह गिरावट पिछले सप्ताह की तेजी का बड़ा हिस्सा समेट ले गई है।
वायदा बाजार में भी कमजोरी
केवल खुदरा बाजार ही नहीं, बल्कि वायदा बाजार में भी दबाव साफ नजर आया। फरवरी 2026 के एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर्स करीब 1,56,590 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करते दिखे, जो पिछले बंद भाव से लगभग 1,300 रुपये नीचे रहे।
विशेषज्ञ मानते हैं कि जब हाजिर बाजार और वायदा बाजार दोनों में एक साथ गिरावट दिखती है, तो यह संकेत होता है कि फिलहाल तेजी की रफ्तार कमजोर पड़ चुकी है।
देश के बड़े शहरों में एक समान रुख
दिल्ली के साथ-साथ मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में भी सोने के दाम लगभग समान रहे। इन शहरों में 24 कैरेट सोना 15,659 रुपये प्रति ग्राम और 22 कैरेट 14,355 रुपये प्रति ग्राम पर दर्ज किया गया।
बेंगलुरु में डिजिटल गोल्ड की खरीदारी में भी सुस्ती देखने को मिली। निवेशक फिलहाल इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं।
चेन्नई में हालांकि दाम थोड़े ऊंचे रहे। यहां 24 कैरेट सोना लगभग 15,789 रुपये प्रति ग्राम के आसपास रहा। हालांकि व्यापक गिरावट के बावजूद यहां का प्रीमियम थोड़ा कम हुआ है।
क्या यह गिरावट खरीदारी का मौका है
ऐसे समय में घबराने के बजाय समझदारी से निर्णय लेना चाहिए। सोना हमेशा से दीर्घकालिक निवेश का सुरक्षित विकल्प माना जाता रहा है। अल्पकालिक उतार-चढ़ाव बाजार का स्वाभाविक हिस्सा हैं।
जो लोग शादी-ब्याह या पारिवारिक जरूरत के लिए खरीदारी की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह गिरावट राहत भरी हो सकती है। लेकिन जो लोग निवेश के नजरिए से बाजार में हैं, उन्हें वैश्विक संकेतों और डॉलर की चाल पर नजर रखनी चाहिए।
आगे क्या रह सकते हैं संकेत
विश्लेषकों का कहना है कि यदि डॉलर मजबूत बना रहता है और वैश्विक स्तर पर कोई बड़ा भू-राजनीतिक या आर्थिक तनाव नहीं बढ़ता, तो सोने की कीमतों में सीमित दायरे में कारोबार जारी रह सकता है।
हालांकि, यदि महंगाई या अंतरराष्ट्रीय तनाव से जुड़ी कोई बड़ी खबर आती है, तो सोना फिर से तेजी पकड़ सकता है। इसलिए यह समय जल्दबाजी का नहीं, बल्कि धैर्य और विश्लेषण का है।
कुल मिलाकर, आज की गिरावट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सोने की तेजी फिलहाल थम गई है। निवेशकों और ग्राहकों दोनों को संतुलित रणनीति अपनानी होगी। बाजार की चाल पर नजर रखते हुए ही अगला कदम उठाना समझदारी होगी।
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