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Silver Price Today: शादी सीजन से पहले चांदी सस्ती, जानिए आज क्या है भाव

Silver Price Today: शादी सीजन से पहले चांदी सस्ती, जानिए आज क्या है भाव
Silver Price Today: चांदी हुआ सस्ता, कीमत में बड़ी गिरावट; जानिए अपने शहर का ताजा भाव

भारत में आज चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। प्रति ग्राम चांदी 267.90 रुपये पर आ गई है, जो कल के मुकाबले थोड़ी सस्ती है। निवेशक और ग्राहक दोनों बाजार की चाल पर नजर बनाए हुए हैं। आगे उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।

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Dipali Kumari
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Silver Price Today: भारत में आज चांदी की कीमत 267.90 रुपये प्रति ग्राम दर्ज की गई है। वहीं प्रति किलोग्राम चांदी का भाव 2,67,900 रुपये रहा। अगर इसे 16 फरवरी 2026 के दाम से तुलना करें तो कल चांदी 268 रुपये प्रति ग्राम और 2,68,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी।

इस तरह देखें तो आज चांदी लगभग 0.10 रुपये प्रति ग्राम और 100 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हुई है। भले ही यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन लगातार बदलते बाजार में यह संकेत जरूर देती है कि फिलहाल चांदी में हल्की नरमी का रुख बना हुआ है।

क्यों खास है चांदी का बाजार

भारत में चांदी का महत्व केवल निवेश तक सीमित नहीं है। जैसे सोना भारतीय परंपराओं का हिस्सा है, वैसे ही चांदी भी आम जीवन से जुड़ी हुई धातु है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो चांदी को संपत्ति का सुरक्षित माध्यम माना जाता है।

चांदी सोने की तुलना में काफी सस्ती होती है। आमतौर पर 1 किलोग्राम चांदी की कीमत लगभग 15 ग्राम सोने के बराबर मानी जाती है। यही कारण है कि मध्यम वर्ग और ग्रामीण परिवारों में चांदी के आभूषण अधिक प्रचलित हैं।

आभूषण और परंपरा में चांदी की भूमिका

भारत में चांदी का सबसे अधिक उपयोग पायल, बिछिया, अंगूठी और कंगन के रूप में होता है। कई घरों में बच्चों को भी चांदी के कड़े और पायल पहनाने की परंपरा है।

इसके अलावा चांदी का धार्मिक महत्व भी है। पूजा के बर्तन, सिक्के और मूर्तियां चांदी से बनाई जाती हैं। त्योहारों और शुभ अवसरों पर चांदी खरीदना शुभ माना जाता है।

खाने में भी चांदी की मौजूदगी

भारत में मिठाइयों पर चांदी का वर्क लगाना आम बात है। शादी-ब्याह और त्योहारों में परोसी जाने वाली मिठाइयों पर चांदी की परत सजावट और शुद्धता का प्रतीक मानी जाती है। लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं।

हालांकि विशेषज्ञ समय-समय पर शुद्ध चांदी के वर्क के उपयोग की सलाह देते हैं, क्योंकि बाजार में नकली वर्क की भी शिकायतें आती रही हैं।

निवेशकों के लिए क्या संकेत

चांदी की कीमतों में आज की हल्की गिरावट को मैं व्यक्तिगत रूप से एक स्थिर बाजार का संकेत मानती हूं। बड़ी गिरावट या तेज उछाल की तुलना में ऐसी छोटी चाल यह दर्शाती है कि बाजार फिलहाल संतुलन की स्थिति में है।

जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए चांदी एक किफायती विकल्प बनी हुई है। सोने के मुकाबले कम कीमत होने के कारण इसमें छोटे निवेशक भी आसानी से प्रवेश कर सकते हैं।

आगे क्या रह सकती है दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल और औद्योगिक मांग चांदी की कीमतों को प्रभावित करती है। चांदी का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर उद्योग में भी होता है, इसलिए औद्योगिक मांग बढ़ने पर कीमतों में तेजी आ सकती है।

फिलहाल की स्थिति को देखें तो बाजार में बहुत बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं है, लेकिन निवेशकों को वैश्विक संकेतों पर नजर रखनी चाहिए।

कुल मिलाकर, आज चांदी के दाम में हल्की गिरावट दर्ज हुई है। आम ग्राहकों के लिए यह राहत की बात हो सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो शादी या किसी पारिवारिक कार्यक्रम के लिए खरीदारी की योजना बना रहे हैं। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेगी कि यह नरमी आगे बढ़ेगी या फिर कीमतों में दोबारा तेजी लौटेगी।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।