Petrol Diesel Price Today: हर दिन सुबह की शुरुआत चाय की चुस्की से पहले एक और खबर से होती है—पेट्रोल और डीजल के नए दाम। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां ताजा दरें जारी करती हैं और उसके साथ ही यह तय हो जाता है कि आज आपकी जेब पर कितना अतिरिक्त बोझ पड़ेगा या राहत मिलेगी।
यह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा सवाल है। ऑफिस जाने वाला कर्मचारी, स्कूल बस चलाने वाला ड्राइवर, ट्रांसपोर्टर या सब्जी बेचने वाला व्यापारी—सभी की लागत इन दामों से तय होती है।
प्रमुख शहरों में आज के पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव
नई दिल्ली में स्थिरता
राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल 94.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर है। यहां कर संरचना अपेक्षाकृत संतुलित होने के कारण कीमतें कुछ अन्य महानगरों से कम हैं।
मुंबई में सबसे अधिक बोझ
मुंबई में पेट्रोल 104.21 रुपये और डीजल 92.15 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। महानगरों में स्थानीय कर और वैट की दरें अधिक होने से यहां कीमतें ऊंची रहती हैं।
कोलकाता और चेन्नई का हाल
कोलकाता में पेट्रोल 103.94 रुपये और डीजल 90.76 रुपये है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल 100.75 रुपये और डीजल 92.34 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। दक्षिण और पूर्व भारत में कर संरचना के कारण मामूली अंतर देखने को मिलता है।
उत्तर और पश्चिम भारत की स्थिति
जयपुर में पेट्रोल 104.72 रुपये और डीजल 90.21 रुपये है। लखनऊ में पेट्रोल 94.69 रुपये और डीजल 87.80 रुपये दर्ज किया गया। चंडीगढ़ में पेट्रोल 94.30 रुपये और डीजल 82.45 रुपये है, जो अपेक्षाकृत कम है।
मध्य और पूर्वी राज्यों का परिदृश्य
पटना में पेट्रोल 105.58 रुपये और डीजल 93.80 रुपये है। इंदौर में पेट्रोल 106.48 रुपये और डीजल 91.88 रुपये दर्ज किया गया है। इन राज्यों में वैट की दरें ऊंची होने से दाम अधिक हैं।
दक्षिण और पश्चिम के अन्य शहर
बेंगलुरु में पेट्रोल 102.92 रुपये और डीजल 89.02 रुपये है। हैदराबाद में पेट्रोल 107.46 रुपये और डीजल 95.70 रुपये दर्ज किया गया। सूरत और नासिक में कीमतें अपेक्षाकृत संतुलित हैं, जहां पेट्रोल करीब 95 रुपये और डीजल 89 से 90 रुपये के बीच है।
कीमतें कैसे तय होती हैं
तेल विपणन कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर-रुपया विनिमय दर और कर ढांचे को ध्यान में रखकर रोजाना कीमत तय करती हैं। यदि कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं या रुपया कमजोर होता है, तो घरेलू बाजार में भी कीमतें बढ़ जाती हैं।
सरकार ने 2017 से रोजाना कीमत संशोधन की प्रणाली लागू की है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। इससे उपभोक्ताओं को अचानक बड़े बदलाव का सामना नहीं करना पड़ता, बल्कि धीरे-धीरे उतार-चढ़ाव दिखता है।
आम आदमी पर क्या असर
पेट्रोल-डीजल की कीमतों का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ता है। जब डीजल महंगा होता है तो माल ढुलाई की लागत बढ़ती है और इसका असर सब्जी, अनाज और अन्य जरूरी सामान की कीमतों पर भी दिखता है।
जब ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होती है तो छोटे व्यापारियों की चिंता बढ़ जाती है। वे या तो मुनाफा कम करते हैं या ग्राहकों पर बोझ डालते हैं।
आगे की दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की चाल और वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियां आने वाले दिनों में कीमतों को प्रभावित करेंगी। यदि डॉलर मजबूत रहता है या तेल उत्पादक देशों में तनाव बढ़ता है तो दाम ऊपर जा सकते हैं।
इसलिए उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि वे रोजाना कीमतों की जानकारी रखें। आज के दौर में ईंधन के दाम सिर्फ वाहन चलाने की लागत नहीं, बल्कि पूरे आर्थिक तंत्र का संकेत बन चुके हैं।
पेट्रोल और डीजल के ये आंकड़े हमें याद दिलाते हैं कि वैश्विक घटनाएं हमारे घर के बजट तक कैसे पहुंचती हैं। समझदारी इसी में है कि हम जानकारी रखें, योजना बनाएं और अपने खर्चों को संतुलित रखें।