Mahalaxmi Saras Exhibition: महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित महालक्ष्मी सरस प्रदर्शनी इस बार सिर्फ एक मेले तक सीमित नहीं रही, बल्कि महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने का मजबूत मंच बनकर उभरी है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं यहां अपने उत्पादों के जरिए न सिर्फ अपनी पहचान बना रही हैं, बल्कि आर्थिक रूप से सशक्त भी हो रही हैं।

राज्य के 36 जिलों में “उमेद मॉल” की पहल
इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल बिक्री का केंद्र नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के हुनर को एक बड़े ब्रांड के रूप में स्थापित करने का जरिया बन चुकी है। उन्होंने बताया कि राज्य के 36 जिलों में “उमेद मॉल” स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं को स्थायी बाजार उपलब्ध हो सकेगा और उनके उत्पादों की पहुंच और बढ़ेगी।

प्रदर्शनी में 404 स्टॉल
इस वर्ष प्रदर्शनी में कुल 404 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां अलग-अलग जिलों से आई महिलाएं अपने हस्तशिल्प, खाद्य सामग्री और अन्य उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री कर रही हैं। अब तक इस आयोजन के जरिए करीब 10 करोड़ रुपये की बिक्री हो चुकी है, जिसे सरकार और आगे बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

1 करोड़ महिलाओं को सशक्त बनाने का लक्ष्य
ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे ने जानकारी दी कि “लखपति दीदी” अभियान के तहत 1 करोड़ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके पहले चरण में 13 जिलों में उमेद मॉल बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीण महिलाओं को भी स्थायी बाजार और बेहतर अवसर मिल सकें।

कार्यक्रम में चन्द्रशेखर बावनकुले और आशीष जयसवाल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।