नागपुर को प्रदूषणमुक्त बनाने की तैयारी तेज
Nagpur pollution control foundation action plan: नागपुर। राज्य के राजस्व मंत्री एवं नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण को गंभीरता से लेते हुए एक स्वतंत्र फाउंडेशन बनाने का संकेत दिया है। यह फाउंडेशन विशेष रूप से नागपुर को प्रदूषणमुक्त करने के लक्ष्य के लिए काम करेगा।
नियोजन भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में बावनकुळे ने कहा कि थर्मल पावर प्रोजेक्ट विकास के लिए जरूरी हैं, लेकिन उनसे होने वाले प्रदूषण को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राख, दूषित पानी और रासायनिक प्रदूषण से किसानों की जमीन और नदियां प्रभावित हो रही हैं।

बैठक में सांसद श्यामकुमार बर्वे, विधायक चरणसिंह ठाकूर, मनपा आयुक्त डॉ. विपीन इटनकर और जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
तीन महीने में बनेगा प्रदूषण नियंत्रण का पूरा खाका
पालकमंत्री ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल को निर्देश दिए कि दोषी कंपनियों, संस्थाओं और जरूरत पड़ने पर सरकारी विभागों पर भी कठोर कार्रवाई की जाए। बैठक में नगरधन, सोना एग्रो कंपनी और हेटी एमआईडीसी क्षेत्र के प्रदूषण मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई।
बावनकुळे ने तीन महीने के भीतर “प्रदूषणमुक्त नागपुर” का समग्र एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। इस योजना में मनपा, एनएमआरडीए, जिला परिषद, जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण मंडल की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय की जाएंगी। पर्यावरण क्षेत्र की संस्थाओं, विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों को भी सम्मानपूर्वक इस प्रक्रिया में शामिल करने की बात कही गई।
उन्होंने यह भी कहा कि 2047 तक नागपुर को प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी अनिवार्य है। इसके साथ ही नदी-नाला गहरीकरण, जलसंधारण और पीक कर्ज वितरण में प्रशासन और बैंकों को जिम्मेदारी से काम करने के निर्देश भी दिए गए।
अब देखना यह होगा कि तीन महीने की समयसीमा में संबंधित विभाग एक्शन प्लान को किस रूप में प्रस्तुत करते हैं।

रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र