आरटीओ एंट्री वसूली मामले में जांच की मांग तेज
Nagpur RTO illegal extortion 25 crore monthly: नागपुर। परिवहन विभाग आरटीओ (RTO) में एंट्री और ओवरलोडिंग के नाम पर नागपुर जिले में हर महीने लगभग 25 करोड़ रुपये की अवैध वसूली होने का गंभीर आरोप सामने आया है। यह आरोप राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) के कार्याध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी ने लगाए हैं।
तिवारी के अनुसार, रेती-गिट्टी के बड़े डंपरों से ₹11,000 प्रति माह, तथा जबलपुर रोड स्थित महाराष्ट्र बॉर्डर और पांडुरना रोड स्थित नागपुर ग्रामीण बॉर्डर पर आने-जाने वाली प्रत्येक प्राइवेट बस से ₹1,000 प्रति दिन की वसूली की जा रही है। यह पूरा खेल आरटीओ (RTO) दलालों और वसूली एजेंटों के माध्यम से चलाया जा रहा है।
तिवारी ने वसूली में संलिप्त बताए जाने वाले एजेंटों के नाम भी सार्वजनिक किए — नायक, अजय, लाला, शाहिद, तारसा का कृष्णा, गोलू, राहुल, सतीश, अन्नू, शंभु, नागेश, कार्तिक व अन्य।
उन्होंने कहा, “यह पूरा मामला अत्यंत गंभीर है, क्योंकि यह न केवल शासन के राजस्व को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि सड़क सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। ओवरलोडिंग के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है, इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।”
ओवरलोड वाहनों और बसों से अवैध वसूली का आरोप
तिवारी ने यह भी सवाल उठाया — “क्या यह वसूली किसी उच्च स्तर के संरक्षण में हो रही है? क्या आम जनता और ईमानदार ट्रांसपोर्टरों के साथ अन्याय नहीं हो रहा?”
यह वसूली केवल नागपुर शहर तक सीमित नहीं है — भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गढ़चिरोली जिलों में भी इसी तरह की वसूली होने का आरोप है।
राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस ने राज्य सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों से तीन मांगें रखी हैं — पूरे मामले की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच, पिछले एक वर्ष के एंट्री रिकॉर्ड, चालान और वसूली की विस्तृत समीक्षा, तथा दोषी अधिकारियों व संबंधित व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई।
तिवारी ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन जनहित में उग्र आंदोलन करने पर बाध्य होगा।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र