कोलकाता: पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नबान्ना में पदभार संभालते ही राज्य के नौकरशाहों को कई कड़े और स्पष्ट संदेश दिए। उनके इस पहले संबोधन ने प्रशासनिक ढाँचे में बड़े बदलाव के संकेत दे दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिव सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और सभी विभागों के सचिवों का एक विशेष संचार ग्रुप बनाने का निर्देश दिया गया।
चापलूसी पर सख्ती: उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कामकाज में अब “मुख्यमंत्री की प्रेरणा” जैसे शब्दों के उपयोग की आवश्यकता नहीं है। अधिकारियों को जनसमक्ष अपमानित करने की संस्कृति में उनका कोई विश्वास नहीं।
Suvendu Adhikari:
CM अधिकारी ने नौकरशाहों को दिया साफ संदेश, “चापलूसी बंद, सीधे मुझसे बात करें, गलत देखें तो ‘ना’ कहें” pic.twitter.com/ViThzKMbOe— Rashtra Bharat (@RBharatdigital) May 11, 2026
पिछले 15 साल पर कटाक्ष: CM ने कहा कि गलत होते हुए देखकर ‘ना’ कहने का साहस अधिकारियों में होना चाहिए था — यह पिछले वर्षों में नहीं दिखा।
वित्तीय अनुशासन: सरकारी धन का अपव्यय बंद हो और खर्च केवल जन सेवा व विकास कार्यों पर ही हो।
केंद्रीय योजनाएं: बंद पड़ी सभी केंद्रीय योजनाएं तत्काल शुरू की जाएं और केंद्रीय फंड रिलीज के लिए सक्रियता दिखाई जाए।
अधिकारियों को आश्वासन: CM ने कहा — “ईमानदार और मेहनती अफसरों के साथ मैं हमेशा खड़ा हूँ। निडर होकर काम करें।” साथ ही घोषणापत्र की हर प्रतिज्ञा के क्रियान्वयन में अफसरों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात कही।
नए प्रशासन का मूल मंत्र — “बातें कम, काम ज्यादा” — और आम नागरिकों को त्वरित सेवा देना नई सरकार की प्राथमिकता है।
नबान्ना में 15 साल बाद सत्ता परिवर्तन के बाद CM अधिकारी का यह पहला संबोधन प्रशासनिक हलकों में व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।