ज़हीर आलम के निधन से संगीत जगत में शोक
Zaheer Alam poet death Nagpur: नागपुर। उर्दू शायरी और हिंदी फिल्म संगीत को ‘तुम तो ठहरे परदेसी…’ जैसा कालजयी गीत देने वाले मशहूर शायर ज़हीर आलम का रविवार रात नागपुर में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। रात करीब 2:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके जाने से साहित्य और संगीत जगत में शोक की गहरी लहर फैल गई। देशभर के प्रशंसकों और साहित्यप्रेमियों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
ज़हीर आलम अपनी शायरी की सादगी और गहराई के लिए जाने जाते थे। उनकी लेखनी ने आम इंसान की भावनाओं को बेहद खूबसूरती से शब्द दिए। ‘तुम तो ठहरे परदेसी…’ आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में बसा हुआ है।
‘तुम तो ठहरे परदेसी’ गीत से मिली थी देशभर में पहचान
महाराष्ट्र के साहित्यिक और सांस्कृतिक हलकों में उनकी उपस्थिति हमेशा सम्मान के साथ देखी जाती थी। नागपुर से उनका गहरा नाता रहा।
उनके परिजनों और करीबियों से अंतिम संस्कार की जानकारी मिलने का इंतज़ार है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र