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पहली कैबिनेट में शुभेंदु अधिकारी का बड़ा फैसला, गौ-तस्करी पर सख्त हुई बंगाल सरकार

पहली कैबिनेट में शुभेंदु अधिकारी का बड़ा फैसला, गौ-तस्करी पर सख्त हुई बंगाल सरकार
पहली कैबिनेट में शुभेंदु अधिकारी का बड़ा फैसला, गौ-तस्करी पर सख्त हुई बंगाल सरकार

West Bengal News: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पहली कैबिनेट बैठक में गौ-तस्करी रोकने और सीमा सुरक्षा मजबूत करने को लेकर बड़ा फैसला लिया। सरकार ने बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए BSF को जमीन देने की मंजूरी दी है। साथ ही तस्करी और अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं।

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Dipali Kumari
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West Bengal News: पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने पहले ही फैसलों से साफ कर दिया है कि अब सरकार सीमा सुरक्षा और गौ-तस्करी के मुद्दे पर सख्त कदम उठाने वाली है। कैबिनेट की पहली बैठक में सरकार ने बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के काम को तेजी से पूरा करने का फैसला लिया। इसके लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को जमीन देने की मंजूरी भी दे दी गई है।

बंगाल में तस्करी को लेकर सरकार सख्त

सरकार का कहना है कि सीमा पर ठीक तरीके से बाड़ नहीं होने की वजह से गौ-तस्करी और अवैध घुसपैठ जैसी समस्याएं बढ़ी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक सीमा सुरक्षित नहीं होगी, तब तक तस्करी को रोकना मुश्किल रहेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब बंगाल में तस्करों और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं होगी।

 बड़े तस्करों और पूरी नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश

कैबिनेट बैठक में यह भी कहा गया कि गौ-तस्करी से आने वाला पैसा गलत कामों में इस्तेमाल हो रहा है, जो राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। इसी वजह से गृह विभाग को बड़े तस्करों और उनके नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। सरकार का दावा है कि पिछली सरकार के समय सीमा पर बाड़ लगाने का काम धीमा पड़ा, जिससे तस्करों को फायदा मिला।

सीमा सुरक्षा अति आवश्यक- सीएम

मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती इलाकों में तेजी से बदलती आबादी पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि अवैध घुसपैठ रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बहुत जरूरी है। सरकार अब केंद्र सरकार और BSF के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। साथ ही जमीन से जुड़े विभाग को आदेश दिया गया है कि 45 दिनों के अंदर BSF को जमीन सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाये, ताकि बाड़ लगाने का काम जल्द शुरू हो सके।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।