Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति एक बार सुर्ख़ियों में आ गई है। चुनावी हार के बाद भी एम. के. स्टालिन ने हार नहीं मानी है और अब उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय की सरकार कभी भी गिर सकती है। डीएमके प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं से जल्द चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा है, जिससे राज्य में सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कल सोमवार को पार्टी के जिला सचिवों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए स्टालिन ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात स्थिर नहीं हैं और कभी भी सत्ता परिवर्तन की स्थिति बन सकती है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से कहा, “यह हार स्थायी नहीं है। हमें हर समय चुनाव के लिए तैयार रहना होगा। 2029 के लोकसभा चुनावों के साथ विधानसभा चुनाव भी हो सकते हैं। हम वापसी करेंगे और फिर जीतेंगे।”
टीवीके के पास फिलहाल बहुमत के आंकड़े
दरअसल, फिलहाल टीवीके की सरकार बहुमत के आंकड़े के साथ सत्ता में बनी हुई है। पार्टी के पास 107 सीटें हैं, जबकि सहयोगी कांग्रेस के 5 विधायक उसके साथ हैं। इसके अलावा डीएमके के चार पूर्व सहयोगी दलों का भी समर्थन सरकार को मिला हुआ है। सबसे अहम बात यह है कि हाल ही में हुए विश्वास मत में एआईएडीएमके के 25 बागी विधायकों ने भी सरकार के पक्ष में वोट किया था, जिससे विजय सरकार को राहत मिली।
इस वजह से संकट में आ सकती है सरकार
डीएमके का मानना है कि यह समर्थन कभी भी टूट सकता है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अगर वीसीके, सीपीआई, सीपीएम और आईयूएमएल जैसे दल समर्थन वापस लेते हैं या फिर अदालत और स्पीकर एआईएडीएमके के बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर देते हैं, तो सरकार संकट में आ सकती है।
तमिलनाडु में सूरज कभी अस्त नहीं होगा- स्टालिन
स्टालिन ने अपने भाषण में कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की भी कोशिश की। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु में सूरज कभी अस्त नहीं होगा।” डीएमके का चुनाव चिन्ह ‘सूरज’ है और स्टालिन ने इसी प्रतीक के जरिए कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि पार्टी जल्द वापसी करेगी।
पार्टी कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर सक्रीय रहने की अपील
दिलचस्प बात यह रही कि स्टालिन ने सोशल मीडिया की ताकत को भी खुलकर स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि राजनीति अब सिर्फ चाय की दुकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी लड़ाई लड़ी जा रही है। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय रहने को कहा। माना जा रहा है कि यह बयान टीवीके की मजबूत डिजिटल पकड़ को देखते हुए दिया गया।
अपनी हार की वजह तलाश रही डीएमके
हार के कारणों को समझने और जनता से फीडबैक लेने के लिए डीएमके ने 36 सदस्यीय समिति भी बनाई है। पार्टी अब जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है, जबकि तमिलनाडु की राजनीति में अगले कुछ महीनों में और बड़े बदलावों की संभावना जताई जा रही है।