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West Bengal Assembly: पहले ही दिन विधानसभा में भारी हंगामा, नारेबाजी के बीच रथींद्र बोस बने स्पीकर

रथींद्र बोस बने स्पीकर
रथींद्र बोस (File photo)

पश्चिम बंगाल विधानसभा के पहले दिन भारी हंगामा और नारेबाजी देखने को मिली। TMC और BJP विधायकों के बीच तीखी बहस के बीच रथींद्र बोस को निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुना गया। सदन में “चोर” और “फाइल चोर” जैसे नारों से माहौल गरमा गया, जबकि शुभेंदु अधिकारी ने सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की।

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West Bengal Assembly: पश्चिम बंगाल विधानसभा के नए सत्र का पहला दिन जोरदार हंगामे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के नाम रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। माहौल इतना गर्म हो गया कि विधानसभा परिसर लगातार नारों से गूंजता रहा। इसी भारी शोर-शराबे और राजनीतिक तनातनी के बीच रथींद्र बोस को सर्वसम्मति से विधानसभा अध्यक्ष यानी स्पीकर चुन लिया गया।

स्पीकर पद के लिए रथींद्र बोस के नाम पर किसी भी दल ने विरोध नहीं किया। इसके बाद उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गयी।  TMC के विधायक जोर-जोर से नारे लगाने लगे। उन्होंने विवादित अंदाज में सवाल उठाया कि बंगाल के मुख्य सचिव द्वारा वोट किसने लूटे?  इस बयान के बाद भाजपा विधायक भी भड़क गए और सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया।

इसके जवाब में BJP के विधायकों ने “चोर-चोर” के नारे लगाने शुरू कर दिए। कुछ ही देर में पूरा सदन आरोपों और जवाबी नारों से गूंज उठा। माहौल तब और तनावपूर्ण हो गया जब विपक्ष की ओर से “फाइल चोर” जैसे नारे भी लगाए जाने लगे। विधानसभा के पहले ही दिन इस तरह के हंगामे ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया।

शुभेंदु अधिकारी ने की सदन की मर्यादा बनाये रखने की अपील

इस दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह विधानसभा राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और सभी जनप्रतिनिधियों को संसदीय लोकतंत्र की परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सदन की मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों को हर हाल में बनाए रखना जरूरी है।

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Dipali Kumari

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