पालखी मार्ग से वारकरियों को मिलेगा सुरक्षित सफर
Sant Dnyaneshwar Maharaj Palkhi marg Nitin Gadkari development update: पुणे/सोलापुर। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में पुनर्विकसित किए जा रहे संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी मार्ग — राष्ट्रीय महामार्ग-965 — के निर्माण कार्यों का आज जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया गया। लाखों वारकरियों की वार्षिक यात्रा को सुखद, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना इस परियोजना का मूल उद्देश्य है।
परियोजना की रूपरेखा
यह राष्ट्रीय महामार्ग आळंदी से पंढरपुर और आगे मोहोळ से वाखरी तक लगभग 234 किलोमीटर में फैला है। यह मार्ग पुणे, सातारा और सोलापुर — तीन जिलों को आपस में जोड़ता है। करीब ₹7,625 करोड़ की लागत से विकसित हो रही इस परियोजना को कुल छह पैकेजों में बांटा गया है। इनमें से चार पैकेज पूर्ण हो चुके हैं और शेष कार्य अपने अंतिम चरण में हैं।

वारकरियों के लिए विशेष सुविधाएं
मार्ग पर वारकरियों के लिए एक अलग पदयात्रा मार्ग तैयार किया गया है, जिससे पैदल श्रद्धालुओं और वाहन यातायात के बीच टकराव की संभावना समाप्त होगी। दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील दिवे घाट क्षेत्र को 4-लेन में विस्तारित किया जा रहा है, जिससे इस खंड पर यात्रा अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनेगी।
दिवे घाट में 4-लेन सड़क बनने से कम होंगी दुर्घटनाएं
इस मार्ग पर उड्डाणपूल, रेलवे ओवरब्रिज, अंडरपास और आधुनिक पुलों का निर्माण किया गया है। पर्यावरण संरक्षण के तहत मौजूदा पेड़ों का ट्रांसप्लांटेशन और छायादार वृक्षों का नया रोपण किया गया है। इसके अतिरिक्त, मार्ग के आसपास स्थित ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण और तालाबों के गहरीकरण द्वारा जलसंचय बढ़ाने का कार्य भी इस परियोजना में शामिल है।
शेष पैकेजों का कार्य पूर्ण होते ही यह मार्ग वारकरी परंपरा के लिए एक आधुनिक और सुदृढ़ अवसंरचना के रूप में तैयार हो जाएगा।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र