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नागपुर के डागा रुग्णालय में बच्चों के विभाग में शॉर्ट सर्किट, 15 नवजात शिशुओं को सुरक्षित जगह भेजा गया

नागपुर के डागा रुग्णालय में बच्चों के विभाग में शॉर्ट सर्किट, 15 नवजात शिशुओं को सुरक्षित जगह भेजा गया
Nagpur Daga Hospital NICU short circuit newborns shifted: नागपुर के डागा रुग्णालय में बच्चों के विभाग में शॉर्ट सर्किट, 15 नवजात शिशुओं को सुरक्षित जगह भेजा गया (Image: AI)

Nagpur Daga Hospital NICU short circuit newborns shifted: नागपुर के डागा रुग्णालय के बच्चों के एनआईसीयू विभाग में शॉर्ट सर्किट की घटना सामने आई। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 15 नवजात शिशुओं को सुरक्षित दूसरी जगह भेज दिया। कुछ समय के लिए विभाग में धुआं फैल गया था, लेकिन समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया। सभी बच्चे सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

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Asfi Shadab
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एनआईसीयू (NICU) विभाग में धुआं फैलने से मची हलचल

Nagpur Daga Hospital NICU short circuit newborns shifted: नागपुर के डागा रुग्णालय के नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष एनआईसीयू (NICU) में शॉर्ट सर्किट होने से अफरा-तफरी मच गई। घटना के तुरंत बाद अस्पताल प्रशासन ने 15 नवजात शिशुओं को वहाँ से सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया।

शॉर्ट सर्किट की सूचना मिलते ही अस्पताल के चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ हरकत में आ गए। एनआईसीयू (NICU) में भर्ती सभी 15 नवजात शिशुओं को तत्काल सुरक्षित वार्ड में शिफ्ट किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किसी भी शिशु को नुकसान नहीं पहुँचा।

अस्पताल प्रशासन ने बच्चों को तुरंत सुरक्षित जगह पहुंचाया

डागा रुग्णालय नागपुर का प्रमुख सरकारी मातृत्व अस्पताल है, जहाँ जिलेभर से जोखिम वाले नवजात शिशुओं को एनआईसीयू (NICU) में भर्ती किया जाता है। ऐसे में यह घटना गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

फिलहाल शॉर्ट सर्किट के कारणों की जाँच की जा रही है। अस्पताल प्रशासन की ओर से बिजली आपूर्ति और उपकरणों की जाँच के आदेश दिए गए हैं।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।