महाराष्ट्र में आधुनिक वायरस जांच प्रयोगशालाओं का बड़ा विस्तार, स्वास्थ्य व्यवस्था को मिली नई मजबूती

Maharashtra virus diagnostic laboratories: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में आधुनिक वायरस जांच प्रयोगशालाओं का नेटवर्क मजबूत किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल पर शुरू हुई इस योजना के तहत कई मेडिकल कॉलेजों में प्रयोगशालाएं स्थापित की गईं। कोविड-19 समेत कई बीमारियों की जांच में इनका बड़ा योगदान रहा। अब तक 40 लाख से अधिक मरीजों की जांच की जा चुकी है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिली है।
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महाराष्ट्र में आधुनिक वायरस जांच व्यवस्था को मिली नई ताकत
Maharashtra virus diagnostic laboratories: मुंबई/नागपुर, 30 अप्रैल। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की दूरदर्शी पहल के तहत नागपुर सहित राज्य के सात शहरों में आधुनिक वायरस निदान प्रयोगशालाओं का नेटवर्क स्थापित किया गया है। अब तक इन प्रयोगशालाओं में कुल 40,41,689 मरीजों की जांच की जा चुकी है।
कैसे हुई शुरुआत
13 जुलाई 2017 को तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर केंद्र सरकार की उस योजना का स्वागत किया गया था, जिसके तहत देशभर में 150 अत्याधुनिक वायरस प्रयोगशालाएं स्थापित की जानी थीं। उस पत्र में महाराष्ट्र को उचित हिस्सा देने की मांग करते हुए देश के मध्य में स्थित नागपुर और राज्य की राजधानी मुंबई में राज्यस्तरीय प्रयोगशालाएं तथा दस मेडिकल कॉलेजों में प्रयोगशालाएं मंजूर करने का अनुरोध किया गया था।
कोविड-19 के दौरान प्रयोगशालाओं ने निभाई अहम भूमिका
केंद्र ने मांग स्वीकारी, ₹29.21 करोड़ मंजूर
केंद्र सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए शासकीय मेडिकल कॉलेज, नागपुर में राज्यस्तरीय प्रयोगशाला को मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त निम्नलिखित संस्थानों में भी प्रयोगशालाएं स्वीकृत की गईं:
- इंदिरा गांधी शासकीय मेडिकल कॉलेज, नागपुर
- अकोला मेडिकल कॉलेज
- छत्रपति संभाजीनगर मेडिकल कॉलेज
- सोलापुर मेडिकल कॉलेज
- धुले मेडिकल कॉलेज
- मिरज मेडिकल कॉलेज
इस पूरी योजना के लिए केंद्र सरकार ने 29 करोड़ 21 लाख रुपये की निधि उपलब्ध कराई। इस राशि से आधुनिक मशीनें खरीदी गईं और प्रयोगशालाएं संचालित की गईं।
कोविड में निभाई अहम भूमिका
कोविडनाइनटीन (COVID-19) महामारी के दौरान इन प्रयोगशालाओं ने आरटीपीसीआर (RT-PCR) जांचों के जरिए निर्णायक भूमिका निभाई। अब तक कोविड-19, डेंगू, चिकनगुनिया, जीका, स्क्रब टायफस, इन्फ्लुएंजा, एचबीवी (HBV) और रोटावायरस सहित कुल 40 लाख से अधिक मरीजों की जांच इन्हीं प्रयोगशालाओं में हो चुकी है।
इस नेटवर्क के विस्तार से महाराष्ट्र की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सशक्त हुई है तथा भविष्य में किसी भी महामारी से निपटने की राज्य की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

