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बंगाल के कोयला खदान में अचानक हुआ एयर ब्लास्ट, दर्जनों मजदूरों की हालत गंभीर, एक की मौत

बंगाल के कोयला खदान में अचानक हुआ एयर ब्लास्ट, दर्जनों मजदूरों की हालत गंभीर, एक की मौत
बंगाल के कोयला खदान में अचानक हुआ एयर ब्लास्ट, दर्जनों मजदूरों की हालत गंभीर, एक की मौत (सांकेतिक तस्वीर)

ECL की परशिया कोलियरी खदान में एयर ब्लास्ट होने से 40 से अधिक मजदूर घायल हो गए। हादसा कोयला काटने के दौरान हुआ। कई मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है। श्रमिक संगठनों ने खदान प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है।

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Dipali Kumari
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Blast in ECL Mine: ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल)  की एक खदान में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पश्चिम बंगाल के कुनुस्तोरिया एरिया स्थित परशिया कोलियरी की भूमिगत खदान में अचानक हुए एयर ब्लास्ट में 40 से अधिक मजदूर घायल हो गए। वहीं एक मजदूर की मौत की खबर भी सामने आ रही है। हालांकि खदान प्रबंधन की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। हादसे के बाद खदान परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

खदान में काम कर रहे मजदूर कई फीट दूर गिरे

जानकारी के अनुसार, आज गुरुवार सुबह पहली पाली के दौरान करीब 10 बजे खनिक 27 नंबर सेक्शन में कोयला काटने का काम कर रहे थे। उसी समय अचानक खदान की एक परत से तेज दबाव के साथ एयर ब्लास्ट हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि अंदर काम कर रहे मजदूर कई फीट दूर जाकर गिर पड़े। कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि घायलों में ठेका मजदूरों के साथ कोलियरी के अतिरिक्त प्रबंधक दिलीप कुमार भी शामिल हैं।

दर्जनों मजदूरों की हालत गंभीर

घटना के तुरंत बाद खदान के अंदर चीख-पुकार मच गई। साथी मजदूर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। ऊपर मौजूद अधिकारियों और बचाव दल को जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। घायल मजदूरों को खदान से बाहर निकालकर रानीगंज के बाँसड़ा एरिया अस्पताल, ईसीएल के अन्य अस्पतालों और दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार कई मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है।

मजदूर संगठनों में भारी नाराजगी

इस हादसे के बाद मजदूर संगठनों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। श्रमिक संगठनों का आरोप है कि खदान में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी में लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से इतना बड़ा हादसा हुआ। संगठनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

हादसे के बाद खदान के बाहर मजदूरों और उनके परिजनों की भीड़ जुट गई। हर कोई अपने अपनों की सलामती की खबर जानने के लिए बेचैन नजर आया। इस घटना ने एक बार फिर खदानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।