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South 24 Parganas News: बारुईपुर घटना को लेकर राजनीति तेज, अदालत के आदेश, कानून व्यवस्था और नेताओं की प्रतिक्रिया पर चर्चा

South 24 Parganas News: बारुईपुर घटना को लेकर राजनीति तेज, अदालत के आदेश, कानून व्यवस्था और नेताओं की प्रतिक्रिया पर चर्चा
Baruipur rape case political reaction West Bengal: बारुईपुर घटना को लेकर राजनीति तेज, अदालत के आदेश, कानून व्यवस्था और नेताओं की प्रतिक्रिया पर चर्चा (Photo: RB / Ekbal)

Baruipur rape case political reaction West Bengal: बारुईपुर की घटना के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल लगातार गर्म है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने 8 जुलाई के मार्च की अनुमति दी है। अभिषेक बनर्जी को अदालत में वॉयस सैंपल देना है। कई नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। कानून व्यवस्था और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर राज्य में बहस लगातार जारी है।

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Asfi Shadab
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बारुईपुर घटना के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

Baruipur rape case political reaction West Bengal: न्यूटाउन से मंत्री दिलीप घोष की सुबह की राजनीतिक प्रतिक्रिया के बीच बारुईपुर बलात्कार व हत्या कांड को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले को लेकर 8 जुलाई को होने वाले मार्च की अनुमति दे दी है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया है कि राज्य पुलिस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके घर में लगभग नजरबंद कर रखा था और उन्हें पीड़िता के परिवार से मिलने से रोका गया।

इसके अलावा पश्चिम बंगाल के कई जिलों में कॉरपोरेशन चुनाव कराने की प्रक्रिया की घोषणा हुई है, जिस पर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।

Baruipur rape case political reaction West Bengal: बारुईपुर घटना को लेकर राजनीति तेज, अदालत के आदेश, कानून व्यवस्था और नेताओं की प्रतिक्रिया पर चर्चा
Baruipur rape case political reaction West Bengal: बारुईपुर घटना को लेकर राजनीति तेज, अदालत के आदेश, कानून व्यवस्था और नेताओं की प्रतिक्रिया पर चर्चा (Photo: RB / Ekbal)

कानून व्यवस्था और राजनीतिक आरोपों पर जारी है बहस

कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर अभिषेक बनर्जी को आज बिधाननगर अदालत में अपना वॉइस सैंपल जमा करना होगा। बारुईपुर में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, विपक्ष के नेता ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और शाइनी घोष ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की।

बारुईपुर में कानून-व्यवस्था बिगड़ने के आरोप भी लगे हैं। रेल पटरी के पाटे उखाड़े जाने, पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट और दुकानों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई हैं। घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या विभिन्न राजनीतिक दल इस मामले को लेकर माहौल को और गर्म कर रहे हैं। इस पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है।

आने वाले दिनों में 8 जुलाई के मार्च और अभिषेक बनर्जी के वॉइस सैंपल मामले पर आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।


रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

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