पंचायत भर्ती और मेट्रो काम पर सरकार का बड़ा जोर
Dilip Ghosh West Bengal minister announcements Kolkata: कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने गुरुवार को एक के बाद एक कई अहम घोषणाएं कीं — नौकरी से लेकर मेट्रो, दूध की गुणवत्ता से लेकर शोर प्रदूषण तक।
पंचायत में 6,500 नियुक्तियां
मंत्री ने बताया कि पंचायत विभाग में साढ़े छह हजार पदों पर जल्द नियुक्ति होगी। उन्होंने कहा, “आगे की सरकार के समय पैनल तैयार था, लेकिन काम रुका रहा। अब कैबिनेट में मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी दे दी है। केंद्र का पैसा मिल रहा है — उसे काम में लगाना होगा। बाकी वंचित कर्मियों की नियुक्ति भी चरणबद्ध तरीके से होगी।”

ऑरेंज लाइन मेट्रो का रुका काम कल से शुरू
मंत्री घोष ने कहा कि ऑरेंज लाइन मेट्रो का लंबे समय से अटका हुआ निर्माण कार्य कल से फिर शुरू होगा। उन्होंने आरोप लगाया, “तृणमूल सरकार ने यह काम रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। डीए रोकने के लिए, नौकरी रोकने के लिए — हर जगह कोर्ट। मैंने अपनी जिंदगी में ऐसी सरकार नहीं देखी।”
लाउड स्पीकर, हेलमेट और कानून पालन पर सख्त संदेश
तिलजला में बुलडोजर एक्शन | तिलजला इलाके में हाल ही में हुई बुलडोजर कार्रवाई पर मंत्री ने कहा, “हालात ने हमें यह कदम उठाने पर मजबूर किया। कोई कितना भी बड़ा हो, कानून से बाहर नहीं जा सकता।”
माँ कैंटीन में जल्द मिलेगा मछली-चावल
मंत्री ने बताया कि माँ कैंटीन में फिलहाल 5 रुपये में अंडा-चावल मिलता रहेगा। जल्द ही मछली-चावल भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने यही निर्देश दिया है। मात्रा भी बढ़ाई जाएगी। आगे जरूरत पड़ी तो कीमत में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है।”
मदर डेयरी दूध: दाम बढ़ेंगे, गुणवत्ता भी जांची जाएगी
मंत्री ने माना कि मदर डेयरी दूध के दाम बढ़ेंगे, लेकिन साथ ही गुणवत्ता जांच भी होगी। उन्होंने कहा, “पहले भी जांच हुई थी, कई प्रोडक्ट फेल हुए थे। दूध में केमिकल मिलाना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। यथासंभव कम दाम बढ़ाकर गुणमान पर ध्यान देंगे।”
लाउडस्पीकर और हेलमेट पर भी सख्ती
मंत्री ने स्पष्ट किया कि लाउडस्पीकर और डीजे बॉक्स के नियम सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होंगे। उन्होंने कहा, “शोर प्रदूषण अमानवीय है — यह विज्ञान का दुरुपयोग है।” हेलमेट नियम पर उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं ने पहले लोगों को कानून तोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया था, लेकिन अब जनता खुद नियम मानेगी।
सभी घोषणाओं पर अमल की समयसीमा आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल