जरूर पढ़ें

दीपिंदर गोयल ने छोड़ा इटर्नल का मुख्य कार्यकारी पद, अल्बिंदर धींडसा होंगे नए सीईओ

Deepinder Goyal Resigns: इटर्नल के सीईओ पद से दीपिंदर गोयल का इस्तीफा, जानें पूरी खबर
Deepinder Goyal Resigns: इटर्नल के सीईओ पद से दीपिंदर गोयल का इस्तीफा, जानें पूरी खबर (File Photo)
जोमैटो और ब्लिंकिट की पेरेंट कंपनी इटर्नल के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया है। 1 फरवरी से ब्लिंकिट के सीईओ अल्बिंदर धींडसा नए सीईओ होंगे। गोयल ने बताया कि वह नए जोखिम भरे विचारों पर काम करना चाहते हैं जो सार्वजनिक कंपनी में संभव नहीं हैं। कंपनी ने तीसरी तिमाही में 73 प्रतिशत मुनाफा वृद्धि दर्ज की।
Updated:

भारतीय स्टार्टअप जगत में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जोमैटो और ब्लिंकिट की पेरेंट कंपनी इटर्नल के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपिंदर गोयल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह जानकारी स्टॉक एक्सचेंज में दी गई फाइलिंग के माध्यम से सामने आई है। कंपनी ने ब्लिंकिट के संस्थापक और सीईओ अल्बिंदर धींडसा को गोयल के उत्तराधिकारी के रूप में नियुक्त किया है, जो 1 फरवरी से प्रभावी होगा।

यह फैसला तब आया है जब कंपनी ने अपनी तीसरी तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में इटर्नल का शुद्ध मुनाफा 73 प्रतिशत बढ़कर 102 करोड़ रुपये हो गया, जबकि कंपनी की आय में 202 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई।

दीपिंदर गोयल का फैसला क्यों

अपने इस्तीफे के कारणों को स्पष्ट करते हुए दीपिंदर गोयल ने शेयरधारकों को लिखे एक पत्र में बताया कि हाल के दिनों में उन्होंने खुद को कुछ नए विचारों की ओर आकर्षित पाया है। ये विचार काफी जोखिम भरे हैं और इनमें प्रयोग करने की जरूरत है। उनका मानना है कि इस तरह के विचारों को इटर्नल जैसी सार्वजनिक कंपनी के बाहर ही आगे बढ़ाना बेहतर होगा।

गोयल ने कहा, “अगर ये विचार इटर्नल की रणनीतिक दायरे में आते, तो मैं इन्हें कंपनी के भीतर ही आगे बढ़ाता। लेकिन ये ऐसे नहीं हैं। इटर्नल को केंद्रित और अनुशासित रहने की जरूरत है, जबकि अपने मौजूदा कारोबार से जुड़े नए विकास के क्षेत्रों की तलाश करनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि भले ही उनके पास इटर्नल में अपना काम जारी रखने और बाहर नए विचारों को तलाशने की क्षमता है, लेकिन भारत में एक सार्वजनिक कंपनी के सीईओ से जो कानूनी और अन्य अपेक्षाएं होती हैं, वे एकाग्र ध्यान की मांग करती हैं। यह बदलाव इटर्नल को केंद्रित रहने की अनुमति देता है, जबकि उन्हें उन विचारों को तलाशने का मौका मिलता है जो इटर्नल के जोखिम प्रोफाइल में फिट नहीं बैठते।

अठारह साल का सफर

दीपिंदर गोयल ने भावनात्मक होते हुए कहा कि उन्होंने अठारह साल, यानी अपनी जिंदगी का लगभग आधा हिस्सा इस कंपनी को बनाने में लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह यह काम जारी रखेंगे।

गोयल ने 2008 में पंकज चड्ढा के साथ मिलकर जोमैटो की स्थापना की थी, जिसे शुरुआत में फूडीबे कहा जाता था। यह प्लेटफॉर्म रेस्तरां के मेन्यू और समीक्षाएं प्रदान करने के लिए बनाया गया था, लेकिन धीरे-धीरे यह आज के फूड डिलीवरी की दिग्गज कंपनी बन गया।

अल्बिंदर धींडसा की जिम्मेदारी

गोयल ने बताया कि अब से सभी परिचालन संबंधी फैसले अल्बिंदर धींडसा लेंगे। उन्होंने कहा, “ग्रुप सीईओ के रूप में, वह रोजमर्रा के निष्पादन, परिचालन प्राथमिकताओं और व्यावसायिक फैसलों के मालिक होंगे।”

गोयल ने धींडसा की क्षमताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि ब्लिंकिट की यात्रा को अधिग्रहण से लेकर ब्रेक-ईवन तक उन्होंने संभाला है और वह इटर्नल को ग्रुप सीईओ के रूप में नेतृत्व करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

स्टॉक ऑप्शन की वापसी

इस बदलाव के हिस्से के रूप में, गोयल के सभी अनवेस्टेड स्टॉक ऑप्शन कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन पूल में वापस चले जाएंगे। यह कदम उनकी प्रतिबद्धता और पारदर्शिता को दर्शाता है।

टीम के साथ जुड़ाव जारी

गोयल ने स्पष्ट किया कि वह, अल्बिंदर और अक्षांत एक साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे, जैसा कि वे हमेशा से करते आए हैं। उनकी साझेदारी, साझा समझ और विश्वास अपरिवर्तित रहेगा। कंपनी के सभी बिजनेस सीईओ उसी स्वायत्तता के साथ काम करते रहेंगे जो उन्हें हमेशा मिली है।

गोयल की भूमिका में बदलाव

हालांकि गोयल सीईओ पद छोड़ रहे हैं, लेकिन उनकी भूमिका पूरी तरह खत्म नहीं होगी। उन्होंने बताया कि लंबी अवधि की रणनीति, संस्कृति, नेतृत्व विकास, नैतिकता और शासन में उनकी भागीदारी जारी रहेगी। वास्तव में, हाल के दिनों में उन्होंने इन्हीं क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है।

तीसरी तिमाही के शानदार परिणाम

यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब इटर्नल ने अपनी तीसरी तिमाही के उत्कृष्ट परिणाम पेश किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 73 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि राजस्व में 202 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ये आंकड़े कंपनी की मजबूत स्थिति को दर्शाते हैं और इस बात की गवाही देते हैं कि यह बदलाव किसी संकट के कारण नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।

भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए मायने

यह घटना भारतीय स्टार्टअप जगत के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। जोमैटो और ब्लिंकिट जैसी सफल कंपनियों की स्थापना करने वाले दीपिंदर गोयल का यह कदम दिखाता है कि संस्थापक भी सही समय पर नेतृत्व सौंपने का साहस रखते हैं। यह एक परिपक्व और जिम्मेदार निर्णय है जो कंपनी के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखता है।

आगे का रास्ता

अल्बिंदर धींडसा के नेतृत्व में इटर्नल का भविष्य कैसा होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। उनके पास ब्लिंकिट को सफल बनाने का अनुभव है, जो उन्हें इस चुनौतीपूर्ण भूमिका के लिए तैयार करता है। साथ ही, गोयल की रणनीतिक मार्गदर्शन में उपलब्धता कंपनी के लिए एक अतिरिक्त ताकत होगी।

यह बदलाव भारतीय कॉर्पोरेट जगत में एक नई मिसाल कायम करता है, जहां संस्थापक खुद को बदलती जरूरतों के अनुसार ढालते हैं और कंपनी के विकास को प्राथमिकता देते हैं।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।