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TogglePetrol Diesel Price Today: हम अक्सर दिन की शुरुआत चाय की चुस्की से करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी की असली दिशा सुबह 6 बजे तय हो जाती है। इसी समय देश की तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी करती हैं। ये दाम सिर्फ आंकड़े नहीं होते, बल्कि हमारे खर्च का हिसाब भी तय करते हैं।
ऑफिस जाने वाले कर्मचारी से लेकर ऑटो चलाने वाले ड्राइवर और सब्जी बेचने वाले व्यापारी तक, हर किसी की कमाई और बचत पर इन कीमतों का सीधा असर पड़ता है।
कैसे तय होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति पर निर्भर करती हैं। अगर कच्चा तेल महंगा होता है या रुपया कमजोर पड़ता है, तो इसका असर सीधे घरेलू बाजार पर दिखता है।
सरकार ने पिछले कुछ सालों में रोजाना दाम अपडेट करने की व्यवस्था लागू की है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और उपभोक्ताओं को हर दिन सही जानकारी मिलती है।
जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई बड़ी हलचल होती है—चाहे वह युद्ध की आशंका हो या आर्थिक रिपोर्ट—उसका असर कुछ ही दिनों में पेट्रोल पंप पर दिखाई देने लगता है।
19 फरवरी 2026: प्रमुख शहरों में ताजा रेट
आज यानी 19 फरवरी 2026 को जारी ताजा दरों के मुताबिक देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम इस प्रकार हैं—
नई दिल्ली: पेट्रोल ₹94.72 | डीजल ₹87.62
मुंबई: पेट्रोल ₹104.21 | डीजल ₹92.15
कोलकाता: पेट्रोल ₹103.94 | डीजल ₹90.76
चेन्नई: पेट्रोल ₹100.75 | डीजल ₹92.34
अहमदाबाद: पेट्रोल ₹94.49 | डीजल ₹90.17
बेंगलुरु: पेट्रोल ₹102.92 | डीजल ₹89.02
हैदराबाद: पेट्रोल ₹107.46 | डीजल ₹95.70
जयपुर: पेट्रोल ₹104.72 | डीजल ₹90.21
लखनऊ: पेट्रोल ₹94.69 | डीजल ₹87.80
पुणे: पेट्रोल ₹104.04 | डीजल ₹90.57
चंडीगढ़: पेट्रोल ₹94.30 | डीजल ₹82.45
इंदौर: पेट्रोल ₹106.48 | डीजल ₹91.88
पटना: पेट्रोल ₹105.58 | डीजल ₹93.80
सूरत: पेट्रोल ₹95.00 | डीजल ₹89.00
नासिक: पेट्रोल ₹95.50 | डीजल ₹89.50
इन आंकड़ों से साफ है कि अलग-अलग राज्यों में टैक्स संरचना के कारण कीमतों में अंतर देखने को मिलता है।
क्यों अलग-अलग शहरों में अलग दाम
कई लोग सवाल करते हैं कि जब कच्चे तेल की कीमत एक ही है, तो हर शहर में दाम अलग क्यों हैं। इसका सीधा कारण है राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला वैट और स्थानीय टैक्स।
उदाहरण के तौर पर, कुछ राज्यों में टैक्स ज्यादा है, जिससे वहां पेट्रोल-डीजल महंगा मिलता है। वहीं जहां टैक्स कम है, वहां कीमत थोड़ी कम रहती है।
यह फर्क आम आदमी के बजट पर असर डालता है। खासकर उन शहरों में जहां रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
आम जिंदगी पर पड़ता है सीधा असर
पेट्रोल और डीजल सिर्फ गाड़ियों के ईंधन नहीं हैं। इनके दाम बढ़ने का मतलब है ट्रांसपोर्ट महंगा होना। जब ट्रांसपोर्ट महंगा होता है, तो सब्जियों से लेकर रोजमर्रा के सामान तक की कीमत बढ़ जाती है।
अगर डीजल महंगा होता है, तो खेती और माल ढुलाई की लागत भी बढ़ती है। इसका असर धीरे-धीरे बाजार में दिखने लगता है।
आगे क्या रह सकता है रुख
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अगर कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता रहती है और रुपया मजबूत होता है, तो राहत मिल सकती है। लेकिन अगर वैश्विक हालात बिगड़ते हैं, तो कीमतों में फिर उछाल संभव है।
फिलहाल 19 फरवरी 2026 के रेट यही संकेत दे रहे हैं कि बाजार स्थिर जरूर है, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित नहीं।