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Silver Price Today: चांदी की कीमत में बंपर उछाल, कीमत 3.15 लाख के भी पार

Silver Price Today: चांदी की कीमत में बंपर उछाल
Silver Price Today: चांदी की कीमत में बंपर उछाल
भारत में चांदी के दामों में अभूतपूर्व तेजी देखी जा रही है। 20 जनवरी 2026 को चांदी के भाव ₹3.18 लाख प्रति किलोग्राम से ऊपर पहुंच गए। वैश्विक बाजार परिवर्तनों और निवेशक मांग की वजह से यह तेजी बनी हुई है, जिससे निवेशकों और खरीदारों दोनों को नई सोच अपनानी होगी।
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Silver Price Today: भारत में चांदी के दामों ने सोमवार और मंगलवार को रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि दर्ज की है। मंगलवार 20 जनवरी 2026 को चांदी का भाव सुबह के सत्र में ₹3.18 लाख प्रति किलोग्राम के पार चला गया, जबकि पिछले कुछ दिनों में भी यह दर ₹3 लाख/kg के स्तर से ऊपर बनी हुई है। यह तेजी पिछले कई वर्षों में एक प्रमुख आर्थिक घटना के रूप में उभर रही है।

चांदी, जिसे भारत में परंपरागत रूप से निवेश और आभूषण दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता रहा है, अब एक बार फिर निवेशकों की निगाहों में सबसे ऊपर है। पिछले कुछ हफ्तों में इसकी कीमत में लगातार वृद्धि देखने को मिली है, जो अब तक जारी आर्थिक और वैश्विक कारकों का फ़ल प्रतीत होती है।

चांदी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर

20 जनवरी को बाजार खुलने के बाद चांदी के दाम में तेजी जारी रही। सुबह 11 बजे के आसपास चांदी का भाव ₹3,18,310 प्रति किलोग्राम के करीब पहुँच गया, जो पिछले दिन की तुलना में ₹8,000 से अधिक की बढ़त को दिखाता है। इस तीव्र बढ़ोतरी ने बाजार में हलचल ला दी है और निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अब चांदी खरीदना या बेचना दोनों में से कौन सा सही समय है।

ये आकड़े सिर्फ अल्पकालिक उतार-चढ़ाव नहीं दिखा रहे हैं, बल्कि इस वर्ष की शुरूआत से अब तक चांदी की कीमतों में भारी उछाल को भी बयां करते हैं। वर्ष 2026 की शुरुआत में चांदी ₹2.70–₹2.90 लाख प्रति किलोग्राम की स्तर पर थी, लेकिन जनवरी के मध्य तक ही यह ₹3 लाख से ऊपर पहुंच चुकी है।

कई विशेषज्ञों के अनुसार यह तेजी वैश्विक आपूर्ति प्रतिबंध, भूराजनीतिक तनाव, और उद्योगिक मांग में वृद्धि जैसी गंभीर परिस्थितियों के कारण है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता होती है, तो निवेशक सुरक्षित धातुओं की ओर रुख करते हैं, जिससे चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतें ऊपर की ओर बढ़ती हैं।

भारत के मुख्य शहरों में चांदी के भाव

शहर 10 ग्राम (₹) 100 ग्राम (₹) 1 किलोग्राम (₹)
लखनऊ 3,201 32,010 3,20,100
जयपुर 3,201 32,010 3,20,100
दिल्ली 3,201 32,010 3,20,100
पटना 3,201 32,010 3,20,100
मुंबई 3,201 32,010 3,20,100
अहमदाबाद 3,201 32,010 3,20,100
पुणे 3,201 32,010 3,20,100
कोलकाता 3,201 32,010 3,20,100
मेरठ 3,201 32,010 3,20,100
लुधियाना 3,201 32,010 3,20,100
गुवाहाटी 3,201 32,010 3,20,100
जलगांव 3,201 32,010 3,20,100
इंदौर 3,201 32,010 3,20,100
कानपुर 3,201 32,010 3,20,100
सूरत 3,201 32,010 3,20,100
नागपुर 3,201 32,010 3,20,100
चंडीगढ़ 3,201 32,010 3,20,100
नासिक 3,201 32,010 3,20,100
बैंगलोर 3,201 32,010 3,20,100
अयोध्या 3,201 32,010 3,20,100

चांदी निवेशकों के लिए नया अवसर या जोखिम?

चांदी की इस अभूतपूर्व बढ़त ने दोनों निवेशकों और आम खरीदारों को प्रभावित किया है। जहां एक ओर इस तेजी ने कुछ निवेशकों को अच्छा मुनाफा दिया है, वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी पैदा कर रहा है कि क्या अब चांदी खरीदने का समय सही है या कीमत और ऊपर जा सकती है।

मनोवैज्ञानिक रूप से ₹3 लाख प्रति किलोग्राम का स्तर एक बड़ा मुकाम माना जाता है। जब किसी धातु का भाव इस स्तर को पार करता है, तो बाजार में विश्वास का भाव आता है, जिससे निवेश और खरीदारी को नया रुझान मिलता है। हालांकि कुछ विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इतने ऊँचे स्तर पर खरीदारी करते समय सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव भी तेजी से हो सकते हैं।

चांदी की लोकप्रियता का कारण

भारत में चांदी की लोकप्रियता केवल निवेश तक सीमित नहीं है। चांदी के आभूषण, छोटे उपहार, धार्मिक उपयोग, और यहां तक कि कुछ खास मिठाइयों में चांदी का उपयोग भी देखा जाता है। इसका सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व भी काफी गहरा है। घरेलू मांग और औद्योगिक उपभोग दोनों ने मिलकर इस धातु की कीमत को वर्तमान ऊँचाई तक पहुंचाया है।

चांदी के दामों में यह तेजी न सिर्फ निवेशकों के दिलचस्पी को बढ़ा रही है, बल्कि यह संकेत भी देती है कि बाजार में आर्थिक गतिविधियों और वैश्विक मुद्रा रणनीतियों का प्रभाव अब तक जारी है। कई आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियाँ स्थिर नहीं हुईं, तो चांदी के भाव और भी ऊँचे स्तरों को छू सकते हैं।

आम खरीदार को क्या सलाह?

यदि आप सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो विशेषज्ञ यह सुझाव देते हैं कि बाजार की चाल को ध्यान से समझें। चांदी की कीमतों में इतनी तेजी के बीच जल्दबाजी में खरीदारी करना जोखिम भरा हो सकता है। इसके बजाय, अगर आप लंबी अवधि के निवेश की सोच रहे हैं, तो मौजूदा रुझान के अनुसार निवेश की रणनीति बनाना बेहतर होगा।

चांदी की मांग में वृद्धि 2026 में जारी रही है, और हाल के रिकॉर्ड स्तर ने इसे फिर से निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है। हालांकि उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहती है, लेकिन यह समय निवेशकों के लिए सोचने और रणनीति बनाने का भी मौका है।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।