Rashtra Bharat Logo

Union Budget 2026: राष्ट्रपति भवन में दही-चीनी, अब संसद की ओर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

Union Budget 2026: राष्ट्रपति भवन में दही-चीनी, अब संसद की ओर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
Union Budget 2026: राष्ट्रपति भवन में दही-चीनी, अब संसद की ओर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Credit- @DDNewslive)

केंद्रीय बजट 2026 से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलीं। राष्ट्रपति ने दही-चीनी खिलाकर शुभकामनाएं दीं। मंजूरी के बाद वित्त मंत्री संसद के लिए रवाना हुईं, जहां वह ऐतिहासिक बजट पेश करेंगी।

Updated:
·by
Dipali Kumari
Dipali Kumari
Share:

विषयसूची

Union Budget 2026: आज का दिन भारतीय लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद खास है। देश की वित्तीय दिशा तय करने वाला केंद्रीय बजट 2026 आज संसद में पेश किया जाना है। बजट से ठीक पहले की रस्में और परंपराएं हमेशा से खास रही हैं, और इस बार भी वही दृश्य देखने को मिला जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक का ध्यान खींच लिया।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सुबह बजट दस्तावेज के साथ वित्त मंत्रालय से बाहर निकलीं। उनके हाथ में डिजिटल टैबलेट था, जिसे पारंपरिक लाल रंग के ‘बही-खाता’ कवर में सजाया गया था। यह दृश्य आधुनिक तकनीक और भारतीय परंपरा के मेल का प्रतीक बन गया।

बजट से पहले राष्ट्रपति भवन की परंपरा

वित्त मंत्री संसद जाने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने राष्ट्रपति भवन पहुंचीं। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं, बल्कि संवैधानिक परंपरा का अहम हिस्सा है। बजट को संसद में पेश करने से पहले राष्ट्रपति को इसकी जानकारी देना जरूरी होता है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दही-चीनी खिलाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। भारतीय संस्कृति में दही-चीनी को किसी भी शुभ कार्य से पहले सफलता और मंगलकामना का प्रतीक माना जाता है। बजट जैसे बड़े और जिम्मेदारी भरे काम से पहले यह दृश्य अपने आप में एक सकारात्मक संदेश देता है।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद संसद रवाना

राष्ट्रपति से मुलाकात और मंजूरी के बाद वित्त मंत्री संसद भवन के लिए रवाना हो गईं। कुछ ही देर में वह लोकसभा में वर्ष 2026–27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह उनका लगातार 9वां बजट होगा, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

इतिहास रचने जा रहा है आज का दिन

आज का बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है। आज़ाद भारत के इतिहास में यह पहला मौका है जब केंद्रीय बजट रविवार के दिन पेश किया जा रहा है। इसके साथ ही निर्मला सीतारमण लगातार नौ बजट पेश करने वाली देश की पहली महिला वित्त मंत्री बन गई हैं।

मोदी सरकार का 15वां बजट

यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का 15वां बजट है। 2024 में एनडीए सरकार की तीसरी बार सत्ता में वापसी के बाद यह दूसरा पूर्ण बजट माना जा रहा है। ऐसे में इससे सरकार की आगे की आर्थिक प्राथमिकताओं की साफ झलक मिलने की उम्मीद है।

चुनौतियों के बीच पेश हो रहा बजट

यह बजट ऐसे समय में पेश हो रहा है जब भारतीय अर्थव्यवस्था कई घरेलू और वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रही है। एक ओर देश के भीतर मांग बनी हुई है और महंगाई में कुछ नरमी आई है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक अनिश्चितता चिंता का विषय बनी हुई है।

वैश्विक हालात का दबाव

दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, और बड़े केंद्रीय बैंकों की सख्त मौद्रिक नीतियां भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए भारी शुल्क से भी बाजारों में हलचल देखी जा रही है।

विकास और अनुशासन के बीच संतुलन की चुनौती

सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती विकास की रफ्तार बनाए रखते हुए वित्तीय अनुशासन को संभालना है। बीते वर्षों में बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाया गया है, लेकिन राजस्व पर दबाव भी बढ़ा है।

कोविड काल में जहां राजकोषीय घाटा 9 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया था, वहीं अब इसे धीरे-धीरे कम किया गया है। 2026 में इसे 4.4 प्रतिशत के आसपास रखने का लक्ष्य रखा गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सरकार इस रास्ते से ज्यादा भटकाव नहीं करेगी।

आम लोगों की नजरें संसद पर टिकीं

आज संसद में पेश होने वाले बजट से मध्यम वर्ग, किसान, युवा और उद्योग जगत सभी को उम्मीदें हैं। टैक्स, महंगाई, रोजगार और विकास से जुड़े फैसलों पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है।

राष्ट्रपति भवन में दही-चीनी से शुरू हुआ यह दिन अब संसद में बड़े फैसलों की ओर बढ़ चुका है। कुछ ही देर में साफ हो जाएगा कि यह शुभ संकेत अर्थव्यवस्था के लिए कितने सकारात्मक साबित होते हैं।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Dipali Kumari

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।