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क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2: परी खोलेगी रणविजय की सच्चाई, तुलसी और मिहिर के बीच होगा बड़ा झगड़ा

क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2: परी खोलेगी रणविजय की सच्चाई, तुलसी और मिहिर के बीच होगा बड़ा झगड़ा
KSBKBT 2: परी बताएगी रणविजय की सच्चाई, नोइना करेगी परी पर इल्जाम (Image Source: IG/@smritiiraniofficial)

क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 में परी ने तुलसी को रणविजय द्वारा की गई शारीरिक हिंसा के बारे में बताया। तुलसी ने मिहिर को सच बताया और उसे बुरा पिता कहा। नोइना ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन बाद में परी पर झूठ बोलने का इल्जाम लगाया। आने वाले एपिसोड में बड़ा ट्विस्ट देखने को मिलेगा।

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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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टेलीविजन की दुनिया में इन दिनों ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ धूम मचा रहा है। यह सीरियल टीआरपी की रेस में लगातार आगे बढ़ता जा रहा है और दर्शकों को अपनी कहानी से पूरी तरह बांधे हुए है। शो में आने वाले एपिसोड में कुछ ऐसा होने वाला है जो सबको हैरान कर देगा। परी अब चुप नहीं रहेगी और रणविजय की असली सच्चाई सबके सामने लाने का फैसला कर चुकी है। इस खुलासे के बाद घर में तूफान आने वाला है।

परी ने तुलसी को बताई अपनी तकलीफ

सीरियल के ताजा एपिसोड में दर्शकों ने देखा कि तुलसी को परी के शरीर पर लगे चोटों के निशान दिखाई देते हैं। एक संवेदनशील सास की तरह तुलसी परी से सवाल करती है कि आखिर उसके साथ हुआ क्या है। शुरुआत में परी सच छिपाने की कोशिश करती है और बहाना बनाती है कि वह फर्श पर गिर गई थी। लेकिन तुलसी इतनी आसानी से मानने वाली नहीं है। वह परी को समझाती है और सच बताने के लिए कहती है।

आखिरकार परी का धैर्य टूट जाता है और वह रो पड़ती है। अपने आंसुओं के बीच वह तुलसी को बताती है कि रणविजय उसके साथ शारीरिक हिंसा करता है। यह सुनकर तुलसी को बहुत गहरा झटका लगता है। एक मां होने के नाते उसे यकीन नहीं होता कि उसका अपना बेटा ऐसा काम कर सकता है।

पूर्वी का टूटना और अफसोस

परी की तकलीफ सुनकर पूर्वी भी भावुक हो जाती है। उसे अपनी पिछली गलतियों का एहसास होता है और वह कहती है कि शायद यह सब उसके कर्मों का फल है। पूर्वी बताती है कि उसे पहले भी कई संकेत मिले थे, लेकिन उसने उन्हें नजरअंदाज किया। उसने रणविजय पर आंख बंद करके भरोसा किया, जो शायद उसकी सबसे बड़ी भूल थी।

इस मुश्किल घड़ी में तुलसी पूर्वी का साथ देती है। वह उसे हिम्मत देती है और कहती है कि सच को स्वीकार करना ही बेहतरी की ओर पहला कदम है। तुलसी का यह सकारात्मक रवैया पूर्वी को थोड़ी ताकत देता है।

मिहिर के सामने खुलेगी सच्चाई

अब तुलसी ने फैसला कर लिया है कि इस मामले को और नहीं छिपाया जाएगा। वह परी को लेकर सीधे मिहिर के पास जाती है और उसे रणविजय के बारे में पूरी सच्चाई बताती है। यह सुनकर तुलसी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। वह मिहिर पर भड़क जाती है और उसे बुरा पिता कहती है।

तुलसी का कहना है कि मिहिर ने अपने घर में हो रही इतनी बड़ी बात पर ध्यान क्यों नहीं दिया। परी उसी घर में रहती है, फिर भी मिहिर को कुछ पता नहीं चला कि उसकी बहू के साथ क्या हो रहा है। तुलसी का यह आरोप मिहिर के लिए बहुत भारी पड़ता है।

नोइना करेगी बीच-बचाव की कोशिश

जब तुलसी और मिहिर के बीच बहस तेज हो जाती है, तब नोइना बीच में आने की कोशिश करती है। वह स्थिति को शांत करना चाहती है, लेकिन तुलसी उसे बीच में दखल न देने के लिए कहती है। नोइना इस बात पर जोर देती है कि वह कोई बाहरी इंसान नहीं है, बल्कि इस परिवार का हिस्सा है।

नोइना यह भी कहती है कि मिहिर को अपने बच्चों की पसंद के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता। उसका तर्क है कि रणविजय को तो खुद परी ने चुना था और घर में लाई थी। इसलिए इस मामले में मिहिर का कोई दोष नहीं है। नोइना की यह बात सुनकर माहौल और भी तनावपूर्ण हो जाता है।

नोइना का बड़ा पलटवार

लेकिन कहानी में अब एक नया मोड़ आने वाला है। नोइना अचानक पलटी मारती है और परी पर ही इल्जाम लगाना शुरू कर देती है। वह कहती है कि परी झूठ बोल रही है और सभी को गुमराह कर रही है। नोइना जोर देती है कि परी को सच बताना चाहिए।

तुलसी इस बात से बहुत नाराज हो जाती है। वह नोइना से कहती है कि वह अपनी हदों में रहे और उसके बच्चों की जिंदगी में दखल न दे। लेकिन नोइना पीछे हटने को तैयार नहीं है। वह बताती है कि वह पिछले छह सालों से शांति निकेतन वाले घर में परी के साथ रह रही है। इसलिए वह परी की सारी आदतों और झूठों के बारे में अच्छी तरह जानती है।

आने वाले एपिसोड में क्या होगा

अब सवाल यह है कि आगे क्या होगा। क्या तुलसी परी की बात पर भरोसा करेगी या नोइना के शब्दों से प्रभावित होगी? क्या मिहिर अपने बेटे रणविजय के खिलाफ कोई कदम उठाएगा? और सबसे बड़ी बात, क्या परी को न्याय मिलेगा या फिर उसे और मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा?

सीरियल में आने वाले एपिसोड इन सभी सवालों के जवाब देंगे। दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि आखिर सच्चाई क्या है और परी के साथ न्याय होगा या नहीं। यह कहानी दिखाती है कि घरेलू हिंसा एक गंभीर मुद्दा है और इसे कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

दर्शकों की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर दर्शक इस ट्रैक को लेकर काफी सक्रिय हैं। कुछ लोग परी के साहस की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ तुलसी के समझदार रवैये की सराहना कर रहे हैं। वहीं, कई दर्शक नोइना के किरदार से नाराज हैं और उसकी आलोचना कर रहे हैं।

यह सीरियल न सिर्फ मनोरंजन दे रहा है, बल्कि समाज में मौजूद कई गंभीर मुद्दों को भी उठा रहा है। घरेलू हिंसा, पारिवारिक रिश्तों की जटिलता, और सच के लिए खड़े होने की हिम्मत जैसे विषयों को बखूबी दिखाया जा रहा है।

आने वाले दिनों में यह कहानी और भी रोमांचक होने वाली है। तुलसी और मिहिर के बीच का यह झगड़ा किस मोड़ पर जाएगा, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।