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तिहाड़ जेल में बंद राजपाल यादव को मिला सलमान खान समेत इन दिग्गजों का साथ, अब बेल पर टिकी निगाहें

तिहाड़ जेल में बंद राजपाल यादव को मिला सलमान खान समेत इन दिग्गजों का साथ
तिहाड़ जेल में बंद राजपाल यादव को मिला सलमान खान समेत इन दिग्गजों का साथ (Pic Credit- X @RADHIKA_INF)

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव 9 करोड़ रुपये के बकाया विवाद में तिहाड़ जेल पहुंच गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इस मुश्किल समय में सलमान खान, सोनू सूद और अन्य सितारों ने आर्थिक व नैतिक सहयोग का भरोसा दिया है। बेल पर सुनवाई जल्द होगी।

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Rajpal Yadav: साल 2010 में रिलीज हुई फिल्म ‘अता पता’ बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी। फिल्म की असफलता के बाद वित्तीय लेन-देन को लेकर विवाद गहराता गया। बताया जा रहा है कि करीब 9 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान लंबित रह गया। यही विवाद आगे चलकर अदालत तक पहुंचा और मामला गंभीर रूप लेता गया।

राजपाल यादव ने कानूनी राहत पाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन 5 फरवरी को अदालत ने उनकी अंतिम अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया। यह खबर सामने आते ही फिल्म उद्योग और उनके प्रशंसकों के बीच चिंता की लहर दौड़ गई।

अदालत के आदेश के बाद राजपाल यादव को आत्मसमर्पण करना पड़ा। एक कलाकार, जो वर्षों से लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाता रहा, उसका इस तरह जेल पहुंचना निश्चित ही भावनात्मक क्षण है।

उद्योग का समर्थन बना सहारा

कठिन समय में असली पहचान साथ देने वालों की होती है। राजपाल यादव के मामले में बॉलीवुड ने एकजुटता दिखाई है। उनके मैनेजर गोल्डी के अनुसार, कई बड़े सितारे उनके समर्थन में आगे आए हैं। सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन और वरुण धवन जैसे नामों ने आर्थिक और नैतिक सहयोग का भरोसा दिया है।

पंजाबी गायक गुरु रंधावा ने उन्हें अपने म्यूजिक वीडियो में काम करने का प्रस्ताव दिया, जो यह दर्शाता है कि इंडस्ट्री उन्हें अब भी एक सक्षम कलाकार के रूप में देखती है। यह केवल पैसों की मदद नहीं, बल्कि भरोसे और सम्मान की भी अभिव्यक्ति है।

आर्थिक सहयोग की घोषणाएं

संकट से उबारने के लिए कुछ लोगों ने प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता की घोषणा भी की है। म्यूजिक डायरेक्टर राव इंद्रजीत यादव ने 1.11 करोड़ रुपये देने का वादा किया है। पॉलिटिशियन तेज प्रताप यादव ने 11 लाख रुपये और अभिनेता-निर्माता केआरके ने 10 लाख रुपये मदद का भरोसा दिया है। हालांकि यह पूरी राशि का समाधान नहीं है, लेकिन यह एक सकारात्मक शुरुआत अवश्य है।

बेल पर टिकी निगाहें

राजपाल यादव की जमानत अर्जी पर 12 फरवरी को सुनवाई होनी है। उनके परिवार, प्रशंसकों और सहयोगियों को उम्मीद है कि उन्हें राहत मिलेगी। यदि बेल मिलती है, तो वह फिर से अपने अधूरे प्रोजेक्ट्स और नए कामों की ओर लौट सकेंगे।

 यह घटना फिल्म उद्योग के अस्थिर आर्थिक ढांचे को भी उजागर करती है। एक फिल्म की असफलता कई बार कलाकारों को ऐसे जाल में फंसा देती है, जहां से निकलना आसान नहीं होता। दर्शक अक्सर केवल सफलता देखते हैं, लेकिन असफलता के पीछे छिपे संघर्षों को कम ही समझ पाते हैं।

राजपाल यादव का सफर संघर्षों से भरा रहा है। छोटे शहर से आकर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी कॉमिक शैली ने उन्हें खास बनाया। आज जब वह कठिन दौर से गुजर रहे हैं, तो इंडस्ट्री का समर्थन यह संकेत देता है कि प्रतिभा और रिश्ते दोनों लंबे समय तक टिकते हैं।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।