देश का केंद्रीय बजट 2026 एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किया जाएगा। यह बजट कई मायनों में खास है क्योंकि यह पहली बार रविवार के दिन पेश किया जा रहा है। इस बार का बजट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई चुनौतियों के बीच आ रहा है, खासकर अमेरिका द्वारा भारत से आने वाले सामान पर 50 फीसदी टैक्स लगाने के फैसले के बाद। ऐसे में यह बजट देश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालेगा।
बजट दरअसल सरकार का एक वित्तीय दस्तावेज होता है जिसमें यह बताया जाता है कि सरकार कहां-कहां पैसा खर्च करेगी, किन चीजों पर कितना टैक्स लगाएगी और ऐसे कौन से कदम उठाएगी जो अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेंगे। इस बार के बजट में खास बात यह है कि रविवार को स्टॉक एक्सचेंज भी खुले रहेंगे ताकि निवेशक बजट की घोषणाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया दे सकें।
बजट क्या होता है और क्यों जरूरी है
बजट सरकार की आर्थिक योजना का दस्तावेज होता है। इसमें सरकार बताती है कि अगले साल वह कितना पैसा कमाएगी और कहां खर्च करेगी। बजट में यह भी बताया जाता है कि किन क्षेत्रों को कितना पैसा मिलेगा, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा, सड़क निर्माण आदि। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि सरकार पैसा कमाने के लिए किन वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स बढ़ाएगी या घटाएगी।
आम नागरिकों के लिए बजट इसलिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इससे उनकी जेब पर सीधा असर पड़ता है। अगर सरकार पेट्रोल, डीजल, खाने-पीने की चीजों या दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाती है तो आम आदमी को ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता है। वहीं अगर टैक्स में छूट मिलती है तो लोगों को राहत मिलती है।
रविवार को क्यों पेश हो रहा है बजट
भारत के इतिहास में यह पहला मौका है जब केंद्रीय बजट रविवार के दिन पेश किया जा रहा है। आमतौर पर बजट सप्ताह के किसी कार्य दिवस पर पेश किया जाता है। इस बार रविवार को बजट पेश करने की खास वजह है कि सरकार चाहती है कि बजट की घोषणाओं पर बाजार और निवेशकों की तुरंत प्रतिक्रिया मिले। इसलिए स्टॉक एक्सचेंजों को भी इस दिन खोलने का फैसला लिया गया है।
यह फैसला इस बात को ध्यान में रखकर लिया गया है कि बजट की घोषणाएं शेयर बाजार पर बड़ा प्रभाव डालती हैं। अगर बजट में किसी क्षेत्र के लिए अच्छी घोषणाएं होती हैं तो उस क्षेत्र की कंपनियों के शेयर बढ़ जाते हैं और अगर नकारात्मक घोषणाएं होती हैं तो शेयर गिर जाते हैं।
स्टॉक एक्सचेंज रविवार को खुले रहेंगे
मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी एमएसईआई ने घोषणा की है कि एक फरवरी रविवार को बजट पेश होने के कारण वह ट्रेडिंग के लिए खुला रहेगा। एमएसईआई ने 19 जनवरी को जारी एक सूचना में अपने सदस्यों को बताया कि केंद्रीय बजट की प्रस्तुति के कारण एक फरवरी 2026 को एक्सचेंज सामान्य बाजार समय के अनुसार लाइव ट्रेडिंग सत्र आयोजित करेगा।
सिर्फ एमएसईआई ही नहीं बल्कि देश के दो सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज बीएसई और एनएसई भी रविवार को खुले रहेंगे। यह एक असाधारण कदम है क्योंकि आमतौर पर रविवार को शेयर बाजार बंद रहता है। लेकिन बजट के महत्व को देखते हुए यह विशेष व्यवस्था की गई है।
स्टॉक एक्सचेंज का समय और ट्रेडिंग
एमएसईआई का समय बीएसई और एनएसई की तरह ही रहेगा। सुबह 9 बजे से 9:08 बजे तक प्री-ओपनिंग सत्र होगा। इसके बाद सामान्य बाजार ट्रेडिंग सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक चलेगी। इस दौरान निवेशक शेयर खरीद और बेच सकेंगे।
रिपोर्टों के अनुसार एमएसईआई 27 जनवरी से लाइव ट्रेडिंग शुरू करेगा। यह बीएसई और एनएसई का प्रतिस्पर्धी है और 130 शेयरों में ट्रेडिंग शुरू करेगा। यह कदम भारतीय शेयर बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बजट में किन बातों पर रहेगी नजर
इस बार का बजट कई चुनौतियों के बीच आ रहा है। अमेरिका ने भारत से आने वाले सामान पर 50 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला किया है। इससे भारत का निर्यात प्रभावित हो सकता है। ऐसे में सरकार को निर्यातकों को राहत देने के उपाय करने होंगे।
साथ ही देश में रोजगार बढ़ाना, किसानों की आय बढ़ाना, मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत देना और बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताएं होंगी। लोगों को उम्मीद है कि इनकम टैक्स की सीमा बढ़ाई जाएगी ताकि आम लोगों को राहत मिले।
आर्थिक विकास और बजट
भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई चुनौतियां हैं। वैश्विक महंगाई, तेल की बढ़ती कीमतें, और व्यापार में बाधाएं भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं।
ऐसे में सरकार को संतुलित बजट पेश करना होगा जो एक तरफ विकास को गति दे और दूसरी तरफ महंगाई पर नियंत्रण रखे। बजट में यह भी देखा जाएगा कि सरकार राजकोषीय घाटे को कैसे नियंत्रित करती है और कर्ज लेने की अपनी योजना क्या है।
आम आदमी की उम्मीदें
आम लोग बजट से कई उम्मीदें रखते हैं। मध्यम वर्ग चाहता है कि इनकम टैक्स में छूट मिले। किसान चाहते हैं कि उन्हें फसलों की बेहतर कीमत मिले और कृषि में निवेश बढ़े। युवा चाहते हैं कि रोजगार के अवसर बढ़ें। महिलाएं चाहती हैं कि उनके लिए विशेष योजनाएं हों।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना, सस्ते घर उपलब्ध कराना और परिवहन सुविधाएं बेहतर करना भी लोगों की प्रमुख मांगें हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि वित्त मंत्री इन उम्मीदों पर कितना खरा उतरती हैं।
बजट 2026 कई मायनों में खास है। रविवार को पेश होना, अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बीच आना और स्टॉक एक्सचेंज का विशेष रूप से खुलना इसे अलग बनाता है। यह बजट देश की दिशा तय करेगा और आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था कैसे आगे बढ़ेगी, यह तय करेगा। सभी की निगाहें एक फरवरी पर टिकी हैं जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में यह महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश करेंगी।