नागपुर | सीबीआई ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। केरल की एक 68 वर्षीय बुजुर्ग महिला को निशाना बनाकर 1 करोड़ 86 लाख रुपये हड़पने वाले इस गिरोह के तीन मुख्य सरगनाओं को अलग-अलग राज्यों से दबोचा गया है।
तीन राज्यों में एक साथ गिरफ्तारी
Digital Arrest Scam Kottayam case: सीबीआई ने इस कार्रवाई के तहत महाराष्ट्र, गोवा, दिल्ली, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना में एक साथ छापेमारी की। नागपुर से गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद मुश्ताक ने एक शेल कंपनी बनाई थी, जिसके जरिए ठगी की अवैध रकम स्वीकार की जाती थी।
गोवा से पकड़े गए ब्लेसीन अब्राहम की भूमिका म्यूल बैंक खातों के संचालन और ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलने की थी। बेंगलुरु से गिरफ्तार तीसरे आरोपी मोहम्मद जुनैद ने लोगों को 5-जी अपग्रेड का झांसा देकर उनके केवाईसी दस्तावेज हासिल किए और फर्जी सिम कार्ड सक्रिय कराए। इन्हीं सिम का उपयोग विदेश से संचालित साइबर अपराधों में किया जाता था।
क्या था पूरा मामला?
यह ठगी केरल के कोट्टायम की 68 वर्षीय महिला को “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाकर की गई थी। आरोपियों ने महिला को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर करोड़ों रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
Digital Arrest Scam Kottayam case: सीबीआई की यह कार्रवाई देशभर में चर्चा का विषय बने डिजिटल अरेस्ट मामलों की जांच की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। आगे की जांच जारी है।
रिपोर्ट: Jassi, नागपुर