लद्दाख के लेह शहर में आज तड़के ताजा हल्की बर्फबारी हुई है जिसने क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे सूखे के दौर को समाप्त कर दिया है। इस बर्फबारी ने पूरे इलाके को एक सफेद सर्दियों की वादी में बदल दिया है। शहर के ऊंचे और नीचे दोनों इलाकों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। यह बर्फबारी लद्दाख के लोगों के लिए खुशी की खबर लेकर आई है क्योंकि यह पिघलते ग्लेशियरों को फिर से भरने और सूखते भूजल स्तर को सुधारने में मदद करती है।
हालांकि इस बर्फबारी के कारण सुबह के समय राजमार्गों, सड़कों पर यातायात और हवाई उड़ानों पर भी असर पड़ा है। फिर भी स्थानीय लोग इस बर्फबारी का स्वागत कर रहे हैं क्योंकि यह इलाके के लिए बेहद जरूरी थी।
बर्फबारी से बदला शहर का नजारा
लेह शहर की सुबह एकदम अलग नजर आई जब लोग नींद से जागे और अपने आसपास सब कुछ सफेद पाया। रातभर हुई हल्की बर्फबारी ने पूरे शहर को ढक लिया। घरों की छतें, पेड़ों की डालियां, सड़कें और पहाड़ियां सभी बर्फ की मोटी परत से ढक गए। यह नजारा देखकर बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी खुश नजर आए।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस साल सर्दियों में अब तक बहुत कम बर्फबारी हुई थी जिससे लोग चिंतित थे। लेकिन आज की बर्फबारी ने उनकी चिंता को कुछ हद तक कम कर दिया है। शहर के बाजारों में लोग इस मौसम का आनंद लेते नजर आए।
पर्यटकों के लिए खास आकर्षण
लेह में मौजूद पर्यटकों के लिए यह बर्फबारी एक खास तोहफा साबित हुई। जो पर्यटक बर्फबारी देखने के लिए लद्दाख आए थे उनकी मुराद पूरी हो गई। होटलों और गेस्ट हाउस में रुके पर्यटक सुबह-सुबह बाहर निकलकर बर्फ में खेलते और फोटो खींचते नजर आए।
एक पर्यटक ने बताया कि वे खासतौर पर बर्फबारी का अनुभव लेने लद्दाख आए थे और आज उनकी इच्छा पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि लेह की बर्फबारी बेहद खूबसूरत है और यह अनुभव उनके लिए यादगार रहेगा।
ग्लेशियरों और जल स्रोतों को मिलेगी राहत
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बर्फबारी लद्दाख के लिए बेहद जरूरी थी। पिछले कुछ सालों से इस इलाके में बर्फबारी कम होने की वजह से ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे थे। इससे भूजल स्तर भी लगातार नीचे जा रहा था। ताजा बर्फबारी से ग्लेशियरों को फिर से भरने में मदद मिलेगी।
स्थानीय पर्यावरणविद् ने बताया कि बर्फबारी इस क्षेत्र की जीवनरेखा है। लद्दाख के लोग पानी के लिए पूरी तरह से बर्फ और ग्लेशियरों पर निर्भर हैं। अच्छी बर्फबारी का मतलब है कि गर्मियों में पानी की कमी नहीं होगी।
यातायात पर पड़ा असर
बर्फबारी के कारण सुबह के समय लेह शहर और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित रहा। मुख्य सड़कों पर बर्फ जमा होने से गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई। राजमार्गों पर भी सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी गई।
स्थानीी प्रशासन ने सड़कों से बर्फ हटाने के लिए मशीनें लगा दी हैं। यातायात विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे जरूरी होने पर ही बाहर निकलें और सावधानी से गाड़ी चलाएं।
हवाई सेवाओं में देरी
लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे हवाई अड्डे पर भी बर्फबारी का असर देखा गया। सुबह की कुछ उड़ानों में देरी हुई। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने रनवे से बर्फ हटाने का काम तेजी से शुरू किया।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही हवाई अड्डे के लिए निकलें। हालांकि दोपहर तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
किसानों और पशुपालकों के लिए राहत
स्थानीय किसानों और पशुपालकों ने बताया कि यह बर्फबारी उनके लिए वरदान है। बर्फबारी से जमीन को नमी मिलती है जो फसलों के लिए जरूरी है। साथ ही चारागाहों में भी हरियाली आएगी जिससे पशुओं को चारा मिल सकेगा।
एक किसान ने कहा कि अगर अच्छी बर्फबारी होती है तो गर्मियों में पानी की कोई दिक्कत नहीं होती। इससे खेती और पशुपालन दोनों अच्छे से होते हैं।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में लद्दाख के कुछ हिस्सों में और बर्फबारी हो सकती है। तापमान में गिरावट जारी रहेगी। लोगों को ठंड से बचने के उपाय करने की सलाह दी गई है।
विभाग ने यह भी कहा है कि ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।
स्थानीय प्रशासन की तैयारी
जिला प्रशासन ने बर्फबारी को देखते हुए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। आपातकालीन सेवाएं तैयार रखी गई हैं। बर्फ हटाने वाली मशीनें और टीमें तैनात कर दी गई हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जरूरत का सामान घर में रखें और बिना जरूरत बाहर न निकलें। बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
इस बर्फबारी ने लद्दाख के लोगों में नई उम्मीद जगाई है। लंबे सूखे के बाद आई यह बर्फबारी क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी साबित होगी।