जरूर पढ़ें

Women leadership in India: महिलाएं नेतृत्व के लिए तैयार, वेतन असमानता और भेदभाव की जंजीर अभी भी कायम

Women leadership in India: महिलाएं नेतृत्व के लिए तैयार, वेतन असमानता और भेदभाव की जंजीर अभी भी कायम
Women leadership in India: महिलाएं नेतृत्व के लिए तैयार, वेतन असमानता और भेदभाव की जंजीर अभी भी कायम ( image - Lifeandmore )
Updated:

50,000 महिलाओं पर सर्वेक्षण

Women leadership in India: भारत के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली 67 प्रतिशत से अधिक महिलाओं का मानना है कि उनके कार्यस्थलों में वेतन समानता मौजूद है, जबकि 33 प्रतिशत महिलाओं को लगता है कि वेतन में अंतर है। ‘व्हाट वीमेन प्रोफेशनल्स वांट’ शीर्षक वाली यह रिपोर्ट देश के 50 से अधिक उद्योगों की 50,000 महिलाओं के बीच किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है। 67 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि उनके कार्यस्थलों पर वेतन समानता है, जबकि 33 प्रतिशत ने माना कि वहां समानता नहीं है।

Women leadership in India
Women leadership in India – ( image – facebook )

 

समान वेतन ऑडिट की मांग

Women leadership in India: रिपोर्ट में समान वेतन ऑडिट और मासिक धर्म अवकाश की बढ़ती मांग पर भी प्रकाश डाला गया है। उच्च वेतन श्रेणी वाले पेशेवरों में यह मांग सबसे अधिक देखी गई। समान वेतन ऑडिट और मासिक धर्म अवकाश की मांग पिछले वर्ष के 19 प्रतिशत से बढ़कर 27 प्रतिशत हो गई है। अधिक वेतन पाने वाली महिलाओं में यह मांग 48 प्रतिशत रही, जो दर्शाता है कि महिलाएं नेतृत्व के जितने करीब पहुंचती हैं, उन्हें अंतर उतना ही अधिक दिखाई देता है।

भेदभाव का डर

Women leadership in India: लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं ने भेदभाव के डर से विवाह या मातृत्व जैसी अपनी व्यक्तिगत योजनाओं को साझा नहीं किया। हर दो में से एक महिला (50 प्रतिशत) साक्षात्कार के दौरान अपनी शादी या मातृत्व संबंधी योजनाओं को साझा करने में हिचकिचाती है, जिसमें 34 प्रतिशत महिलाओं ने इसकी मुख्य वजह भेदभाव का डर बताया है। यह हिचकिचाहट अनुभव बढ़ने के साथ और गहरी होती जाती है। नवागंतुकों में यह दर 29 प्रतिशत है, जो 10-15 साल के अनुभव वाली महिलाओं में बढ़कर 40 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। करीब 42 प्रतिशत महिलाओं ने माना कि भर्ती और पदोन्नति में होने वाला भेदभाव कार्यस्थल पर उनकी सबसे बड़ी चुनौती है।

दक्षिण की महिलाओं में नेतृत्व की इच्छा प्रबल

Women leadership in India: पिछले वर्ष की तुलना में इस धारणा में सात आधार अंकों की वृद्धि हुई है। चेन्नई (44 प्रतिशत) और दिल्ली/एनसीआर (43 प्रतिशत) जैसे महानगरों में भी यही रुझान देखा गया है। इन चुनौतियों के बीच 83 प्रतिशत महिलाओं ने नेतृत्व की भूमिकाएं निभाने के लिए खुद को प्रोत्साहित महसूस किया, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 66 प्रतिशत था। दक्षिण भारतीय शहरों की महिलाओं में नेतृत्व की इच्छा विशेष रूप से प्रबल देखी गई। इन्फो एज इंडिया की समूह सीएमओ सुमीत सिंह ने कहा, “यह तथ्य कि 83 प्रतिशत महिलाएं नेतृत्व के लिए प्रोत्साहित महसूस करती हैं, उत्साहजनक है। हालांकि, यह चिंता का विषय है कि हर दो में से एक महिला को साक्षात्कार में अब भी अपनी व्यक्तिगत योजनाएं छिपानी पड़ती हैं। यह बताता है कि अभी बहुत काम किया जाना बाकी है।

Women leadership in India:  वेतन असमानता उद्योग के अनुसार

उद्योग वेतन असमानता (%)

रियल एस्टेट 42%
एफएमसीजी 38%
दवा और जीवन विज्ञान 38%
वाहन उद्योग 37%
रिटेल 35%
होटल एवं रेस्तरां 35%
आईटी सेवाएं 34%
टेलीकॉम 34%
चिकित्सा सेवा 33%
तेल एवं गैस 33%
————————–
समान वेतन ऑडिट और मासिक धर्म अवकाश की मांग

श्रेणी प्रतिशत
पिछला वर्ष 19%
इस वर्ष 27%
उच्च वेतन वाली महिलाएं 48%
———————–
व्यक्तिगत योजनाओं को साझा न करने वाली महिलाएं

श्रेणी प्रतिशत
कुल महिलाएं 50%
नवागंतुक 29%
10-15 साल अनुभव वाली महिलाएं 40%
——————
भर्ती और पदोन्नति में भेदभाव को चुनौती मानने वाली महिलाएं

श्रेणी प्रतिशत
कुल 42%
पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि 7%
——————
नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए प्रोत्साहित महिलाएं

श्रेणी प्रतिशत

कुल महिलाएं 83%
पिछले वर्ष 66%
चेन्नई 44%
दिल्ली/एनसीआर 43%


Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Priyanka C. Mishra

प्रियंका सी. मिश्रा वरिष्ठ हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें समाचार लेखन, स्क्रिप्टिंग, रिपोर्टिंग और विश्लेषण में व्यापक अनुभव है। वे सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक विषयों के साथ-साथ बॉलीवुड, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल जैसे विविध क्षेत्रों पर लेखन करती हैं। जटिल मुद्दों को सरल और स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना उनकी विशेषता है। तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष दृष्टिकोण और संवेदनशील शैली के कारण उन्होंने पाठकों का विश्वास अर्जित किया है। पत्रकारिता, हिंदी कंटेंट निर्माण और यूट्यूब स्क्रिप्ट लेखन के प्रति वे समर्पित हैं।