भारतीय क्रिकेट में एक नया इतिहास रच दिया गया है। बिहार के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने महज 14 साल की उम्र में भारत अंडर-19 टीम की कप्तानी करके एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 3 जनवरी 2026 को दक्षिण अफ्रीका अंडर-19 के खिलाफ तीन मैचों की यूथ वनडे सीरीज के पहले मैच में सूर्यवंशी ने यह कारनामा किया। यह मैच बेनोनी के विलोमूर पार्क में खेला गया।
सूर्यवंशी ने यूथ वनडे इतिहास में सबसे कम उम्र के कप्तान बनने का गौरव हासिल किया है। इसके साथ ही उन्होंने 16 साल की उम्र से पहले किसी भी अंडर-19 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में राष्ट्रीय टीम की कप्तानी करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी का खिताब भी जीत लिया है।
मौका कैसे मिला कप्तानी का
वैभव सूर्यवंशी को यह कप्तानी का मौका अचानक मिला था। दरअसल, भारत अंडर-19 टीम के मुख्य कप्तान आयुष म्हात्रे और उप-कप्तान विहान मल्होत्रा चोटिल हो गए थे। दोनों खिलाड़ियों को चोट के कारण पहले वनडे मैच से बाहर रखा गया था। इसी वजह से टीम प्रबंधन ने सूर्यवंशी को अस्थायी कप्तान बनाया। लेकिन जो एक अस्थायी व्यवस्था थी, वह एक ऐतिहासिक पल में बदल गई।
यह पहली बार था जब सूर्यवंशी ने किसी भी स्तर पर भारतीय राष्ट्रीय टीम की कप्तानी की। माना जा रहा है कि म्हात्रे और मल्होत्रा आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के लिए फिटनेस हासिल कर लेंगे। यह टूर्नामेंट 15 जनवरी से जिम्बाब्वे और नामीबिया में शुरू होने वाला है।
पाकिस्तान के अहमद शहजाद का रिकॉर्ड टूटा
वैभव सूर्यवंशी ने इस मैच के साथ ही पाकिस्तान के अहमद शहजाद का लंबे समय से कायम रिकॉर्ड तोड़ दिया। शहजाद ने 2007 में यह रिकॉर्ड बनाया था। अब सूर्यवंशी यूथ वनडे इतिहास में सबसे कम उम्र के कप्तान बन गए हैं।
दुनियाभर में केवल पांच खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने 16 साल की उम्र से पहले अपने देश की यूथ इंटरनेशनल टीम की कप्तानी की है। इस खास समूह में अब सूर्यवंशी भी शामिल हो गए हैं। इस सूची में बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज, अफगानिस्तान के फरहान जाखिल, जिम्बाब्वे के एंबीशियस मुदुमा और पाकिस्तान के सआद बेग जैसे नाम शामिल हैं।
भारत में सबसे कम उम्र के कप्तान
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में भी सूर्यवंशी ने एक नया मानक स्थापित किया है। इससे पहले भारत में सबसे कम उम्र के यूथ वनडे कप्तान अभिषेक शर्मा थे। अभिषेक ने 2016 में 16 साल और 105 दिन की उम्र में टीम की कप्तानी की थी। अब सूर्यवंशी ने उनका रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है।
अभिषेक शर्मा के अलावा, केवल तन्मय श्रीवास्तव, ध्रुव जुरेल और पार्थिव पटेल ने ही 17 साल की उम्र से पहले भारत अंडर-19 टीम की कप्तानी की है। अब इस खास सूची में चौथा नाम वैभव सूर्यवंशी का भी जुड़ गया है।
रिकॉर्डों की झड़ी
वैभव सूर्यवंशी सिर्फ कप्तानी के मामले में ही नहीं, बल्कि बल्लेबाजी में भी कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। पिछले दो सालों में उन्होंने लगातार उम्र से जुड़े कई रिकॉर्ड तोड़े हैं।
सूर्यवंशी अंडर-19 टेस्ट और वनडे दोनों में सबसे कम उम्र में शतक बनाने वाले खिलाड़ी हैं। इसके अलावा, यूथ वनडे में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है। यह उपलब्धियां उनकी असाधारण प्रतिभा को दर्शाती हैं।
आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में धमाल
उम्र दर्जे के क्रिकेट के अलावा, सूर्यवंशी ने सीनियर स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ी है। उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। आईपीएल में उनकी बल्लेबाजी ने कई दिग्गजों का ध्यान खींचा है।
इसके अलावा, सूर्यवंशी ने इंडिया ए टीम के लिए भी खेला है। घरेलू क्रिकेट में बिहार की तरफ से उनके प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। रणजी ट्रॉफी और अन्य घरेलू टूर्नामेंटों में उनके प्रदर्शन की काफी सराहना हुई है।
भविष्य की संभावनाएं
14 साल की उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बाद वैभव सूर्यवंशी के सामने भविष्य की अनंत संभावनाएं हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वे इसी तरह मेहनत और लगन से खेलते रहे, तो जल्द ही भारतीय सीनियर टीम में जगह बना सकते हैं।
आगामी आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में सूर्यवंशी से बड़ी उम्मीदें हैं। हालांकि उन्हें इस टूर्नामेंट में कप्तानी नहीं मिलेगी क्योंकि आयुष म्हात्रे फिट होकर वापस आ जाएंगे, लेकिन एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में उनकी भूमिका अहम रहेगी।
प्रेरणा का स्रोत
वैभव सूर्यवंशी की यह उपलब्धि पूरे देश के युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। बिहार जैसे राज्य से आकर राष्ट्रीय स्तर पर इतना बड़ा मुकाम हासिल करना उनकी मेहनत और समर्पण को दर्शाता है।
उनकी सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर कोई भी युवा खिलाड़ी अपने सपने पूरे कर सकता है। सूर्यवंशी ने दिखाया है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है और असली चीज है आपका जुनून और लगन।
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 3 जनवरी 2026 का दिन हमेशा याद रखा जाएगा। वैभव सूर्यवंशी ने जो इतिहास रचा है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। उनका यह सफर अभी शुरू ही हुआ है और क्रिकेट प्रेमी उनसे और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद कर रहे हैं।